ईडी ऑफ़िस में कविता: दिल्ली शराब मामले का तेलंगाना की राजनीति से क्या कनेक्शन?

    • Author, बाला सतीश
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी कल्वाकुंतला कविता (के कविता) शनिवार यानी 11 मार्च को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुईं. दिल्ली शराब मामले में उनकी कथित भूमिका पर ईडी उनसे पूछताछ कर रही है.

शनिवार को क़रीब नौ घंटे चली पूछताछ के बाद के कविता देर रात हैदराबाद में अपने घर पहुंचीं. उन्हें ईडी ने 16 मार्च को फिर से तलब किया है.

दिल्ली शराब नीति मामले की जांच सीबीआई और ईडी कर रही है. ईडी ने अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं.

के कविता के साथ काम करने वाले पूर्व सीए गोरंटला बुच्ची बाबू और व्यवसायी अरुण रामचंद्र पिल्लई का नाम दोनों एजेंसियों के दस्तावेजों में था. दोनों को ईडी ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था.

इस मामले में सीबीआई ने दिसंबर 2022 में के कविता से पूछताछ की थी और अब ईडी उनसे पूछताछ कर रही है.

दिल्ली में कविता से ईडी की पूछताछ के बीच बीआरएस और तेलंगाना की राजनीति से लेकर मीडिया हलकों में चर्चा चल रही है कि उन्हें कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है.

ईडी के समन के जवाब में कविता ने 8 मार्च को ट्वीट किया था कि तेलंगाना झुकेगा नहीं.

तेलांगना के अलग राज्य की मांग करने वाले आंदोलन में कविता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. जानकार कहते हैं कि उन्होंने तेलंगाना की महिलाओं के पारंपरिक पुष्प उत्सव बटुकम्मा को तेलंगाना के आंदोलन में एक सांस्कृतिक मंच बनाया. उन्होंने तेलंगाना की कई सांस्कृतिक गतिविधियों को राजनीतिक मंच पर लाने के लिए काम किया है.

दिल्ली शराब मामला: कहां से हुई शुरूआत?

  • दिल्ली में नई शराब नीति 2020 में प्रस्तावित की गई थी. इसे नवंबर 2021 में लागू किया गया.
  • इसके तहत दिल्ली को 32 ज़ोन में बांटा गया और हर ज़ोन में 27 दुकानें खुलनी थीं. इसके तहत सिर्फ़ निजी दुकानों पर ही शराब बेची जा सकती थी. यानी सरकारी दुकानें पूरी तरह बंद कर दी गई थीं. हर नगर निगम वार्ड में 2-3 दुकानें खोली जानी थीं.
  • दिल्ली सरकार ने लाइसेंस धारकों के लिए नियमों में कुछ ढील भी दी थी. जैसे उन्हें डिस्काउंट देने और सरकारी एमआरपी की बजाय अपनी कीमत खुद तय करने की अनुमति देना.
  • मामले ने तब तूल पकड़ा जब बीते साल जुलाई महीने में दिल्ली के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली की आबकारी नीति को लागू करने में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.
  • पीएमएलए यानी प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्डरिंग एक्ट की कई धाराओं को लेकर ईडी भी बाद में इस जांच में शामिल हो गई.
  • प्रस्तावित आबकारी नीति 2021-22 के तहत कुछ शराब डीलरों को शराब की दुकान का लाइसेंस देने के लिए कम से कम 100 करोड़ रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगे.
  • के कविता पर कथित तौर से एक कंपनी में बेनामी निवेश का आरोप है.
  • सीबीआई ने इस मामले में 17 अगस्त, 2022 को एफ़आईआर दर्ज की जिसमें सबसे पहला अभियुक्त मनीष सिसोदिया को बनाया गया है. इसमें कहा गया है कि बिचौलियों ने ग़लत तरीक़ों से फ़ायदा पहुंचाने में मदद की गई है.

पॉलिटिकल एंगल

अब यह मामला तेलंगाना में सत्तारूढ़ पार्टी बीआरएस और बीजेपी दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है.

राज्य में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी और बीआरएस के बीच खींचतान और भी अहम हो गई है.

तेलंगाना में बीजेपी और पैठ बनाने और बीआरएस को सत्ता से हटाने के लिए काम कर रही है. हालांकि फिहलाल वो तेलंगाना विधानसभा की 119 में से सिर्फ तीन सीटों तक सीमित है.

पार्टी प्रदेश में औपचारिक विपक्षी पार्टी कांग्रेस को हटाकर सबसे मज़बूत प्रतिद्वंद्वी के तौर उभरना चाहती है और इसके लिए वो सभी कोशिशें कर रही है.

एक तरफ भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व तेलंगाना को साधने की लगातार कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी लगभग हर महीने राज्य का दौरा कर रहे हैं. वह 12 मार्च यानी रविवार को हैदराबाद के दौरे पर हैं.

इधर बीआरएस प्रमुख केसीआर ने भी अपनी पार्टी का नाम बदलकर उसे राष्ट्रीय भूमिका में लाने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा विरोधी एजेंडे के साथ दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों का दौरा करना शुरू कर दिया है.

दिल्ली शराब मामले को बीआरएस केसीआर के ख़िलाफ़ एक राजनीतिक हथियार की तरह देख रही है, वहीं बीजेपी केसीआर की बेटी पर एजेंसियों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला दे रही है.

शब्दों का लड़ाई

के कविता से पूछताछ से एक दिन पहले 10 मार्च को केसीआर ने बीजेपी के ख़िलाफ़ कई आरोप लगाए.

केसीआर ने पार्टी के नेताओं के साथ एक बैठक में कहा, "बीजेपी ने कविता को अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए कहा है. चूंकि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया इसलिए वो अब उन्हें निशाना बना रहे हैं. वो लोग कविता को गिरफ्तार कर सकते हैं. लेकिन हम बीजेपी के ख़िलाफ लड़ते रहेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी संघर्ष की भावना रखनी चाहिए."

बीजेपी ने इन आरोपों की निंदा की है. तेलांगना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार ने कहा, "केसीआर परिवार का एक विकेट पहले ही गिर चुका है. आप (केसीआर) अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए तेलंगाना की भावनाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकते. जो भी भ्रष्टाचार का हिस्सा था, उसे परिणाम भुगतने होंगे."

जहां एक तरफ बीजेपी और बीआरएस एक दूसरे की आलोचना कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के रेवंत रेड्डी इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हराने के लिए बीजेपी और बीआरएस दोनों पर हाथ मिलाने का आरोप लगा रहे हैं. भाजपा और बीआरएस दोनों ने इन आरोपों से इनकार किया है.

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)