हरिद्वार पहुँचे पाकिस्तान के हिंदू श्रद्धालुओं को भारतीय मीडिया से क्यों है शिकायत

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- Author, आसिफ़ अली
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आए 310 हिंदू श्रद्धालुओं के दल ने तीन दिनों तक हरिद्वार स्थित शदाणी दरबार में आयोजित महोत्सव में हिस्सा लिया.
हरिद्वार में सप्तसरोवर स्थित शदाणी दरबार तीर्थ के सप्तम पीठाधीश्वर संत राजाराम साहिब की 63वीं बरसी पर आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव संपन्न हुआ था और उसमें पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं के बड़े दल ने हिस्सा लिया.
12 मार्च को 310 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के सिंध से रायपुर (छत्तीसगढ़) पहुँचा.
पाँच अप्रैल तक ये लोग रायपुर में ही रहे. रायपुर में भी शदाणी दरबार मौजूद है, जहाँ विशेष आयोजन में सिंध के श्रद्धालु हर साल पहुँचते हैं.
इसके बाद दल आठ अप्रैल को हरिद्वार के शदाणी दरबार पहुँचा और इसी सप्ताह लौट गया.
श्रद्धालुओं के मुताबिक़ पकिस्तान स्थित सिंध क्षेत्र में क़रीब 310 साल पहले 1708 में शदाणी दरबार की स्थापना की गई थी.
यही वजह है कि हर साल पकिस्तान से श्रद्धालुओं का जत्था भारत भ्रमण के लिए आता रहा है.

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रायपुर में मौजूद शदाणी दरबार के वर्तमान पीठाधीश संत युधिष्ठिर लाल रायपुर स्थित 'शदाणी दरबार'' में रहते हैं.
रायपुर में मौजूद शदाणी दरबार इन श्रद्धालुओं के लिए पहला तीर्थ स्थल माना जाता है.
श्रद्धालु पकिस्तान से सिंधु नदी का जल लेकर भारत आते हैं और यहाँ गंगा नदी में सिंधु नदी के जल को मिला कर, दोनों नदियों के जल का मेल कराते हैं.
अपनी संस्कृति को जीवंत रखने का यह सिलसिला साल 1976 में हुए भारत-पाकिस्तान समझौते के बाद से चल रहा है.
पाकिस्तान से लगाव

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श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और शाम को "हर की पौड़ी" पर गंगा आरती में हिस्सा लिया. यहाँ श्रद्धालु गंगा मैया के जयकारे लगाकर भक्ति में रंगे नज़र आए.
इस पाकिस्तानी जत्थे में क़रीब 15 लोग ऐसे थे, जो अपने परिवार की अस्थियाँ गंगा में प्रवाहित करने यहाँ आए थे.
वहीं जत्थे में शामिल 101 लोगों ने अपने गुज़रे परिजनों की मुक्ति के लिए पिंड दान किया.
69 वर्ष के गोविंद राम पाकिस्तान के सिंध स्थित घोटकी के रहने वाले हैं. गोविंद राम ने बताया कि वो शदाणी दरबार 15वीं बार आए हैं.
उन्होंने बताया, ''हरिद्वार में हमें बहुत आनंद आया. हरिद्वार देवभूमि है और हिंदुओं का पवित्र स्थान है. हम यहाँ गंगा में स्नान करके मोक्ष प्राप्त करते हैं. हमारे जो बड़े स्वर्गवास सिधार गए हैं, हम उनकी पिंड भराते हैं.''
''हम उनकी अस्थियाँ लेकर यहाँ आए हैं, जिन्हें हमने गंगा में विसर्जित किया है. गंगा में अस्थियाँ विसर्जित करते समय जो पूजा पाठ होता है, वो सभी किया है.''
पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर गोविंद राम कहते हैं, ''हम पाकिस्तानी हैं, सदियों से पकिस्तान में रहते हैं, पाकिस्तान से हमें बहुत लगाव है. पकिस्तान हमारा वतन है. कभी कभी हालात ऐसे हो जाते हैं कि अकलियतों के लिए थोड़ी परेशानी हो जाती है. लेकिन ऐसी कोई बात भी नहीं कि हम पकिस्तान छोड़ कर किसी दूसरे मुल्क चले जाएँ.''
गोविंद राम ने बताया ''हम पाकिस्तान में भी होली, दिवाली, दशहरा, कृष्ण भगवान की जन्माष्टमी का त्यौहार मानते हैं. हम हिंदू धर्म के सभी त्योहार मनाते हैं.''
'कोई रोक-टोक नहीं'

