आरुषि हत्याकांड: नूपूर तलवार को ज़मानत

आरुषि-हेमराज हत्याकांड में अभियुक्त नूपुर तलवार को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दे दी है लेकिन वो 25 सितंबर के बाद ही रिहा होंगी.
नूपुर 30 अप्रैल से ग़ाज़ियाबाद के दासना जेल में हैं और इससे पहले उनकी हर ज़मानत याचिका को अदालतों ने खारिज कर दिया था.
नूपुर तलवार की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को अदालत ने कहा कि वो फ़िलहाल 25 सितंबर तक जेल में रहेंगी क्योंकि निचली अदालत में चल रही गवाहियां 25 तारीख को ख़त्म होंगी.
सुप्रीम कोर्ट में नूपुर तलवार के वकीलों ने दलील दी कि सीबीआई ने इस केस के सभी गवाहों के बयान ले लिए हैं. उनकी गवाही पूरी हो चुकी है. ऐसे में कानून के मुताबिक नूपुर तलवार जमानत की हकदार हैं क्योंकि अब उनसे गवाहों को प्रभावित करने का खतरा नहीं है.
मामले में पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा था कि अगर नूपुर तलवार को ज़मानत मिलती है तो वो गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं.
नूपुर को ज़मानत देते हुए अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो, सीबीआई, से सभी अभियोजन पक्ष के बाकी गवाहों की गवाही पूरी करने का आदेश दिया.
नूपुर तलवार और उनके पति राजेश तलवार पर अपनी बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या का आरोप है. 14-वर्षीय आरुषि और हेमराज की लाशें मई 2008 में नोएडा में तलवार दंपति के घर में मिली थी.
राजेश तलवार पहले ही ज़मानत पर बाहर हैं.
पेशे से डेंटिस्ट तलवार दंपत्ति पर हत्या और सबूतों को नष्ट करने के आरोप लगे हैं. राजेश तलवार पर जांच को गुमराह करने के आरोप भी हैं.
राजेश और नूपुर तलवार अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार करते हैं.












