दिल्ली बलात्कार मामले में चार्जशीट दायर

दिल्ली में हुए पिछले दिनों हुए गैंग रेप मामले में चार्जशीट दायर हो गई है.
पांच अभियुक्तों के ख़िलाफ़ हत्या, अपहरण और बलात्कार के आरोप लगाए गए हैं. दिल्ली के साकेत कोर्ट परिसर में एक जांच अधिकारी ने बताया कि सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर कर दी गई है और अब अगली सुनवाई पाँच जनवरी को होगी.
पुलिस ने जो आरोप पत्र दाख़िल किया है उसमें साथ में ये भी कहा है कि किसी भी तरह पीड़ित लड़की का नाम उजागर नहीं होना चाहिए.
कहा गया है कि जो भी दस्तावेज़ सौंपे जाएँगे उनमें लड़की का नाम नहीं होगा. सिर्फ़ जो शुरुआती दस्तावेज़ है उसमें लड़की का नाम है मगर वो भी सीलबंद लिफ़ाफ़े में कोर्ट के पास रहेगा.
इस मामले में पुलिस ने 33 लोगों को गवाह बनाया है.
दिन भर मीडिया और वकील कोर्ट परिसर में आरोप पत्र दायर होने का इंतज़ार करते रहे. पुलिस ने शाम लगभग साढ़े पाँच बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने जाकर चालान दिया.
पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया कि चूँकि दस्तावेज़ काफ़ी थे और काफ़ी काम करना था इसलिए इतना समय लगा.
यह चार्जशीट पचास पन्नों की है लेकिन साक्ष्यों और अन्य सबूतों कों मिलाकर दिल्ली पुलिस ने करीब हज़ार पन्नों की चार्जशीट दायर की है.
सुनवाई
मामले की सुनवाई फास्ट कोर्ट में हर दिन होनी है और उम्मीद है कि मामले में फैसला एक महीने में आ जाएगा.
मामले में एक और अभियुक्त है जो अभी नाबालिग है इसलिए उसके उम्र संबंधी परीक्षणों के बाद उसके खिलाफ आरोप तय होंगे.
सभी अभियुक्तों को आरोप पत्र दायर करते समय अदालत में पेश नहीं किया गया.

क़ानूनन जब आरोप पत्र दायर होता है तो अभियुक्तों का अदालत में मौजूद होना अनिवार्य है लेकिन पुलिस का कहना है कि सुरक्षा कारणों से अभियुक्तों को अदालत में पेश नहीं किया जाएगा.
चार्जशीट दायर होने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट इस मामले की रोजाना सुनवाई करेगी.
पृष्ठभूमि
देश की राजधानी में 23 वर्षीय छात्रा के सामूहिक बलात्कार के इस मामले में छह अभियुक्त गिरफ़्तार किए गए हैं. बताया जाता है कि अभियुक्तों में एक नाबालिग भी है जिसे बाल सुधार गृह में रखा गया है. बाकी पांच अभियुक्तों को दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है.
पुलिस ने कथित रूप से नाबालिग अभियुक्त की उम्र की पुष्टि के लिए मेडिकल जांच का आदेश दिया है.
आज से शुरू होने वाली अदालती कार्यवाही में पांचों अभियुक्तों की मौजूदगी के बारे में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है. आरोप साबित होने पर इन्हें फांसी की सज़ा सुनाई जा सकती है.
मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक पुलिस इस मामले में अभियुक्तों के विरुद्ध 1,000 पन्नों का चार्जशीट दायर कर सकती है. बताया जाता है कि इस मामले में 30 गवाह नामज़द किए गए हैं, जिनमें दिल्ली और सिंगापुर में पीड़िता की जान बचाने की कोशिश करने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं.
मरने के पहले पीड़िता ने अपना बयान दर्ज कराया था. साथ ही घटना के दौरान पीड़िता के साथ मौज़ूद उसके साथी का बयान भी इस मामले में अहम है.
सुप्रीम कोर्ट के वकील ध्यान कृष्णन इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किए गए हैं.












