अनुराग मालू: 300 मीटर गहरी खाई से तीन दिन बाद सुरक्षित निकाले गए भारतीय पर्वतारोही

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नेपाल में अन्नपूर्णा पर्वत के रास्ते पर ग़ायब हुए भारतीय पर्वतारोही अनुराग मालू तीन दिन बाद खोज लिए गए हैं. उनके भाई ने कहा कि अनुराग की हालत बहुत नाज़ुक है और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.
34 वर्षीय अनुराग राजस्थान के किशनगढ़ के रहने वाले हैं. वे सोमवार को अन्नपूर्ण पर्वत से नीचे उतरते वक़्त कैंप-III से एक गहरी खाई में गिर गए थे. वो जहां से गिरे थे वो जगह समुद्र दल से 6,000 मीटर ऊपर है.
माउंट अन्नपूर्णा दुनिया का 10वां सबसे ऊंचा पर्वत है.
अनुराग के बचाए जाने की ख़बर बताते हुए उनके भाई सुधीर मालू ने कहा, "वे जीवित मिले हैं. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है. अब हमारा फ़ोकस उन्हें जल्द सेहतमंद करने का है."
सुधीर ने बताया कि बचाव कार्यों में जुटी टीम ने उन्हें एक गहरी खाई में खोजा है.
सेवेन समिट ट्रेक्स ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अनुराग को सात नेपाली पर्वतारोहियों ने 300 मीटर गहरी खाई से निकालकर बचा लिया है.
ख़बरों के अनुसार, उन्हें पोखरा के मणिपाल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

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नेपाली शेरपाओं ने बचाया
सेवेन समिट ट्रेक्स के मैनेजर थानेश्वर गुरगाईं ने कहा है कि डॉक्टर उन्हें लगातार मॉनिटर कर रहे हैं.
सेवेन समिट ट्रेक्स के चेयरमैन मिंगवा शेरपा ने कहा, "छांग दवा के नेतृत्व में सात नेपाली पर्वतारोहियों की टीम ने उन्हें खोज निकाला है. वे गुरुवार सुबह कैंप से 300 मीटर नीचे एक खाई में मिले हैं."
पोलैंड की मशहूर पर्वातरोही एडम बिलेकी और उनके एक मित्र ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया.
नेपाली अख़बार द हिमालयन टाइम्स को अस्पताल के सूत्रों ने बताया है कि अनुराग की हालत काफ़ी नाज़ुक है.
एंगेला बेनवाइड्स नामक खेल पत्रकार ने टवीट किया, "रेस्क्यू टीम में नेपाली शेरपाओं के अलावा पोलैंड के भी दो पर्वतारोही थे.
ख़बरों के अनुसार, "अनुराग जिस स्थान पर फंसा था वहां तीन नेपाली और एक पोलैंड का पर्वतारोही उतरे. उन्होंने पाया कि अनुराग जीवित हैं. उसके बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें धीरे धीरे खाई से बाहर निकाला."
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सबसे ख़तरनाक़ जगह
बेनवाइड्स ने लिखा, "रेस्क्यू टीम तेज़ी से ख़राब होते जा रहे मौसम में काम कर रही थी. ये इस पर्वत की सबसे ख़तरनाक जगह जहां अक्सर बर्फीले तूफ़ान आते रहते हैं."
ख़राब मौसम के कारण अनुराग के काठमांडू के बजाय पोखरा ले जाया गया है.
उधर राजस्थान के किशनगढ़ के विधायक सुरेश टाक ने कहा है कि वे मालू परिवार के संपर्क में हैं. विधायक अनुराग मालू के पिता ओमप्रकाश और परिवार के अन्य सदस्यों से भी मिले हैं.
अनुराग मालू के पिता ओम प्रकाश मालू ने बीबीसी हिंदी के सहयोगी मोहर सिंह मीणा को बताया, "अनुराग मालू को रेस्क्यू कर लिया गया है. उनके पिता ओम प्रकाश ने बीबीसी से कहा है कि, अनुराग के छोटे भाई आशीष नेपाल में ही मौजूद हैं. आशीष ने फ़ोन पर जानकारी दी है. अनुराग को नेपाल के काठमांडू के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है."
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ओम प्रकाश मालू ने बीबीसी को बताया था कि, 24 मार्च को अनुराग दिल्ली गए और वहां से नेपाल के काठमांडू गए.
लेकिन अब परिवार उनकी सेहत को लेकर चिंतित है. अनुराग मालू ने वर्ष 2010 आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया था.
अनुराग 8,000 मीटर से ऊंचे 14 पर्वतों और सात महाद्वीपों के सात सबसे ऊंचे पर्वतों की चढ़ाई करने के मिशन पर हैं.

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बलजीत कौर भी सुरक्षित
इससे पहले मंगलवार को 'माउंट अन्नपूर्णा' शिखर से उतरते समय 'चौथे कैंप' के पास से सोमवार को लापता हुईं भारतीय पर्वतारोही बलजीत कौर को भी रेस्क्यू किया गया था.
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बलजीत हिमाचल प्रदेश की रहने वाली हैं और राज्य के मुख्यमंत्री सुखविदंर सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्नहोत्री ने भी उनके सुरक्षित पाए जाने के बाद ट्वीट किया था.
मुख्यमंत्री ने उनके जल्द स्वास्थ्य होने की कामना की थी.
अग्निहोत्री ने ट्वीट कर कहा था, "जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय. हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की "माउंटेन गर्ल" बेटी बलजीत कौर को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी से सफलता पूर्व रेस्क्यू कर लिया गया है. बलजीत कौर नेपाल के अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला में लापता हो गई थीं. हम उनके जल्द स्वास्थ्य होने की कामना करते हैं."
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