कांग्रेस के पास राहुल गांधी का 'विकल्प' नहीं

जयपुर में आयोजित कांग्रेस के चिंतन शिविर में राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष बना दिया गया है.
इस घटनाक्रम को वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रामकृपाल सिंह कांग्रेस पार्टी के समर्थकों और युवा मतदाताओं के लिए एक बड़ी खबर मानते हैं.
वे कहते हैं कि इसकी उम्मीद तो पहले से ही थी, इसे अब बस औपचारिक रूप से घोषित कर दिया गया है.
उनका मानना है कि कांग्रेस में कई लोग ऐसे हैं जो भारतीय जनता पार्टी या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को पसंद नहीं करते, लेकिन अपनी ही पार्टी में किसी चेहरे के अभाव में भटककर यहां-वहां जा रहे थे, उनके लिए राहुल गांधी का उपाध्यक्ष बनना बड़ी खबर है.
वे मानते हैं कि कांग्रेस में नेतृत्व जब भी गांधी परिवार से नहीं आया, पार्टी तब हमेशा ही टूटती रही है, ये पार्टी का अंदरुनी मामला है.
वे कहते हैं, ''मोदी का नाम भारतीय जनता पार्टी आगे बढ़ाती, इससे पहले ही कांग्रेस ने राहुल गांधी का नाम आगे बढ़ा दिया है.
मोदी बनाम राहुल
भारतीय जनता पार्टी भी ये जानती है कि नरेंद्र मोदी ही उनके ऐसे नेता है जो पार्टी के सत्ता के नजदीक तक पहुंचा सकते हैं. देर-सवेर इस सच्चाई को सभी स्वीकार करेंगे.''
वे कहते हैं, ''राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस में ऐसे कितने नेता हैं जिनके नाम पर पार्टी में सहमति होती. लोकप्रियता के मामले में भी कांग्रेस में राहुल गांधी जैसा दूसरा नेता नहीं है जिसे सारा देश जानता है.''
उनका मानना है कि भारत के युवा भी अब यह समझने लगा है कि देश में आर्थिक-सामाजिक बदलाव किसी पार्टी के बूते नहीं होता है, भारतीय जनता पार्टी की सरकार भी आ जाए तब भी विकास दर नौ प्रतिशत पर नहीं पहुंच पाएगी, समाज में जो चुनौतियां और विरोधाभास रहे हैं, वो आज के नहीं है अतीत में भी रहे हैं.
वे कहते हैं, ''राहुल अंतर्मुखी हैं, इसका मतलब ये नहीं है कि उनमें समझ नहीं है. उन्हें अभी तक प्रदर्शन करने का मौका नहीं मिला है. राहुल गांधी को कांग्रेस उपाध्यक्ष बनाया जाना चाहे एक मजबूरी हो या पसंद, ये एक सही कदम है और कांग्रेस के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था.''
ठंडी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी को पार्टी में नंबर दो का नेता बनाए जाने पर विपक्ष ने बहुत ठंडी प्रतिक्रिया दी है. प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी के प्रवक्ता शहनवाज़ हुसैन ने कहा है कि, "राहुल गांधी पहले भी कांग्रेस में नंबर दो थे, ये कोई नई बात नहीं है. उनके उपाध्यक्ष बनने से न तो देश को कोई लाभ होनेवाला है और ना ही कांग्रेस पार्टी को कोई लाभ होनेवाला है."