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गोविंद राम कहते हैं ''हमें पाकिस्तान में हर तरह की खुली छूट है. किसी तरह की कोई रोक-टोक नहीं है. पकिस्तान में हम हिंदुओं को पुलिस, आर्मी, जज, डिप्टी कमिश्नर और पासपोर्ट दफ़्तर में, हर जगह मेरिट पर नौकरी मिल रही है. पकिस्तान में हम हिंदुओं के पास फ़्लोर और टेक्सटाइल मिलें हैं. इसके अलावा हमारे पास इंडस्ट्री और कारोबार है.''
वहीं पारस चावला सिंध (पाकिस्तान) के "घोटकी" शहर में रहते हैं और लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं. पारस तीसरी बार हरिद्वार यात्रा पर पहुँचे हैं.
उन्होंने बताया, ''हरिद्वार आकर बहुत अच्छा लगा और बहुत आनंद आया. गंगा दर्शन करके मैं बहुत ख़ुश हूँ.''
क़ानून के छात्र पारस के मुताबिक़ भारत के टीवी चैनलों पर जो दिखाया जाता है, उसकी तुलना में पाकिस्तान में क़ानून व्यवस्था की स्थिति बहुत अच्छी है.
उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान में अगर कोई क्राइम करता है, तो क्राइम करने वालों को सज़ा ज़रूर मिलती है. ये जो टीवी में बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया जाता है कि पकिस्तान में लॉ ऐसा है, ऐसा हुआ, वैसा हुआ, वो सब सही नहीं है. वहाँ अच्छी क़ानून व्यवस्था है.''
पारस ने यह भी बताया, ''हम भी वहाँ अच्छे से रहते हैं, हमें वहाँ कोई परेशानी नहीं है. यहाँ के लोग कहते हैं कि आप पकिस्तान से भारत आ जाओ, पकिस्तान में आपके साथ ज़ुल्म हो रहा है, तो ऐसी कोई बात नहीं है.''
वहीं जतिंदर पाकिस्तान में एमए के छात्र हैं. उन्होंने हिंदू युवाओं को पाकिस्तान में मिलने वाले मौक़ों के बारे में बताया, ''हमें पढ़ने में और उसके बाद नौकरियों में भरपूर मौक़े मिलते हैं. मर्दों को ही नहीं, बहन बेटियों को भी पढ़ाई और नौकरियों में मौक़े दिए जाते हैं. वहाँ क्रिश्चियन और सिख समुदाय भी रहता है, उन सबको भी मौक़ा मिलता है.''
भारतीय मीडिया से शिकायत

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जतिंदर ने बताया, "ऐसा नहीं है कि मुस्लिम के लिए अलग और अल्पसंख्यकों के लिए अलग व्यवस्था है. सबके लिए एक जैसा माहौल है. कॉलेज हो या हॉस्टल में सबके लिए सुविधाएँ एक जैसी हैं. बहुत से हिंदू डीएसपी, एसपी और डिप्टी डायरेक्टर हैं.''
वहीं जय कुमार पहली बार हरिद्वार के शदाणी आश्रम आए हैं.
उन्होंने पाकिस्तान में महंगाई के मुद्दे का ज़िक्र करते हुए कहा, ''महंगाई तो है, लेकिन पकिस्तान के हालात बेहतर हैं, स्थिति सही है. वहाँ ऐसी कोई भुखमरी नहीं है जैसा कि मीडिया बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है."
जय कुमार ने भारतीय मीडिया की आलोचना करते हुए कहा, "यहाँ का मीडिया यहाँ की ग़ुरबत नहीं दिखा रहा है. इंडियन मीडिया पाकिस्तानियों की ग़ुरबत दिखा रहा है. वैसे ग़ुरबत तो हर देश में है, हर देश पूरा संपन्न नहीं है. लेकिन सभी चीज़ें वहाँ आसानी से मुहैया हो रही हैं.''
जय कुमार कहते हैं, ''हम यहाँ हरिद्वार तीर्थ यात्रा करने आए थे. हमने गंगा मैय्या में स्नान किया है. हमारा यहाँ तीन दिन का कार्यक्रम था. हमारी यात्रा बहुत अच्छी गुज़री और सफल रही.''
वैसे पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी क़रीब दो प्रतिशत से भी कम है. अनुमानित तौर पर पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी 40 लाख के आसपास है और जिसमें 14 लाख लोग सिंध प्रांत में ही रहते हैं.
पिछले कुछ समय में पाकिस्तान में हिंदुओं के उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन हरिद्वार पहुँचे श्रद्धालुओं के मुताबिक़ स्थिति उतनी भी बुरी नहीं है जितनी भारतीय मीडिया में पेश की जाती रही है.
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