पीयूष गोयल के बिहार वाले बयान पर बवाल, आरजेडी ने कहा माफ़ी से कम कुछ नहीं

    • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना से

राज्यसभा में बिहार पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की टिप्पणी से जुड़ा विवाद थमता नहीं दिख रहा है.

पीयूष गोयल ने भले ही अपना बयान वापस ले लिया हो लेकिन आरजेडी सांसद मनोझ झा का कहना है कि पीयूष गोयल ने पूरे राज्य और उसकी विरासत का अपमान किया है, उन्हें माफ़ी मांगनी थी.

इससे पहले राज्यसभा में बीजेपी नेता पीयूष गोयल ने बिहार पर दिए अपने बयान को वापस ले लिया.

गुरुवार को संसद में पीयूष गोयल ने कहा, "मैं स्पष्ट कर दूं कि मेरा बिहार या बिहार के लोगों का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था, अगर इससे किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो मैं तुरंत उस बयान को वापस लेता हूं."

दरअसल मंगलवार को राज्यसभा में आरजेडी के सांसद मनोज झा विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे. उसी वक़्त पीयूष गोयल ने मनोज झा के लिए कहा था, "इनका बस चले तो देश को बिहार बना दें."

पीयूष गोयल की बयान वापसी के बाद आरजेडी के सांसद मनोज झा ने बीबीसी से कहा है कि इसमें केवल स्टेटमेंट वापस ले लेने से बात नहीं बनती है. उन्होंने कहा, "सदन के नेता हैं, उनकी मामूली हैसियत नहीं है. उन्हें सिर्फ़ एक लाइन कहना था कि मैं अपने बयान के लिए माफ़ी मांगता हूं."

मनोज झा का कहना है, "यह एक नज़रिए को दिखाता है. बिहार को जो ग्रांट मिलना चाहिए उसे देरी से देते हैं या नहीं देते हैं. बिहार को आप सिर्फ़ एक श्रमिक देने वाला राज्य समझते हैं. बिहार में पूंजी का निवेश हो उसके लिए केंद्र के पास कोई ब्लू प्रिंट नहीं होता है. ये सारे मसले इसी तरह की मानसिकता से उपजे हुए हैं."

मनोज झा मंगलवार को राज्यसभा में ग़रीब और कॉरपोरेट हाउस के लिए सरकार के नज़रिए पर बोल रहे थे. पीयूष गोयल की टिप्पणी के बाद मनोज झा ने उसी वक़्त सदन की कार्यवाही के दौरान पीयूष गोयल से कहा था, "सर ये बिहार के अपमान का प्रश्न है. पीयूष जी, मैं हाथ जोड़कर विनती करता हूं आप मुझ पर टिप्पणी करें, मेरे राज्य बिहार पर टिप्पणी न करें."

'मेरे राज्य पर टिप्पणी ना करें'

यह मामला उसी वक़्त शांत नहीं हुआ. अगले दिन यानि बुधवार को मनोज झा ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को चिट्ठी लिखकर पीयूष गोयल से इस टिप्पणी के लिए ख़ेद जताने की मांग की थी.

इसके अलावा मनोज झा ने इस टिप्पणी को राज्यसभा के रिकॉर्ड से बाहर करने की भी मांग की थी.

पीयूष गोयल के इस बयान पर पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी हंगामा भी शुरू हो गया. बिहार आरजेडी ने इसे बिहार का अपमान बताकर पीयूष गोयल को बर्ख़ास्तगी की माँग की.

राजद बिहार ने ट्वीट किया, "भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा लोकतंत्र की जननी 'बिहार' के अपमान को नहीं सहा जाएगा. अपने क़रीबी मंत्री के इस कुकृत्य पर प्रधानमंत्री ज़िम्मेदारी लेते हुए बिहारवासियों से माफ़ी मांगें और ऐसे अहंकारी मंत्री पीयूष गोयल को बर्ख़ास्त करें."

इस मसले पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट किया और कहा कि बीजेपी ने मंत्री बिहार और बिहार के लोगों का अपमान कर रहे हैं.

उन्होंने ट्वीट किया, "देखिए, कैसे एक विवेकहीन व अहंकारी केंद्रीय भाजपाई मंत्री सदन के अंदर बिहार और बिहारियों का अपमान कर रहे हैं? इनके गृह राज्य महाराष्ट्र से 2.5 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स गुजरात चले गए लेकिन बेचारे चूँ तक नहीं कर सके, यही इनकी हैसियत है. बिहार बीजेपी के नाकारा सांसदों ने अपना ज़मीर बेच दिया है."

ग़ैर-बीजेपी दलों का साथ

आरजेडी को इस मुद्दे पर बाक़ी कई ग़ैर-एनडीए दलों का साथ भी मिला. गुरुवार को बिहार के सांसदों ने दिल्ली में संसद भवन परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया.

इसमें आरजेडी से साथ कांग्रेस, जेडीयू, लेफ़्ट और शिवसेना सहित कई पार्टियों के सांसद शामिल हो गए.

फ़िलहाल इस मसले पर बीजेपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. आरजेडी इस मुद्दे पर आगे क्या रणनीति अपनाएगी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन माना जा रहा है कि संसद सत्र के दौरान शुक्रवार को भी यह मुद्दा गर्म रह सकता है.

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