अब ओवैसी के लिए कुछ मंदिरों में पूजा

भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेल में बंद मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी की रिहाई के लिए अब हैदराबाद के कुछ मंदिरों में पूजा की जा रही है.
हैदराबाद में अकबरुद्दीन ओवैसी के विधानसभा क्षेत्र चान्द्रायन गुटटा के दो मंदिरों में उनके लिए पूजा आयोजित की गई और एक हवन भी किया गया.
40 वर्षीय अकबरुद्दीन इस चुनाव क्षेत्र से अब तक तीन बार चुने जा चुके हैं.
इलाके में रहनेवाली अनीता का कहना था, "जब हमने अपने विधायक को बताया की बार-बार कहने के बावजूद सरकार इन मंदिरों की हालत पर कोई ध्यान नहीं दे रही, तो अकबरुद्दीन ने इन मंदिरों की मरम्मत करवाई और शेड बनवाए. अब हम इस मुश्किल समय में उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं."
हाल के कुछ वर्षों में मजलिस ने अपना दायरा फैलाया है और हिन्दुओं, विशेषकर दलितों में उसकी लोकप्रियता बढ़ी है.
हाल ही में पार्टी ने महाराष्ट्र के नांदेड में नगरपालिका के चुनाव में दलितों के साथ गठबंधन किया और 11 सीटें जीतीं.
हैदराबाद नगरपालिका में मजलिस के 44 सदस्यों में सात हिन्दू हैं. पार्टी ने विधानसभा चुनाव में भी तीन हिन्दू प्रत्याशी खड़े किये थे लेकिन उनमें कोई नहीं जीत पाया.
हिन्दुओं में लोकप्रियता
अकबरुद्दीन ओवैसी के विधानसभा चुनाव क्षेत्र चान्द्रायन गुटटा के जिन दो मंदिरों - मैसम्मा मंदिर और भूलाक्ष्मी मंदिर - में पूजा और हवन हुए हैं उन की मरम्मत का काम ओवैसी ने ही करवाया था.
इधर सैंकड़ों मुसलमानों ने भी हैदराबाद की मशहूर युसुफ़ैन दरगाह में जमा हो कर अकबरुद्दीन के लिए दुआएं मांगी हैं.
साथ ही नगर की कई मस्जिदों में भी आयोजन किए गए. शुक्रवार के अवसर पर भी उनकी रिहाई की अपील की गई है.
जुमा की नमाज़ के लिए बड़े पैमाने पर मुसलामानों के जमावड़े के मद्देनज़र हैदराबाद के पुराने शहर में सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं.
अकबरुद्दीन ने 12 दिसंबर को एक जनसभा में विवादस्पद भाषण दिया था. उन पर हिन्दू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे हैं. दो संप्रदायों के बीच नफरत को बढ़ावा देने और देश के खिलाफ युद्ध जैसे गंभीर आरोपों में मामले दर्ज हो चुके हैं.
अकबरुद्दीन के भाषण की व्यापक पैमाने पर निंदा हुई है. लेकिन हैदराबाद सहित आंध्र प्रदेश के कई स्थानों और पडोसी राज्यों कर्नाटक और महाराष्ट्र में उनकी गिरफ़्तारी के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए हैं.
कैदी नम्बर 7546

भड़काऊ भाषण देने के आरोप में अकबरुद्दीन इस समय 14 दिन की न्यायिक हिरासत में आदिलाबाद की ज़िला जेल में हैं जहां उन्हें कैदी नंबर 7546 मिला है और उन्हें आम कैदी की तरह रखा गया है. उन्हें जेल में बना खाना दिया जा रहा है.
उनकी पार्टी के नेताओं का कहना है कि जेल में ओवैसी को कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं. इस बीच अकबरुद्दीन के बड़े भाई और मजलिस के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है की अकबरुद्दीन को कांग्रेस सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने अपनी साज़िश का निशाना बनाया है इसीलिए उन पर विद्रोह, देश के खिलाफ युद्ध और षडयंत्र जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
उन्होंने कहा, "हमें अदालत पर पूरा भरोसा है और अदालत अकबरुद्दीन को बरी करेगी."












