
नितिन गडकरी के ताज़ा बयान से सबसे ज़्यादा हंगामा हुआ है
स्वामी विवेकानंद और अंडरवर्ल्ड माफिया दाऊद इब्राहिम की आईक्यू यानी बौद्धिक क्षमता को समान बताने वाले भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी का यह पहला विवादास्पद बयान नहीं है.
इससे पहले भी वे कई बार इसी तरह के बयान अपने विवादों के घेरे में आए हैं.
विवेकानंद और डॉन
महिलाओं की पत्रिका ओजस्विनी के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंचे गडकरी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद और माफ़िया डॉन दाऊद इब्राहिम का आईक्यू एक जैसा था.
उन्होंने कहा कि दोनों का आईक्यू एक जैसे ज़रूर थे, लेकिन उनकी ज़िंदगी की दिशा अलग थी.
गडकरी ने कहा, ''ज़िंदगी में उनकी दिशा एक को स्वामी बना गई तो दूसरे को अंडरवर्ल्ड डॉन. एक ने इसका इस्तेमाल समाज की बेहतरी के लिए किया तो दूसरे ने आतंक फैलान के लिए किया.''
अफ़ज़ल गुरू 'दामाद'
जुलाई 2010 में देहरादून में एक रैली में गडकरी ने अफ़ज़ल गुरु को फाँसी देने में हो रही देरी पर कांग्रेस की जमकर आलोचना की और साथ ही विवादास्पद बयान भी दिया.
उन्होंने कहा, "क्या अफ़ज़ल गुरु कांग्रेस का दामाद है? कांग्रेस ने अपनी बेटी अफ़ज़ल गुरु को दी हुई है क्या? उसके साथ इतना विशेष बर्ताव क्यों किया जा रहा है."
'तलुए चाटने वाले'
इससे कुछ महीने पहले उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह के बारे में बयान दिया था.
भाजपा के कटौती प्रस्ताव पर यूपीए का साथ देने के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा था कि लालू प्रसाद और मुलायम सिंह सीबीआई से डरते हैं.
चंडीगढ़ में अपनी जनसभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने दोनों नेताओं को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के तलुए चाटने वाले की संज्ञा दी थी.
बलात्कार
ऐसी ही एक बार मुलायम सिंह यादव ने बयान दिया कि बलात्कार की पीड़ित महिलाओं को सरकारी नौकरियाँ दी जाएंगी अगर वो पड़ी लिखी होंगी.
इसके जवाब में गडकरी ने कहा कि वो ऐसे प्रशासन चाहेंगे जहां बलात्कार करने वालों के हाथ काट दिए जाएंगे ताकि कोई किसी इज्ज़त लूटने की सोचें भी नहीं.








