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महबूबा मुफ़्ती की बेटी को मिला 'सिर्फ एक ही देश' का पासपोर्ट, जताई नाराज़गी- प्रेस रिव्यू
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने 'एक देश विशेष' के लिए पासपोर्ट जारी करने को लेकर भारतीय जांच एजेंसी सीआईडी की आलोचना की है.
अंग्रेज़ी अख़बार द टेलिग्राफ़ में ये ख़बर दी गई है.
अख़बार के मुताबिक़ इल्तिजा मुफ़्ती को सिर्फ़ एक देश की यात्रा के लिए पासपोर्ट जारी किया गया है. इस पासपोर्ट के आधार पर वो उच्च शिक्षा के लिए सिर्फ़ यूएई जा सकती हैं.
इल्तिज़ा ने इसके लिए क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) की आलोचना की है और उसकी तुलना नाजियों से की है.
जम्मू-कश्मीर के राजनेता राज्य की सीआईडी की आलोचना बहुत कम करते दिखते हैं.
सीआईडी ने सरकारी गोपनीयता क़ानून का हवाला देते हुए इल्तज़ा को गुरुवार को दो साल का पासपोर्ट जारी किया था, जिसके बाद अब वो उच्च शिक्षा के लिए केवल एक देश जा सकती है.
शुक्रवार को इल्तिज़ा ने कहा कि हो सकता है कि सीआईडी उन पर जासूसी के आरोप लगा दे क्योंकि उन्हें सामान्य पासपोर्ट जारी ना करने के लिए गोपनीयता क़ानून का हवाला दिया गया है.
उन्होंने कहा, "ये क़ानून आमतौर पर जासूसी के मामलों में लगाया जाता है. वो (सीआईडी) कोर्ट से झूठ बोल रहे हैं. नाज़ी जर्मनी में एक पुलिस विंग थी जिसे गेस्टापो का जाता था जिसका काम यहूदियों पर प्रताड़ित करना था. इसी तरह यहां सीआईडी का भी एक ही काम है कि कश्मीरियों को परेशान करना."
इल्तिज़ा ने आरोप लगाया कि सरकार उनके परिवार को एक उदाहरण की तरह पेश करना चाहती है ताकि कोई और अपनी आवाज़ ना उठा सके.
इल्तिज़ा ने अपने पासपोर्ट का आवेदन खारिज करने के ख़िलाफ़ इस साल फरवरी को हाई कोर्ट में अपील की थी. उनका पासपोर्ट पिछले साल दो जनवरी को एक्सपायर हो गया था और उन्होंने आठ जून को नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था.
उनके मुताबिक़ सीआईडी ने पिछले महीने कोर्ट में एक बंद लिफ़ाफ़े में उनके ख़िलाफ़ एक रिपोर्ट दी थी जिसमें सामान्य पासपोर्ट जारी ना करने का कारण बताया गया था.
अदानी के मसले पर विपक्ष में दरार
भारतीय कारोबारी गौतम अदानी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता के मसले पर साथ दिखते विपक्षी में एक बार फिर दरार सामने आई है.
अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी पहली ख़बर में एक तरफ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के हालिया बयान को और दूसरी तरफ़ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विपक्षी एकता के बयान को जगह दी है.
अदानी के मसले पर शरद पवार, कांग्रेस के रुख़ से अलग नज़र आ रहे हैं वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे विपक्षी नेताओं से बात होने की बात कर रहे हैं.
शरद पवार ने शुक्रवार को एक भारतीय समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि उन्हें लगता है कि अदानी समूह को अज्ञात कंपनियां निशाना बना रही हैं जिनके मकसद पर सवाल खड़े होते हैं.
एनडीटीवी से बात करते हुए शरद पवार ने अदानी मामले में जेपीसी जांच की कांग्रेस की मांग से खुद को अलग कर लिया. उन्होंने कहा कि इस मामले पर वो कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के संसद को बाधित करने से सहमत नहीं हैं.
उन्होंने हिंडनबर्ग की तरफ इशारा करते हुए कहा, "इस बार मसले को ज़रूरत से ज़्यादा महत्व दिया जा रहा है. इस मसले को उठाने वाले कौन लोग थे? हमने उनके के बारे में कभी नहीं सुना, उनकी पृष्ठभूमि क्या है? जब वो ऐसे मसले उठाते हैं जिनसे देश में हंगामा हो जाए तो इसकी क़ीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ती है, तो हम इसे नंज़रअंदाज़ नहीं कर सकते."
