नीरज चोपड़ा से लेकर बजरंग पूनिया तक, जिनका दिखा 2022 में जलवा

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
साल 2022 में फ़ीफ़ा विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट छाया रहा. टी-20 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट ने भी ख़ूब सुर्ख़ियाँ बटोरी लेकिन भारत के खिलाड़ियों ने इस साल कॉमनवेल्थ खेलों में अपने दमदार और शानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी खास पहचान स्थापित की.
कामयाबी का पर्याय बन चुके जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का नाम इनमें सबसे पहले आता है.
साल 2020 के टोक्यो ओलंपिक खेलों में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा और ऐसा कारनामा करने वाले वह भारत के पहले एथलीट बने.
ट्रैक एंड फ़ील्ड प्रतियोगिता में भारत के लिए उन्होंने पहला पदक जीता और वह भी स्वर्ण पदक.
नीरज चोपड़ा ने इस साल अमरीका के ओरेगॉन शहर में हुई विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता.
विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने के क्या मायने हैं इसे समझने के लिए इतना ही काफ़ी है कि यह इस चैंपियनशिप में भारत का दूसरा ही पदक है.
नीरज चोपड़ा से पहले साल 2003 में पेरिस में हुई विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अंजू बॉबी जॉर्ज ने "लॉग जम्प" में कांस्य पदक जीता था.

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इस सफलता ने उन्हें भारत का पहला पुरुष एथलीट भी बना दिया जिसने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ट्रैक एंड फ़ील्ड प्रतियोगिता में कोई पदक जीता. नीरज चोपड़ा ने 88.13 मीटर की दूरी तक जैवलिन थ्रो किया. स्वर्ण पदक जीतने वाले ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 90.54 मीटर की दूरी तक जैवलिन थ्रो किया.
इस विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन 15 जुलाई से 24 जुलाई तक हुआ. इससे पहले इसका आयोजन 6 से 15 अगस्त 2021 को होना था लेकिन वैश्विक बीमारी कोरोना के कारण इसे टाल दिया गया था.
नीरज चोपड़ा चोट के कारण इसी साल बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं ले सके लेकिन उन्होंने इसकी भरपाई डायमंड लीग में स्वर्ण पदक जीतकर पूरी की. उन्होंने 88.44 मीटर तक की दूरी तक जैवलिन थ्रो किया.
नीरज चोपड़ा डायमंड लीग में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट है. डायमंड लीग का आयोजन ज़्यूरिख़ में हुआ जहॉ रजत पदक चैक गणराज्य के जैकब वादवेच्च ने 86.94 मीटर के साथ जीता. कांस्य पदक जर्मनी के जूलियन वेबर ने 83.73 मीटर के साथ अपने नाम किया. ज़ाहिर है नीरज चोपड़ा इनसे काफ़ी आगे रहे.
नीरज चोपड़ा इसके अलावा साल 2018 के एशियन गेम्स और उसी साल हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीत चुके है. बीते 24 दिसंबर को अपना 25वॉ जन्मदिन मनाने वाले नीरज चोपड़ा से नए साल और भविष्य में भी ऐसे ही करिश्माई प्रदर्शन की उम्मीद है.
पुरुष बैडमिंटन टीम ने पहली बार जीता थॉमस कप

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नीरज चोपड़ा के अलावा साल 2022 में सबसे बड़ा करिश्मा भारत की बैडमिंटन टीम ने किया. टीम ने बड़ा उलटफेर करते हुए फ़ाइनल में पिछली और कुल मिलाकर 14 बार की चैंपियन इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर पहली बार थॉमस कप 2022 का ख़िताब जीता. थॉमस कप पुरुष और उबर कप महिला वर्ग में आयोजित होता है.
भारतीय टीम की जीत के नायक रहे लक्ष्य सेन, किदांबी श्रीकांत और युगल में खेलने वाले सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी.
पहले मुक़ाबले में एकल में नौवीं वरीयता हासिल लक्ष्य सेन ने दुनिया के नम्बर चार खिलाड़ी एंथनी सिनिसुका गिनटिंग को, दूसरे मुक़ाबले में युगल में सात्विक साईराज और चिराग शेट्टी ने इंडोनेशिया के केविन संजाया और मोहम्मद अहसान की जोड़ी को हराया.
तीसरे मुक़ाबले में किदांबी श्रीकांत ने जोनाथन क्रिस्टी को 21-15, 23-21 से हराकर पहली बार एतिहासिक जीत दर्ज की. थॉमस कप के 73 साल के इतिहास में भारतीय टीम पहली बार चैंपियन बनी. भारत छठी टीम है जिसने यह टूर्नामेंट जीता.
टेबल टेनिस में 40 साल के अचंत शरत कमल ने चौंकाया

