चीनी ग़ुब्बारों ने भारत में भी जासूसी की: अमेरिकी रिपोर्ट- प्रेस रिव्यू

चीन के 'जासूसी ग़ुब्बारे' कई देशों के लिए चिंता पैदा कर सकते हैं.

कुछ दिन पहले अमेरिकी आसमान में जब चीनी ग़ुब्बारा दिखा था, तब इसे अमेरिका ने जासूसी ग़ुब्बारा बताया था.

अमेरिका ने निशाना लगाते हुए इस ग़ुब्बारे को गिरा दिया था. हालांकि चीन का कहना था कि ये ग़ुब्बारा मौसम संबंधी जानकारियां जुटाने गया था और अपना रास्ता भटक गया था.

ऐसे वक़्त में जब ग़ुब्बारे प्रकरण के बाद अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ा है, तब अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट में किए दावे से भारत के लिए भी नई चिंता पैदा हो सकती हैं.

ट टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़, अमेरिका ने दावा किया है कि चीन ने ज़ासूसी ग़ुब्बारों की मदद से कई देशों को निशाना बनाया है. इन देशों में भारत, जापान, फ़िलिपींस और वियतनाम जैसे देश भी शामिल हैं.

अख़बार ने ये ख़बर द वॉशिंगटन पोस्ट के हवाले से लिखी है.

ख़बर में किए दावे के मुताबिक़, अमेरिकी अधिकारियों ने अपने मित्र देशों और सहयोगियों को इस बारे में जानकारी दी है. इनमें भारत भी शामिल है.

अमेरिकी अधिकारियों ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया, ''ये ज़ासूसी ग़ुब्बारा कई सालों से चीन के दक्षिणी तट के हानियान प्रांत से काम कर रहा था. इनके ज़रिए चीन के लिए रणनीतिक तौर पर अहमियत रखने वाले देशों की सेना से जुड़ी जानकारियां जुटाईं.''

वॉशिंगटन पोस्ट ने ये ख़बर कई सुरक्षा अधिकारियों और विशेषज्ञों से बात करके लिखी है.

ग़ुब्बारों के ज़रिए जासूसी करने का ये तरीका नया नहीं है. ये तरीका सालों से इस्तेमाल किया जाता रहा है. इस तरीके के ज़रिए जासूसी करने का फ़ायदा ये होता है कि ये ग़ुब्बारे मानवरहित होते हैं और इनका ख़र्चा तुलनात्मक तौर पर कम भी होता है.

अमेरिका ने जब ये चीनी ग़ुब्बारे अपने देश में देखे तो इनका कई दिनों तक पीछा किया. उस दौरान चीन की ओर से कहा गया कि वो जांच कर रहा है और बिना किसी तरह का हल्ला मचाए अमेरिका को शांति से काम लेना चाहिए.

बाद में चीन ने कहा कि अमेरिकी आसमान में दिख रहा ग़ुब्बारा चीन का ही है और ये मौसम संबंधी जानकारियां जुटाने के दौरान भटक गया था.

हालांकि इस बयान के कुछ वक़्त बाद ही अमेरिकी सेना ने इस ग़ुब्बारे को निशाना लगाकर गिरा दिया. ये सब ऐसे वक़्त में हुआ, जब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन चीन के दौरे पर जाने वाले थे. ग़ुब्बारे से शुरू हुए तनाव के बाद एंटोनी ने अपना चीनी दौरा भी रद्द कर दिया था.

वहीं अमेरिकी कांग्रेस में दिए अपने भाषण में भी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन पर निशाना साधा था.

अदानी पर आरबीआई गवर्नर क्या बोले?

भारतीय उद्योगपति गौतम अदानी पर भारत में चर्चाओं का दौर जारी है.

मंगलवार को संसद में राहुल गांधी ने मोदी सरकार से अदानी पर कुछ सवाल पूछे थे. उम्मीद की जा रही थी कि बुधवार को संसद में पीएम मोदी अपने भाषण में गौतम अदानी पर कुछ कहेंगे.

हालांकि अपने संबोधन में पीएम मोदी ने गौतम अदानी का नाम नहीं लिया.

ठीक इसी तरह रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी गौतम अदानी का नाम लिए बिना इस मुद्दे पर उठती चिंताओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, आरबीआई गवर्नर ने कहा, ''भारतीय बैंकिंग सिस्टम की ताकत, आकार और लचीलापन ऐसे मामलों से प्रभावित होने के लिए काफ़ी बड़ा और मज़बूत है.''

शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम काफ़ी मज़बूत है.

बुधवार को आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वॉइंट्स का इजाफ़ा किया है. अब रेपो रेट 6.50 हो गई है.

24 जनवरी को रिलीज़ हुई हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद से अदानी समूह के शेयरों में काफ़ी गिरावट आई है.

सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप से मिले डाटा का क्या किया?

कोविड दौर में ख़ूब इस्तेमाल होने वाली आरोग्य सेतु ऐप आपको याद है?

इस ऐप के ज़रिए सरकार ये पता लगाती थी कि कहां कितने कोविड केस हैं और इसी के सहारे कोरोना संक्रमित लोगों को ट्रैक किया जाता था.

लेकिन इस ऐप में जो जानकारी आपने मुहैया करवाई थी, सरकार ने उसका क्या किया? अब इस बारे में सरकार ने संसद में जवाब दिया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, सरकार ने संसद में जवाब दिया है कि आरोग्य सेतु ऐप के ज़रिए कोरोना संक्रमित मरीज़ों को ट्रैक करने के लिए जो डाटा जुटाया गया था, वो सब डाटा मोबाइल ऐप से डिलीट कर दिया गया है.

साथ ही ये भी बताया गया है कि कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग फीचर, जिसे लेकर कई तरह सुरक्षा चिंताएं थीं, उसे भी पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया गया है.

संसद में सरकार ने ये जवाब कांग्रेस सांसद अमर सिंह के पूछे सवाल के दौरान दिया है.

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