
सोनिया गांधी चाहती हैं कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार हो.
संसद में जारी गतिरोध को तोड़ने की कोशिशों के तहत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से बात की है.
सोनिया गांधी से बातचीत में सुषमा स्वराज ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में जिन कोयला खंडों पर सवाल उठाया गया है उनके आवंटन को रद्द किया जाए और इस मामले की स्वतंत्र जांच हो.
भारतीय जनता पार्टी कोयला आंवटन में कथित घोटाले के कारण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का इस्तीफा मांग रही है और उसने इस मुद्दे पर मॉनसून सत्र में अब तक संसद को नहीं चलने दिया है.
सुषमा ने शुक्रवार को टेलीफोन पर हुई इस बातचीत के बाद ट्वीट किया, मैंने उन्हें बताया कि सरकार को कोयला खंडों का आवंटन रद्द कर देना चाहिए और इस मामले की स्वतंत्र जांच करानी चाहिए.
अनुत्तरित सवाल
"मैंने उन्हें बताया कि सरकार को कोयला खंडों का आवंटन रद्द कर देना चाहिए और इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए."
सुषमा स्वराज, लोकसभा में विपक्ष की नेता
हालांकि उनके ट्वीट में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग का कोई जिक्र नहीं है.
उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी चाहती हैं कि संसद में एक पखवाड़े से जारी गतिरोध खत्म हो और ''हम (भाजपा) चर्चा के लिए सहमत हो जाएं''.
सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर अपने फॉलोअरों के सवालों के जवाब में ये बात कहीं. हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि इस पूरे मामले पर सोनिया गांधी का क्या कहना था.
उनकी ओर से इस सवाल का जवाब भी नहीं मिल पाया कि क्या उनकी पार्टी ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग छोड़ दी है.
इस बीच सोनिया गांधी अपने नियमति मेडिकल चेक अप के लिए विदेश रवाना हो गई हैं. पिछले साल उनका ऑपरेशन हुआ था.
15 सितंबर की समयसीमा

सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कोयले के ब्लॉक आवंटन में एक लाख 86 हजार करोड़ रुपए के नुकसान की बात कही है.
इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने खबर दी है कि सरकार ने कम से कम 58 लोगों को मिली कोयला खानों के आवंटन को रद्द करने के लिए 15 सितंबर तक की समयसीमा तय की है. इन लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं.
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से पड़े दबाव के बाद कोयला मंत्रालय आवंटन रद्द करने के लिए हरकत में आया है. सोमवार को इस मुद्दे पर मंत्रियों के समूह की बैठक होगी.
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि कोयला मंत्रालय ने सभी मामलों में पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 15 सितंबर तक की समयसीमा रखी है.








