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राहुल गांधी का आरोप, सेना के पीछे छुपती है सरकार, बीजेपी बोली- समझें ज़िम्मेदार विपक्ष की भूमिका
राहुल गांधी की अगुवाई में जारी तीन हजार 500 किलोमीटर की 'भारत जोड़ो यात्रा' नए साल में उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी. पिछले छह दिनों से यात्रा में शामिल लोग आराम कर रहे हैं ताकि नए रास्तों के लिए तैयार हो पाएं.
इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी मीडिया ने शनिवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की.
'टी-शर्ट में ठंड क्यों नहीं लगती' जैसे सवालों से राहुल गांधी का एक बार फिर सामना हुआ. मीडिया से उन्होंने करीब 46 मिनट बात की और और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की 'मीडिया के सामने आने से डरते हैं.'
राहुल गांधी ने डर, नफरत, हिंसा, बेरोजगारी, महंगाई, आरएसएस, शिक्षा, सेना और चीन जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की.
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं और जो आरोप लगाए, उन पर बीजेपी के नेताओं ने पलटवार किया.
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा को एक 'जीवित चीज' बताया और कहा कि ये 'यात्रा एक आवाज' है और उसमें भावनाएं हैं.
'आरएसएस, बीजेपी को अपना गुरु मानता हूं'
राहुल गांधी ने कहा कि उन पर हमला करने वाले लोग उन्हें मजबूत बना रहे हैं और रास्ता दिखाने का काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "हमारे ऊपर जो आक्रमण करते हैं. मेरे जो आरएसएस और बीजेपी के मित्र हैं, मैं उन्हें धन्यवाद करना चाहता हूं. जितना वो आक्रमण करते हैं उतना ही हमें अपनी पोजीशन को बेहतर बनाने का मौका मिलता है. मैं चाहता हूं कि ये और जोर से करें."
"एक तरह से मैं उन्हें अपना गुरु मानता हूं, वे रास्ता दिखा रहे हैं कि हमें क्या नहीं करना चाहिए, रिएक्ट कैसे करना चाहिए. अच्छी ट्रेनिंग दे रहे हैं मैं उनका धन्यवाद करना चाहता हूं."
राहुल को असम के सीएम का जवाब
राहुल गांधी ने कहा कि आज के समय में बीजेपी को हराने के लिए विपक्ष को एकजुट होना पड़ेगा और कांग्रेस इस एकजुटता को लीड कर सकती है, क्योंकि उसके पास वह राष्ट्रीय विचारधारा है जो बीजेपी और आरएसएस से लड़ सकती है.
राहुल गांधी के इस बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, "गुरु मानना है तो आप हमारी भारत माता के ध्वज को प्रणाम कीजिए, गुरु दक्षिणा लीजिए और स्वयंसेवक के रूप में आगे बढ़िए."
"संघ का द्वार तो सबके लिए खुला है. संघ में किसी का स्वागत नहीं किया जाता है, संघ में लोग जाते हैं. अगर सच में आप गुरु मानते हैं तो आप जाएंगे वहां. जाकर आप गुरुजी की समाधि को, ध्वज को प्रणाम करेंगे. ऐसे बयान में मानने से क्या होगा."
'सेना और सरकार में फर्क है'
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर चीन के मामले में ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि चीन ने भारत की दो हजार वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है.
राहुल गांधी ने कहा, "प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई अंदर नहीं आया है. मैं आपके घर के अंदर आ गया, मैंने आपसे कहा कि आप तो आए ही नहीं, मैं कौन सा मैसेज लेकर जाऊंगा. ये मैसेज चीन को जा रहा है. हमें साफ कहना है कि आप अंदर आए हैं."
उन्होंने आरोप लगाया, "जब मैं सरकार की बात करता हूं तो कहते हैं कि मैं सेना की बात कर रहा हूं. सरकार और आर्मी में फर्क है. सरकार ने गलत निर्णय लिए हैं. सरकार को आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के पीछे नहीं छिपना चाहिए. ये कायरता है. सरकार को गलती माननी चाहिए, हम ही नहीं पूरा विपक्ष सरकार की मदद करेगा."
राहुल गांधी के इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "बराक ओबामा ने अपनी किताब 'ए प्रोमिस्ड लैंड' में 2010 में भारत की यात्रा के दौरान, मनमोहन सिंह के संदर्भ से ये लिखा है कि 26/11 के हमले के बाद सेना कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार थी, उस समय आपकी सरकार ने इसलिए कार्रवाई नहीं की कि आपको लगा कि उससे उपजे वातावरण से बीजेपी को लाभ न हो जाए. हम कार्रवाई करने दे रहे हैं और सेना शौर्य के साथ मैदान मारती हुई दिखाई पड़ती है."
'विदेश नीति में भ्रम'
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की विदेश नीति 'कंफ्यूजड' है और यह 'इवेंट पर आधारित' है.
उन्होंने कहा, "इवेंट आधारित, गैर सामरिक नीति से हिंदुस्तान को जबरदस्त नुकसान हो रहा है और इससे बहुत भारी चोट लगेगी. मैं इसे बार बार दोहरा रहा हूं लेकिन कोई सुन नहीं रहा है. मैंने कोविड के समय में भी कहा था कि समस्या आ रही है लेकिन कोई नहीं सुनता नहीं है."
