अमरीका ने स्थानीय अफगान पुलिस की ट्रेनिंग रोकी

 सोमवार, 3 सितंबर, 2012 को 05:00 IST तक के समाचार
अफगान पुलिस

शक के दायरे में स्थानीय अफगान पुलिस.

अमरीका का कहना है कि उसने अफगानिस्तान में ‘स्थानीय अफगान पुलिस’ में भर्ती होने वाले नए लोगों के प्रशिक्षण पर रोक लगा दी है और मौजूदा पुलिसकर्मियों के तालिबान से संभावित रिश्तों की छानबीन के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

अफगानिस्तान में हाल के दिनों में अमरीका के नेतृत्व वाली विदेशी सेनाओं पर अफगान सैनिकों या पुलिसकर्मियों के बढ़ते हमलों को देखते हुए ये कदम उठाया गया है.

बुधवार को उरूजगान प्रांत में अफगान सेना की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने तीन ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों की गोली मार कर हत्या कर दी.

इस साल ऐसे कुल 30 हमले हो चुके हैं जिनमें विदेशी सेनाओं के जवान किसी अफगान पुलिसकर्मी या सैनिक की गोलियों का शिकार बने हैं. इन हमलों में कुल 45 सैनिकों का जानें गई हैं.

सुरक्षाकर्मियों की छानबीन

स्थानीय अफगान पुलिस के नए रंगरूटों के प्रशिक्षण पर रोक लगने से लगभग एक हजार भर्तियां प्रभावित होंगी.

इस ट्रेनिंग को रोके जाने से अमरीका की विशेष सेनाओं को मौजूदा पुलिसकर्मियों की छानबीन करने का मौका मिलेगा. स्थानीय अफगान पुलिस में फिलहाल 16,380 जवान हैं.

"हमें अपने अफगान साझीदारों पर पूरा भरोसा है, लेकिन हम समझते हैं कि ये हमारी झानबीन के लिए जरूरी कदम है."

अमरीकी सेना के प्रवक्ता

अफगानिस्तान में अमरीकी सेना के प्रवक्ता कर्नल थॉमस कॉलिंस ने कहा, “हमें अपने अफगान साझीदारों पर पूरा भरोसा है, लेकिन हम समझते हैं कि ये हमारी झानबीन के लिए जरूरी कदम है.”

वहीं, अफगान सेना और राष्ट्रीय पुलिस की ट्रेनिंग पर इस फैसले का असर नहीं होगा. अफगानिस्तान के विशेष बलों की ट्रेनिंग भी जारी रहेगी.

सख्ती पर जोर

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल ट्रेनिंग पर ये रोक अस्थायी रूप से लगाई गई है. साथ ही आठ स्तरों वाली जांच को और कठोर किया जाएगा.

इसके अलावा जब अफगान सैनिक या पुलिसकर्मी छुट्टी से लौटेंगे तो उनकी ज्यादा गहन छानबीन होगी. अफगान सेना और पुलिस की वर्दी की बिक्री को भी गैर कानूनी करार दिया जाएगा.

अधिकारियों ने अमरीकी अखबार 'वॉशिंगटन पोस्ट' को बताया कि अब तक नए सुरक्षाकर्मियों की छानबीन के लिए सेना के निर्देश पर पूरी तरह अमल नहीं हो रहा था क्योंकि इससे अफगान सैन्य बलों को तैयार करने की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका थी.

औसतन हर महीने सात हजार अफगान सैनिक और 3,700 अफगान पुलिसकर्मी अपनी ट्रेनिंग पाते हैं.

तालिबान की रणनीति

अमरीकी सैनिक की मौत

अफगान सुरक्षा कर्मियों के हमले में सबसे ज्यादा अमरीकी सैनिक निशाना बनाए गए हैं.

काबुल में बीबीसी के क्विंटिन सोमरविले का कहना है कि स्थानीय अफगान पुलिस अपेक्षाकृत एक नया बल है जिसे देश के दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा की स्थिति बेहतर बनाने के लिए गठित किया गया है.

इस वक्त अफगानिस्तान में एक लाख तीस हजार विदेशी सैनिक तैनात हैं जो साढ़े तीन लाख अफगान सुरक्षाकर्मियों के साथ मिल कर चरमपंथियों से लोहा ले रहे हैं.

तालिबान का कहना है कि वो ऐसे लोगों को भर्ती कर रहा है जो अफगान सुरक्षा बलों का हिस्सा हो. चरमपंथियों का कहना है कि नैटो पर अंदरूनी हमले कराना उसकी रणनीति का हिस्सा है.

अफगान सैनिकों या पुलिसकर्मियों के इस तरह के हमलों में सबसे ज्यादा अमरीकी सैनिक मारे गए हैं.

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