You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मोदी सरकार और न्यायपालिका के बीच कोई 'महाभारत' नहीं है: क़ानून मंत्री - प्रेस रिव्यू
मोदी सरकार और न्यायपालिका के टकराव के बीच केंद्रीय क़ानून मंत्री किरेन रीजीजू ने एक बार फिर से जजों की नियुक्ति करने वाली कॉलेजियम व्यवस्था पर निशाना साधा है.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि जजों को चुनाव का सामना नहीं करना पड़ता है और न ही जज बनने के बाद उन्हें सार्वजनिक आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है.
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भले ही जनता जजों को नहीं बदल सकती लेकिन जजों के फ़ैसलों और उनके न्याय देने के तरीके को जनता देखती है.
हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने लिखा है कि केंद्रीय कानून मंत्री ने सरकार और न्यायपालिका के बीच तनातनी होने की बात से साफ़ इनकार किया है.
किरेन रीजीजू ने कहा कि वो लगातार प्रधान न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के संपर्क में रहते हैं और छोटे से बड़े हर मुद्दे पर उनसे चर्चा करते हैं. उन्होंने साफ़ किया मोदी सरकार और न्यायपालिका के बीच कोई 'महाभारत' नहीं है.
भारत में आइफ़ोन का उत्पादन बढ़ाएगी एप्पल
केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि अमेरिकी टेक कंपनी एप्पल भारत में अपने प्रोडक्ट्स का उत्पादन बढ़ाने पर विचार कर रही है.
बिज़नेस स्टेंडर्ड अख़बार में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, पीयूष गोयल ने इसका श्रेय उनकी सरकार की पारदर्शी नीतियों और अनुकूल कारोबारी माहौल को दिया.
गोयल ने ये जानकारी गुजरात की राजधानी गांधीनगर में वैश्विक व्यापारिक समुदाय के साथ जी-20 के तहत हुई बैठक में दी है.
उन्होंने कहा, "एप्पल फिलहाल अपने 5 से 7 फीसद प्रोडक्ट्स भारत में बना रहा है. अगर मैं ग़लत नहीं हूं तो वे भारत में आईफ़ोन के उत्पादन को 25 फीसद तक ले जाना चाहते हैं. उन्होंने अपना सबसे नया मॉडल भी भारत से ही लॉन्च किया है."
गोयल का ये बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया हैं जिनमें बताया गया है कि एप्पल का भारत से निर्यात एक अरब डॉलर के पार चला गया है.
यही नहीं, उसके 14 चीनी आपूर्तिदाताओं को भारत में अपने असेंबली प्लांट लगाने के लिए सरकार से शुरुआती मंजूरी मिल चुकी है.
इस कदम से एप्पल को चीन के बाहर अपने उत्पादन केंद्रों में विविधता लाने में मदद मिलेगी. भारत का सबसे बड़ा आइफ़ोन प्लांट बेंगलुरु के पास होसुर नामक स्थान पर लगाया जा रहा है.
भारत में फिलहाल एप्पल के लिए फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन आईफ़ोन डिवाइसों का उत्पादन कर रही है.
केंद्रीय मंत्री गोयल ने बढ़ती महंगाई पर बात करते हुए कहा कि "दुनिया चिंतित थी कि भारत कोविड-19 से कैसे निपटेगा लेकिन देश ने उन आशंकाओं को उम्मीदों में बदल दिया और वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक चमकता सितारा बनकर उभरा."
गोयल ने ये भी बताया है कि बढ़ती ब्याज़ दरें महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से हैं.
उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि हमने महंगाई कम करने की दिशा में जो भी कड़े कदम उठाए हैं, भारतीय रिज़र्व बैंक उसे ध्यान में रखते हुए कदम उठाएगा."
असम सरकार ने पोक्सो पर लिया ये बड़ा फ़ैसला
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा है कि उनकी सरकार ने बाल विवाह के ख़िलाफ़ 'बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी अभियान' शुरू करने का फैसला किया है.
इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, सरमा ने बताया है कि आने वाले समय में 14 साल से कम उम्र की लड़कियों से शादी करने वाले पुरुषों पर पोक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा चलेगा.
इसके अलावा सभी ग्राम पंचायत सचिवों को उनके गांवों में बाल विवाह की घटनाओं के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए ज़िम्मेदार बनाया जाएगा.
हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया है कि "यह हमारे शासन की प्राथमिकता होगी ताकि हमारा राज्य पांच साल के भीतर बाल विवाह से मुक्त हो जाए. यह एक तटस्थ और धर्मनिरपेक्ष कार्रवाई होगी क्योंकि इसमें किसी भी समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाएगा. हालांकि, धुबरी और दक्षिण सलमारा जिलों में इन मामलों की संख्या अधिक है, इसलिए वहां कार्रवाई अधिक हो सकती है."
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य असम की ऊंची मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को नीचे लाना है.
साल 2022 में भारत के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 2018 और 2020 के बीच असम में मातृ मृत्यु दर 195 दर्ज की गयी है जो देश में सबसे अधिक है.
इसके साथ ही राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS -5) के मुताबिक़, असम राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में IMR के मामले में तीसरे नंबर पर है.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "असम में कम उम्र में गर्भवती होने वाली लड़कियों की संख्या 11.7 फीसद है. इसका मतलब है कि असम में अभूतपूर्व तरीके से बाल विवाह हो रहा है. जब हम थोड़ा क़रीब से देखते हैं, तो धुबरी में 22.4 फीसद लड़कियों की न सिर्फ शादी हो रही है, बल्कि उन्हें कम उम्र में मां भी बनना पड़ रहा है."
कुश्ती महासंघ मामले में निगरानी समिति की प्रमुख बनीं मेरी कॉम
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने बीते सोमवार कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों की जांच करने के लिए बनाई गई निगरानी समिति के सदस्यों के नामों की घोषणा की है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, इस पांच सदस्यीय समिति में बॉक्सर और भारतीय ओलंपिक संघ के एथलीट आयोग की अध्यक्ष मेरी कॉम को शामिल किया गया है.
इसके साथ ही इस समिति में ओलंपिक मेडल जीतने वाले योगेश्वर दत्त भी शामिल होंगे.
ये समिति कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष, अधिकारियों और कुछ कोचों के ख़िलाफ़ यौन शोषण के आरोपों की जांच करेगी. इसके साथ ही कुश्ती महासंघ में आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की भी जांच करेगी.
इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट में ब्रजभूषण शरण सिंह के बाबर्ची की ओर से एक याचिका दायर की गयी जिसमें उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के ख़िलाफ़ ब्लैकमेलिंग के मामले में एफ़आईआर करने का आग्रह किया था.
हालांकि, इस याचिका को वापस ले लिया गया है.
ये भी पढ़ें -
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)