राहुल गांधी ने कहा, "हमारी सरकार ने चीन के मामले को पूरी तरह से मिस हैंडल किया है. हमारी विदेश नीति का क्या लक्ष्य था? कांग्रेस पार्टी ने यूपीए-2 तक चीन और पाकिस्तान को एक नहीं होने दिया. आज पाकिस्तान और चीन एक हो गए. ये मामूली बात नहीं है, ये खतरनाक बात है."
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका को समझना चाहिए.
उन्होंने कहा, "विपक्ष की जिम्मेदार भूमिका कैसे निभाई है ये बीजेपी से सीखना चाहिए. याद करिए 2013 में केदारनाथ संकट के समय नरेंद्र मोदी ने सीएम रहते हुए किस तरह से मदद की थी."
"नवाज शरीफ ने बतौर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हमारे तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह जी के बारे में आपत्तिजनक शब्द बोले थे, तो उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री कहा था कि कौन होते हैं पाकिस्तान के पीएम जो हमारे 125 करोड़ लोगों के पीएम का अपमान कर रहे हैं."
"1995 में जिनेवा में अटल जी ने नरसिम्हा राव जी का समर्थन किया था. 1971 में युद्ध के समय इंदिरा जी की सरकार का समर्थन किया था. 1962 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक ने इस कदर समर्थन किया था कि जवाहरलाल नेहरू ने न सिर्फ प्रशंसा की थी बल्कि 26 जनवरी को बुलाया था."
'मैं सर्दी से नहीं डरता'
कड़ाके की ठंड में राहुल गांधी कई दिनों से टी-शर्ट में नजर आ रहे हैं, जिसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक पर चर्चा हो रही है.
खुद राहुल गांधी से भी कई बार सवाल किया जा चुका है कि उन्हें ठंड क्यों नहीं लगती, कई बार वे इस पर जवाब भी दे चुके हैं.
राहुल गांधी ने एक सवाल के जवाब में कहा, "टी-शर्ट से आपको इतनी डिस्टरबेंस क्यों हो रही है. आप क्या चाहते हैं कि मैं स्वेटर पहन लूं? यात्रा के बाद मैं वीडियो बनाऊंगा की टीशर्ट में कैसे चला जाता है और ठंड से कैसे लड़ा जाता है."
"ये आपने स्वेटर क्यों पहन रखा है?. इसका कारण है कि आप सर्दी से डरते हैं. इसका कारण ये नहीं है कि सर्दी है. आप सर्दी से डरते हो मैं सर्दी से नहीं डरता."
इससे पहले उन्होंने एक पत्रकार को जवाब देते हुए कहा था कि आप देश के किसान और मेहनतकश लोगों से क्यों नहीं पूछते हैं कि वे ठंड में कैसे काम करते हैं.
इस बयान पर पलटवार करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "अगर ठंड नहीं लगती तो चलिए तवांग में, भारत के कितने लोग हैं जो ठंड से नहीं डरते हैं. कांग्रेस के 60 साल के शासन के चलते देश में कितने लोग है, जिन्हें ठंड के समय में कपड़े नहीं मिलते हैं."
"भारत में बहुत गरीब बच्चे हैं, जिनके पास कंबल, स्वेटर भी नहीं है. उनकी वो मजबूरी है. आपका ये फैशन स्टेटमेंट हैं. मजबूरी और फैशन में फर्क होता है."
वहीं बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी ट्वीट कर इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने लिखा, "आपने स्वेटर पहना है क्योंकि आप सर्दी से डरते हो, इसलिए नहीं क्योंकि सर्दी है। कांग्रेस वाले कैसे झेलते हैं इतना ज्ञान?"
'हम बच्चों को रास्ता नहीं दिखा पा रहे'
नोटबंदी, महंगाई और चीन के अलावा राहुल गांधी ने भारत की शिक्षा व्यवस्था के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि शिक्षा की जो व्यवस्था है वो काम नहीं कर पा रही है. हम बच्चों को जो विजन और इमेजिनेशन दे सकते हैं वो नहीं दे पा रहे हैं.
राहुल गांधी ने कहा, "मैं कन्याकुमारी से दिल्ली तक आया हूं. 108 दिन में मैंने हजारों बच्चों से बात की और हर बच्चे से पूछा कि तुम यूनिवर्सिटी और कॉलेज के बाद क्या करोगे? मुझे पांच जवाब मिले, एक लड़की ने कहा कि मैं अपना छोटा बिजनेस चला रही हूं."
"एक लड़के ने कहा कि मैं मैकेनिक बनना चाहता हूं. 99.9 प्रतिशत बच्चे कह रहे हैं कि वकील, डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, जज बनना है."
उन्होंने कहा, "हमारा एजुकेशन सिस्टम हमारे बच्चों को कह रहा है कि जिंदगी में तुम्हारे पास पांच काम है. और सच ये है कि ये बच्चे इंजीनियर, डॉक्टर, जज नहीं बन सकते हैं. क्योंकि इनकी सीटें बहुत कम हैं."
सात सितंबर से 'भारत जोड़ो यात्रा' शुरू होने के बाद से राहुल गांधी ने शनिवार को नवीं प्रेस कॉन्फ्रेंस की. तीन जनवरी से भारत जोड़ो यात्रा दिल्ली से शुरू होकर उत्तर प्रदेश, पंजाब होते हुए जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेगी.
कॉपी: अभिनव गोयल
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