उन्नाव में 'गैंगरेप पीड़िता' के घर में आग लगाने के मामले में आया नया मोड़

    • Author, अमन द्विवेदी
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक नाबालिग़ 'गैंगरेप पीड़िता' के घर पर आग लगा दी गई है, जिसमें दो बच्चे झुलस गए हैं.

पीड़िता की माँ ने एफ़आईआर दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि कथित गैंगरेप के अभियुक्तों ने आग लगाई है.

लेकिन पुलिस का कहना है कि पीड़िता के चाचा ने घर में आग लगाई है.

उन्नाव के एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया, " 17 अप्रैल को मौरावां थाना क्षेत्र के ग्राम लाज खेड़ा में एक घर में आग लगाए जाने के संबंध में मुकदमा 185/ 23 पंजीकृत किया गया है. उसकी विवेचना की गई है और इसमें एक वीडियो प्राप्त हुआ. घटनास्थल पर मौजूद बच्चों ने बताया गया कि राजकिशोर नामक व्यक्ति ने घर में आग लगाई है. राजकिशोर उनका चाचा है. उसे गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया गया है. शेष अन्य सारे बिंदुओं पर विवेचना की जा रही है."

लेकिन पीड़िता की माँ ने एफ़आईआर में आरोप लगाया है कि अभियुक्त केस वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे थे और धमकी दे रहे थे.

जो बच्चे आग में झुलस गए हैं, उनमें एक बच्चा सात महीने का और दूसरी बच्ची दो महीने की है.

बच्चों को कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि घायल पीड़िता और उनकी माँ का इलाज उन्नाव के ज़िला अस्पताल में चल रहा है.

इस मामले में सात लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है.

क्या है मामला

पीड़िता के परिवार के मुताबिक़ 13 फरवरी 2022 को कथित रूप से गैंगरेप हुआ था.

इसके बाद पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया और फिर उन्हें जेल भी भेजा गया.

कुछ महीने पहले ही नाबालिग़ पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया था.

रिपोर्ट के मुताबिक़ हाल ही में दो अभियुक्तों को ज़मानत मिल गई और वे जेल से बाहर आ गए.

पीड़िता की माँ के मुताबिक़ एक बार उनसे मारपीट की गई और फिर घर में आग लगा दी गई.

क्या कहती है एफ़आईआर

नाबालिग़ गैंगरेप पीड़िता की माँ ने दो एफ़आईआर दर्ज कराई है.

पहली एफ़आईआर आग लगाकर जलाने की घटना से पहले है की है, जिसमें वे 13 अप्रैल को उनके और उनके पति के साथ की गई मारपीट की घटना का ज़िक्र करती हैं.

एफ़आईआर में कहा गया है कि जब वे उन्नाव के ज़िला न्यायालय से पेशी की पैरवी करके वापस गाँव आ रही थीं, उनके और उनके पति के साथ मारपीट की गई.

इस एफ़आईआर में छह लोगों पर आरोप लगाया गया है.

एफ़आईआर में पीड़िता की माँ ने पुलिस को जानकारी दी है कि वो और उनके पति मुक़दमे की पैरवी के बाद ज़िला न्यायालय उन्नाव से वापस घर आ रहे थे.

तभी रास्ते में रोशन, सतीश, श्याम बहादुर, चंदन ने उनको और उनके पति को रोका और मारपीट की.

दूसरी एफ़आईआर आग लगाकर गैंगरेप पीड़िता और उसके बच्चे को मारने की कोशिश के बाद पीड़िता की माँ ने दर्ज कराई है, जिसमें सात लोगों पर आरोप लगाया गया है.

पीड़िता की माँ ने अपनी एफ़आईआर में पुलिस को बताया है, "17 अप्रैल सोमवार के दिन के लगभग शाम 6 बजे हमारे गाँव के रोशन, सतीश, रंजीत, राजबहादुर, चंदन, सुखदीन ने हमको और हमारी बेटी को मारा पीटा और हमारे घर में आग लगा दी. जिससे हमारी बेटी का लड़का, जिसकी उम्र छह माह और हमारी छोटी लड़की भी आग में जल गई. आग लगाने में अमन भी था."

पीड़िता की माँ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "लड़की के साथ ग़लत काम करने में ये सब लोग शामिल हैं. वे कहते हैं कि केस वापस ले लो, नहीं तो तुमको जान से मार डालेंगे इसी वजह से हमारे बच्चों को आग में फेंक दिया."

पीड़िता की माँ मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोने लगी. उन्होंने कहा कि सभी अभियुक्त धमकी देते हैं कि केस वापस ले लो, वरना सबको मार डालेंगे.

पुलिस प्रशासन ने घटना पर क्या कहा

उन्नाव के पुरवा सर्किल के सीओ संतोष सिंहका कहना है कि मामले में उचित धाराओं में एफ़आईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

एडीएम उन्नाव नरेंद्र सिंह का कहना है कि गैंगरेप की घटना पिछले साल 13 फरवरी को हुई थी, जिसमें एफ़आईआर दर्ज हुई थी.

उन्होंने बताया कि इसमें तीन लोग जेल भेज दिए गए थे. अमन, सतीश और अरुण. इनमें दो लोग ज़मानत पर बाहर आए हैं.

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