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राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने जीते 61 पदक भारत ने इसी साल बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य पदक सहित 61 पदक जीते. भारत के पुरुष खिलाड़ियों ने 35, महिला खिलाड़ियों ने 23 और युगल वर्ग में 3 पदक जीते.
एथलेटिक्स में 3000 मीटर स्टीपलचेस में अविनाश साब्ले ने नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ रजत, मुरली श्रीशंकर ने लॉग जंप में रजत, एल्डॉस पॉल ने ट्रिपल जंप में स्वर्ण और तेजस्विन शंकर ने हाई जंप में कांस्य पदक जीतकर नए मांपदंड स्थापित किए. जबकि बैडमिंटन में युवा लक्ष्य सेन और पुरुष युगल में सात्वितसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीते.
अचंत शरत कमल ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपने प्रदर्शन से सबको दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर करते हुए टेबल टेनिस में पुरुष एकल का ख़िताब जीता. फ़ाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के पिचफोर्ड को एकतरफ़ा 4-1 से हराया.
इसके अलावा उन्होंने मिश्रित युगल और पुरुष टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीते, यानि तिहरी स्वर्णिम कामयाबी. इतना ही नहीं उन्होंने पुरुष युगल में भी रजत पदक जीता.
40 साल के अचंत शरत ने कामयाबी का यह कमल पहली बार नहीं खिलाया, बल्कि वह राष्ट्रमंडल खेलों में टेबल टेनिस के चैंपियन खिलाड़ी है.
वह साल 2006 के मेलबोर्न राष्ट्रमंडल खेलों में एकल और पुरुष टीम में स्वर्ण, 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष युगल में स्वर्ण, पुरुष एकल और पुरुष टीम में कांस्य, 2018 के गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष टीम में स्वर्ण, पुरुष युगल और एकल में कांस्य पदक जीत चुके है.
वह साल 2014 के ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भी पुरुष युगल में रजत पदक जीत चुके है. अचंत शरत कमल की कामयाबी अद्भुत है.
बजरंग पूनिया ने विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में जीता कांस्य

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भारत के पहलवान भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली चैंपियनशिप में छाये रहते है लेकिन साल 2022 में सर्बिया में 10 से 18 सितंबर तक हुई विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत के हाथ पुरुष वर्ग में केवल एक कांस्य पदक ही लगा.
वैसे भारत ने दो कांस्य पदक जीते लेकिन दूसरा पदक महिला वर्ग में विनेश फोगाट ने जीता.
भारत को 65 किलो भारवर्ग में बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक दिलाया. स्वर्ण पदक ईरान और रजत पदक अमरीकी पहलवान ने जीता. 28 साल के बजरंग पूनिया का विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में यह चौथा पदक है. वह इस चैंपियनशिप में अभी तक एक रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुके है.
बजरंग पूनिया ने इसी साल बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता. इससे पहले वह साल 2018 के गोल्डकोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण और 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीत चुके है.

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एक तरफ़ जहॉ इन खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन से साल 2022 को भारत के लिए यादगार बनाया वहीं भारतीय पुरुष हॉकी ने साल के जाते जाते तब निराश किया जब वह अपने ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर पाँच मैचों की टेस्ट सीरीज़ 4-1 से हार गई. ऑस्ट्रेलिया ने इसी साल बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारतीय पुरुष टीम को फ़ाइनल में 7-0 से हराया था.
अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम का अगला लक्ष्य अगले साल भारत में ही होने वाले विश्व कप हॉकी टूर्नामेंट में यादगार प्रदर्शन करना है. भारत साल 1975 में इसे अपने नाम कर चुका है.
उम्मीद की जानी चाहिए कि साल 2023 ओलंपिक खेलों के क्षेत्र में भारत के लिए शानदार साबित हो.
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