
धोनी ने भारतीय गेंदबाज़ों की सराहना की है.
भारत-इंग्लैंड के बीच अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडिएम में खेला गया पहला टेस्ट मैच भारत ने नौ विकेट से जीत लिया है. जीत से जहां भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का हौसला बुलंद हुआ, वहीं इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने दूसरे टेस्ट मैच में वापसी करने का वादा किया है.
कप्तान धोनी ने इस जीत का श्रेय टीम को देते हुए कहा कि पहले टेस्ट में पूरी टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया.
धोनी ने कहा, ''जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ रहा था, स्पिनर्स को कम उछाल मिलने लगी थी, इस वजह से उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी. लेकिन उन्होंने पुरज़ोर प्रयास किया.''
मुंबई में वापसी का वादा
वहीं इंग्लैंड के लिए 176 रन की कप्तानी पारी खेलने वाले एलिस्टर कुक ने भी अपनी टीम की तारीफ की है और कहा है कि इंग्लैंड की टीम आखिरी समय तक जीत की पुरज़ोर कोशिश करती रही.
एलिस्टर कुक ने कहा, ''कई कारण हैं जिनकी वजह से हम हारे. हमारी पहली पारी बहुत उम्दा नहीं थी. फिर भी दूसरी पारी में हमने वापसी का भरसक प्रयास किया. कांटे का मुकाबला था और उम्मीद की किरण नजर तो हमेशा ही नजर आती है.''
मुंबई में दूसरे टेस्ट मैच में वापसी का वादा करते हुए कुक ने कहा, ''मुंबई के लिए हम कड़ी मेहनत करेंगे. पहली पारी में रनों की जरूरत होगी, भारतीय उप-महाद्वीप में खेलने के लिए रन बड़े जरूरी हैं.''
पुजारा के हौसले बुलंद
"गेंद सख्त थी और बल्ले पर ही आ रही थी. दोहरा शतक जड़ने के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है."
चेतेश्वर पुजारा
चेतेश्वर पुजारा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में शानदार 206 रनों का योगदान दिया था.
इस बारे में पुजारा ने कहा, ''ये गज़ब का अनुभव था. मैं चोट की वजह से लगभग एक साल तक फॉर्म में नहीं था, फिर जब मैं लौटा तो ड्रेसिंग रूम का माहौल अच्छा लगा.''
पुजारा ने कहा, ''गेंद सख्त थी और बल्ले पर ही आ रही थी. दोहरा शतक जड़ने के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है.''
भारतीय गेंदबाजों की सराहना करते हुए पुजारा ने कहा, ''कुछ समय ऐसा भी लगा कि पिच धीमी पड़ रही है. तब गेंदबाजों के लिए विकेट निकालना मुश्किल हो रहा था. हमारे गेंदबाजों ने संयम दिखाया और इंग्लैंड की पूरी टीम को दो बार आउट कर दिया. मैं इसके लिए गेंदबाजों को बधाई देना चाहता हूं.''








