
पुलिस का कहना है कि झारखंड के देवघर जिले में एक धार्मिक अनुष्ठान में मची भगदड़ में नौ लोगों की मौत हो गई है जबकि 15 घायल हुए हैं.
पुलिस का कहना है कि मारे गए लोगों में आठ महिलाएं और एक बच्चा शामिल है.
घायलों का इलाज देवघर के स्थानीय अस्पताल में चल रहा है. घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम मुख्यतौर पर आश्रम की प्रबंध समिति के लोगों और स्थानीय युवकों नें किया.
मरने वालों में भी ज्यादातर लोग बिहार के बताए जाते हैं लेकिन अभी तक उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है.
अभी तक भगदड़ के कारणों का पता नहीं चल पाया है. जिला प्रशासन नें मामले की जांच शुरू कर दी है.
देवघर के पुलिस अधीक्षक सुबोध प्रसाद का कहना है संत ठाकुर अनुकूल चंद्रा की 125 वीं जयंती पर देवघर में स्थित उनके आश्रम में श्रद्धालू भारी संख्या में जमा थे, उसी दौरान भगदड़ मची.
'अनुमति नहीं ली गई'
मगर पुलिस का कहना है कि आश्रम के प्रबंधन नें आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी. प्रबंधन के लोग अपने स्तर पर ही आयोजन की देख रेख कर रहे थे.
कुछ स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि आश्रम में पुलिस मौजूद ही नहीं थी जिससे भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सका और इसी वजह से भगदड़ मची.
एक अनुमान के मुताबिक़ ठाकुर अनुकूल चंद्रा की जयंती के मौके पर कम से कम लाख लोग आश्रम में जमा हुए थे.
इनमे ज़्यादातर लोग बिहार, ओडिशा और बंगाल से आये हुए थे.
झारखण्ड विकास मोर्चा के विधायक प्रदीप यादव नें स्थानीय प्रशासन पर ग़ैर जिम्मेदाराना रवैए का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जब हर साल इतने श्रद्धालू आश्रम में जमा होते हैं तो फिर यह प्रशासन की जवाबदेही है कि भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाए.









