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दिग्विजय के बयान पर बढ़ा विवाद, बीजेपी ने किया पलटवार तो कांग्रेस ने किया किनारा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर झूठ फैलाने का आरोप भी लगाया है. वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नफरत में अंधी हो गई है और भारतीय सेना का अपमान कर रही है.
जम्मू-कश्मीर में 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, "पुलवामा एक तरह से आतंकवाद का केंद्र बन चुका है. वहां हर गाड़ी की चेकिंग होती है. वहां एक स्कॉर्पियो गाड़ी उल्टी दिशा से आती है. उसकी जांच पड़ताल क्यों नहीं हुई."
"उसके बाद वो आकर टकराती है और हमारे 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो जाते हैं. आजतक उस घटना की जानकारी न संसद में उन्होंने पेश की और न ही जनता के सामने रखी."
सर्जिकल स्ट्राइक पर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने कहा, "सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं, कि हमने इतने लोग मार गिराए, लेकिन प्रमाण कुछ नहीं. सिर्फ झूठ के पुलिंदे से ये राज कर रहे हैं. मैं आपसे कहना चाहता हूं कि ये देश सबका है."
वे सिर्फ यहीं नहीं रुके. जनसभा के बाद उन्होंने अपने ट्विटर से एक वीडियो बनाकर भी शेयर की जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि पुलवामा हमले के समय 300 किलो आरडीएक्स कहां से आया?
वीडियो में दिग्विजय सिंह को कहते हुए सुना जा सकता है, "पुलवामा में हम लोगों के 40 जवानों ने जान गंवाई. आज तक भारत की सरकार ये खुलासा नहीं कर पाई कि ये 300 किलो आरडीएक्स आया कहां से?"
"इसके साथ-साथ ये आज तक जवाब नहीं दे पाए हैं कि डिप्टी एसपी देवेंद्र सिंह, जो कि आतंकवादियों से पकड़ा गया. वो आज कहां है? उसे क्यों छोड़ दिया गया? राष्ट्रद्रोह का प्रकरण उस पर क्यों नहीं बना?"
"हम तो प्रधानमंत्री से पूछना चाहते हैं कि उनके और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बीच में क्या संबंध हैं? कैसे संबंध हैं? एक दूसरे की प्रशंसा हो रही है. आखिर इन सवालों का जवाब देना चाहिए.
14 फ़रवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की एक टुकड़ी पर हमला हुआ था. इस हमले में 40 जवान मारे गए थे.
हालांकि कांग्रेस पार्टी ने दिग्विजय सिंह के बयान से किनारा कर लिया है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए लिखा, "आज वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा व्यक्त किए गए विचार कांग्रेस पार्टी के नहीं, उनके व्यक्तिगत विचार हैं. 2014 से पहले यूपीए सरकार ने भी सर्जिकल स्ट्राइक की थी. राष्ट्रहित में सभी सैन्य कार्रवाइयों का कांग्रेस ने समर्थन किया है और आगे भी समर्थन करेगी."
बीजेपी ने क्या कहा?
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दिग्विजय सिंह के बयान को आपत्तिजनक बताया है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने कहा, "भारत जोड़ो यात्रा तो नाम की है, भारत को तोड़ने का काम खुद राहुल गांधी और तमाम कांग्रेस के नेता उनके इशारे पर कर रहे हैं. सुर्खियों में बने रहने के लिए गैर जिम्मेदाराना बयान देना कांग्रेस का चरित्र है, लेकिन आप भारतीय सेना के खिलाफ बोलेंगे तो ये भारत बर्दाश्त नहीं करेगा."
उन्होंने कहा, "ये भी सब जानते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी से राहुल गांधी और कांग्रेस को नफरत है लेकिन उनसे नफरत करते करते ऐसा लगता है कि राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह अंधे हो गए हैं. उनको अपनी जिम्मेदारी का अहसास नहीं है. देश के लिए भक्ति भाव भी समाप्त हो गया है."
गौरव भाटिया ने कहा, "हमारी वीर सेना अपनी वीरता दिखाती है और आतंकी मुल्क को घुस के ठोकती है. एक तो दर्द पाकिस्तान को होता है और सालों साल से ये जख्म कांग्रेस पार्टी के दिल में भी है. ये दर्द साफ प्रतीत हो रहा है.
उन्होंने कहा, "पुलवामा हमले के समय कांग्रेस प्रवक्ता के बयान ऐसे थे जिसमें कहा जा रहा था कि पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी जाए."
'कांग्रेस को सेना पर विश्वास नहीं'
गौरव भाटिया ने आरोप लगाया, "कांग्रेस पार्टी को भारतीय सेना पर विश्वास नहीं है और बार बार इस तरह के सवाल उठाकर भारत के नागरिकों और सेना का अपमान करते हैं."
"सवाल सिर्फ रणदीप सुरजेवाला या राहुल गांधी ने नहीं उठाए, शीर्ष नेतृत्व जब इशारा करता है तो इस तरह के बयान आते हैं. सैम पित्रोदा ने फिर से पाकिस्तान को क्लिन चिट देते हुए कहा कि पुलवामा हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए."
"बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद कांग्रेस पार्टी के नेता नवजोत सिंह सिद्धू कह रहे थे कि कोई आतंकवादी मारा नहीं गया है, हां पेड़ पर कौए बैठे थे वो मर गए. ये क्या दर्शाता है."
पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक
18 सितंबर 2016 को उरी हमले में 18 भारतीय जवान मारे गए थे. हमले की प्रतिक्रिया में भारत ने 28-29 सितंबर 2016 की रात नियंत्रण रेखा पार कर सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा किया था.
उस समय भारत के डीजीएमओ लेफ़्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया था, 'भारतीय सेना के लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादी ठिकाने नष्ट किए गए हैं'
बालाकोट एयर स्ट्राइक
साल 2019 में पुलवामा हमले के बाद भारत सरकार ने दावा किया था कि 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना के मिराज-2000 विमान ने रात के अंधेरे में नियंत्रण रेखा को पार करके पाकिस्तान के पूर्वोत्तर इलाक़े, खैबर पख़्तूनख़्वाह के शहर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकवादी संगठन के 'प्रशिक्षण शिविरों' के ठिकानों पर सिलसिलेवार 'सर्जिकल स्ट्राइक' किया है.
इस सर्जिकल स्ट्राइक को बालाकोट एयरस्ट्राइक का नाम दिया जाता है.
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