नोएडा बलात्कार मामले में तीन हिरासत में

उत्तर प्रदेश पुलिस ने नोएड़ा सेक्टर 63 में एक युवती के बलात्कार और हत्या के बाद तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत लिया है.
21 वर्षीय वो युवती एक फैक्ट्री में काम करती थी. रविवार को महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पीड़ित के परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने शुरुआत में शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया था और साथ ही परिवार को शरीर देने में देरी की.
पीड़ित महिला शुक्रवार रात को फैक्ट्री से अपने घर लौटते वक्त गायब हो गई थी.
उनका अर्धनग्न शरीर शनिवार सुबह सेक्टर 63 के पुश्ता इलाके से मिला. शरीर पर चोट के कई निशान थे.
वो अपने परिवार की सबसे बड़ी बेटी थीं. फैक्ट्री में वो इसलिए देर रात काम कर रही थीं ताकि परिवार के लिए कुछ ज्यादा धन कमा सकें.
पीटीआई ने बताया कि नोएडा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है.
ज़ोर-जबर्दस्ती
परिवार ने स्थानीय युवकों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है.
उनका कहना है कि चार साल पहले महिला का पीछा करने वाला एक नवयुवक उससे मिलने के लिए जबरदस्ती घर में घुस गया था.
आसपास के लोगों के बीच-बचाव के बाद मामले को सुलझाया और उस नवयुवक को चेतावनी के बाद छोड़ दिया गया.
परिवार के मुताबिक पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की.
पुलिस ने इस नवयुवक को भी हिरासत में लिया है.
सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस दोषियों को ढूँढने की कोशिश कर रही है.
राष्ट्रीय महिला आयोग प्रमुश ममता शर्मा ने जिम्मेदार पुलिस कर्मियों को सजा दिए जाने की मांग की है.
ग्रेटर नोएडा में महिला सामाजिक समिति के कार्यकर्ताओं ने दोषियों को सजा दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए.
नोएडा उद्यमी सभा ने भी नोएडा स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की बात कही है.
नोएडा उद्यमी सभा प्रमुख विपिन मल्हान ने कहा कि शहर में महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है.
उन्होंने बताया कि सेक्टर 63, 64 और 65 की फैक्ट्रियो में करीब 50,000 मजदूर काम करते हैं जिनमें 40 प्रतिशत महिलाएँ हैं जो इस घटना से बहुत डरी हुई हैं.












