हिमस्खलन और बाढ़ से 27 लोगों की मौत

भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम के सुदूर इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 27 लोग मारे गए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि मृतकों में इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) और बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेश (बीआरओ) के जवान भी शामिल हैं.
खबरों में कहा गया है कि कम से कम 21 शव मिल गए हैं जबकि आठ अन्य अभी भी लापता हैं. वहीं असम और अरूणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पहले से बदतर हो गई है.
सेना और भारतीय वायुसेना के जवानों ने इलाके में राहत और बचाव कार्य शुरू किया है. यहां 19 सितम्बर से ही भारी बारिश हो रही है जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है.
असम जलमग्न

असम के 15 ज़िलों में बाढ़ के हालात और ज़्यादा बिगड़ गए हैं जहां कई इलाक़े पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं.
डिब्रू-सैखोवा के ज़्यादातर हिस्से, काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और पोबितोरा वन्य जीव अभयारण्य में बाढ़ का पानी घुस गया है.
ब्रहमपुत्र नदी उफान पर है और उसकी सहायक नदियों में भी पानी बढ़ रहा है.
इससे डिब्रूगढ़, शोणितपुर, तिनसुकिया, गोलघाट, मोरीगांव, धेमाजी, कामरूप, लखीमपुर, बक्सा, बारपेटा, जोरहाट, नलबाड़ी, सिबसागर और उदालगुड़ी ज़िलों में लगभग पांच लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
नॉर्थ सिक्किम जिले के डिप्टी कमिश्नर टी डब्ल्यू खानशेरपा का कहना है कि भूस्खलन की वजह से चुंगथांग और मंगन के बीच कई जगहों पर मुख्य सड़क मार्ग बाधित हुआ है.
अरूणाचल प्रदेश, भूटान के पहाड़ी इलाकों और असम में बीते 15 दिनों से बारिश हो रही है.
इसकी वजह से ब्रह्मपुत्र समेत इलाक़े की तमाम छोटी-बड़ी नदियां ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.












