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माँ हीराबेन से अस्पताल में मिले पीएम मोदी, हालत स्थिर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ हीराबेन को बुधवार को अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मां से मिलने अस्पताल गए और करीब एक घंटे तक अस्पताल में रहे.
इस दौरान अस्पताल में उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे. वहीं यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर ने एक बयान जारी कर कहा है कि हीराबेन की हालत अभी स्थिर है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.
उन्होंने लिखा, "एक मां और बेटे के बीच का प्यार अनन्त और अनमोल होता है. मोदी जी, इस कठिन समय में मेरा प्यार और समर्थन आपके साथ है. मैं आशा करता हूं आपकी माताजी जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं."
इसी साल 18 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी माँ का 100वाँ जन्मदिन मनाया था. पीएम मोदी अपनी माँ के सौ बरस पूरे होने पर गांधीनगर गए थे.
हीराबेन के 100 बरस पूरे होने पर पीएम मोदी ने एक भावुक ब्लॉग भी लिखा था. अपने ब्लॉग में पीएम मोदी ने लिखा था, ''आज मैं अपनी ख़ुशी, अपना सौभाग्य, आप सबसे साझा करना चाहता हूँ. मेरी माँ, हीराबा आज 18 जून को अपने सौवें वर्ष में प्रवेश कर रही हैं.
यानी उनका जन्म शताब्दी वर्ष प्रारंभ हो रहा है. पिताजी आज होते, तो पिछले सप्ताह वो भी 100 वर्ष के हो गए होते. यानी 2022 एक ऐसा वर्ष है, जब मेरी माँ का जन्मशताब्दी वर्ष प्रारंभ हो रहा है और इसी साल मेरे पिताजी का जन्मशताब्दी वर्ष पूर्ण हुआ है.''
पीएम मोदी ने लिखा था, ''आज मेरे जीवन में जो कुछ भी अच्छा है, मेरे व्यक्तित्व में जो कुछ भी अच्छा है, वो माँ और पिताजी की ही देन है. आज जब मैं यहां दिल्ली में बैठा हूँ, तो कितना कुछ पुराना याद आ रहा है.
मेरी माँ जितनी सामान्य हैं, उतनी ही असाधारण भी. ठीक वैसे ही, जैसे हर माँ होती है. आज जब मैं अपनी माँ के बारे में लिख रहा हूं तो पढ़ते हुए आपको भी ये लग सकता है कि अरे, मेरी मां भी तो ऐसी ही हैं, मेरी मां भी तो ऐसा ही किया करती हैं. ये पढ़ते हुए आपके मन में अपनी मां की छवि उभरेगी.
मां की तपस्या, उसकी संतान को सही इंसान बनाती है. मां की ममता, उसकी संतान को मानवीय संवेदनाओं से भरती है. मां एक व्यक्ति नहीं है, एक व्यक्तित्व नहीं है, मां एक स्वरूप है. हमारे यहां कहते हैं, जैसा भक्त वैसा भगवान. वैसे ही अपने मन के भाव के अनुसार, हम मां के स्वरूप को अनुभव कर सकते हैं.''
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