पवार ने कहा कि वो अदानी-अंबानी जैसे बड़े कारोबारियों को निशाना बनाने से सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा, "इससे लगता है कि देश के एक औद्योगिक समूह को निशाना बनाया गया है. अगर उन्होंने कुछ भी ग़लत किया है तो जांच होनी चाहिए."
जनवरी 2024 को आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अदानी समूह पर धोखाधड़ी और स्टॉक मैनिपुलेशन के आरोप लगाए गए थे. इस रिपोर्ट के आने के बाद अदानी समूह के शेयर में भारी गिरावट आ गई थी. हालांकि, अदानी समूह ने इन आरोपों से इनकार किया है.
वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने अख़बार से कहा है कि वो 'समान एजेंडे' और बीजेपी से लड़ने के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों से बात कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से उकी बात हुई है. वो हर पार्टी को बीजेपी के ख़िलाफ़ एकजुटता के साथ लड़ने के लिए सहमत करने की कोशिश करेंगे.
शरद पवार के बयान पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, "अदानी का चैनल अदानी के दोस्त का साक्षात्कार कर रहा है ताकि वो बता सकें कि उन्हें कैसे निशाना बनाया जा रहा है."
वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "एक विदेशी कंपनी के आरोपों के आधार पर भारतीय कारोबारियों की इस तरह जांच नहीं हो सकती. जो राजनीतिक दल इस प्रशासनिक और वाणिज्यिक प्रणाली को समझते हैं वो सच जानते हैं और उसे दूसरों को बता रहे हैं."
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने मांगी विश्वविद्यालयों की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल सीवी आनंद बोस एख बार फिर से आमने-सामने आ गए हैं. द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से उन्हें साप्ताहिक रिपोर्ट देने के लिए कहा है.
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के चांसलर होने के नाते ये भी कहा है कि किसी भी वित्तीय मामले पर फ़ैसला लेने से पहले उनकी अनुमति ली जाए.
राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बासु ने रिपोर्ट्स में बताया कि राज्य सरकार इस मामले में क़ानूनी सलाह ले रही है और राज्यपाल से निर्देश वापस लेने की अपील की है.
उन्होंने कहा, "इस कदम का कोई वैध आधार नहीं है. फिर भी शिक्षा विभाग इस मामले में क़ानूनी सलाह ले रहा है."
शिक्षा मंत्री ने कहा, "यहां, राज्य का हर विश्वविद्यालय स्वायत्त है. जब तक कोई अप्रिय घटना नहीं होती तब तक राज्य का शिक्षा मंत्रालय विश्वविद्यालय के रोजाना के कामों में दखल नहीं दे सकता. इसलिए हम पूरे सम्मान के साथ राज्यपाल से अपील करते हैं कि वो अपना पत्र वापस ले लें. ऐसा ना करने पर विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा कम होगी."
अकाल तख्त का पंजाब सरकार पर निशाना
अकाल तख्त के जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने शुक्रवार को पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि वो बैसाखी से पहले लोगों में डर पैदा करना चाहती है. उन्होंने बठिंडा ज़िले के तलवंडी साबो इलाक़े के आसपास भारी सुरक्षाबल तैनात किए जाने की आलोचना की. यहां पर दमदमा साहिब गुरुद्वारा है.
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स ने ख़ालिस्तानी समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह से आत्मसमर्पण करने की अपील दोहराई.
तख्त दमदमा साहिब सिखों के पांच तख़्तों में से एक है. यहां एक विशेष सभा को संबोधित करते हुए हरप्रीत सिंह ने सिख समुदाय से बैसाखी पर बड़ी संख्या में एकजुट होने की अपील की ताकि वो दिखा सकें कि वो किसी से नहीं डरते हैं.
उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों की बड़ी संख्या में तैनाती से श्रद्धालुओं को यहां आने में परेशानी हो सकती है.
पंजाब पुलिस की ये तैनाती अमृतपाल मामले के बाद की गई है. अमृतपाल के कई सहयोगियों को गिरफ़्तार किया गया है लेकिन वो खुद फिलहाल फरार है.
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