समर्थन पर मायावती ने फैसला टाला

मायावती के फ़ैसले को उनके ख़िलाफ़ चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है
इमेज कैप्शन, मायावती के फ़ैसले को उनके ख़िलाफ़ चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार से समर्थन वापस लेने के फैसले को फिलहाल टाल दिया है.

हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी समय से पहले चुनाव होने की स्थिति में चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

लखनऊ में पार्टी की कार्यकारिणी और संसदीय दल की बैठक के बाद एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "समर्थन वापस लेने के बारे में अंतिम फैसला पार्टी ने मुझपर छोड़ दिया है, मैं जल्द ही इसपर सोच विचार कर अपना फैसला आपके सामने रखूंगी."

केन्द्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए मायावती ने उनके खिलाफ पूरे देश में अभियान चलाने की बात भी कही.

सरकार के लिए अहम

तृणमूल कांग्रेस के यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद कांग्रेस पार्टी के लिए बाहरी समर्थन बेहद ज़रूरी है, जिससे समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसी पार्टियों की भूमिका अहम् हो गई है.

बहुजन समाज पार्टी के लोकसभा में 21 सांसद हैं औऱ समाजवादी पार्टी के 22.

गौरतलब है कि मायावती पर आय से अधिक संपत्ति के मामले चल रहे हैं जिनकी तहकीकात सीबीआई कर रही है.

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई, बहुजन समाज पार्टी, बसपा, अध्यक्ष मायावती के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले की तहकीकात करने के लिए स्वतंत्र है.