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मोदी की मोरबी यात्रा से पहले अस्पताल के रंग-रोगन पर बवाल
गुजरात के मोरबी में सस्पेंशन ब्रिज के गिरने के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहाँ का दौरा कर रहे हैं.
रविवार शाम को हुई इस घटना में कम से कम 134 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले एक अन्य मुद्दा सुर्ख़ियाँ बटोर रहा है और सोशल मीडिया पर इसकी ख़ूब चर्चा हो रही है.
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर सोमवार से मोरबी के अस्पताल की रंगाई-पुताई चल रही है.
इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं.
कांग्रेस पार्टी ने इसे त्रासदी का इवेंट कहा है. पार्टी ने लिखा है कि मोदी की यात्रा से पहले वहाँ रंगाई पुताई का काम चल रहा है और चमचमाती टाइल्स लगाई जा रही है.
आम आदमी पार्टी ने भी अस्पताल का वीडियो ट्वीट कर लिखा है कि असली दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन भाजपाइयों को फोटोशूट करके लीपापोती की पड़ी है.
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने ट्वीट कर लिखा है कि आज उसी अस्पताल को सजाया-सँवारा जा रहा है, जहाँ वो खानापूर्ति करने जा रहे हैं. अस्पताल के अंदर सैकड़ों लाशों का ढेर है. पूरा देश #गुजरात हादसे से ग़मजदा है, लेकिन एक विशेष शख़्स ड्रेस बदलने व फोटो खिंचवाने में मस्त और व्यस्त है. जहाँ लाशें पड़ी हो वहाँ कोई रंगाई पुताई करवाता है क्या?
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट किया- किसी के घर में मृत्यु हो जाए, तो रंगाई पुताई करवाता है? अस्पताल के अंदर 134 लाशे पड़ी है, और हॉस्पिटल की रंगाई पुताई का काम चल रहा है.
आरजेडी ने एक और वीडियो ट्वीट कर दावा किया है कि जब मोरबी हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी, गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री केक काट रहे थे और पटाखे चलाए जा रहे थे. पार्टी ने कहा है कि ये भाजपाई इतने असंवेदनशील क्यों होते हैं?
प्रोफ़ेसर अशोक स्वेन ने लिखा है कि अस्पताल पीएम मोदी की तैयारी के लिए सज रहा है. ये नया भारत है.
देवांशु भट्टाचार्य ने लिखा है कि प्रधानमंत्री जी के Photoshoot में कोई कमी ना रह जाए इसलिए अस्पताल की मरम्मत की जा रही है.
क्या हुआ था मोरबी में
रविवार शाम को मोरबी में क़रीब डेढ़ सौ साल पुराना सस्पेंशन ब्रिज टूट गया था. उस समय पुल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक़ इस हादसे में 137 लोग लापता हैं और कई घायल हैं, जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
राजकोट रेंज के आईजी अशोक कुमार यादव ने सोमवार शाम को किए एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जानकारी दी कि इस मामले में नौ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
मोरबी पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है.
अशोक यादव ने कल बताया था-हमने जो एफ़आईआर की थी उसमें आईपीसी की धारा 304, 308 और 114 की धारा लगाई गई है. उसमें अब तक नौ लोग गिरफ्तार किए गए हैं.
सोमवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें मोरबी की स्थिति की समीक्षा की गई. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा है कि वे पीड़ित लोगों की हरसंभव मदद करें.
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरबी त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवार को 2 लाख रुपए और प्रधान मंत्री राहत कोष से घायलों को 50,000 रुपए की सहायता राशि की घोषणा की थी. इसके साथ ही गुजरात सरकार ने आर्थिक मदद का भी एलान किया है.
राज्य सरकार ने इस घटना की जाँच के लिए एसआईटी गठित की है. इस पुल का मालिकाना हक़ फ़िलहाल मोरबी नगर पालिका के पास है.
नगर पालिका ने हाल ही में ओरेवा ग्रुप के साथ एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया था और 15 वर्षों के लिए पुल के रख-रखाव और संचालन का काम उसे सौंपा था.
हाल ही में पुल की मरम्मत के बाद इसे 26 अक्तूबर को जनता के लिए खोल दिया गया था. हालाँकि नगर पालिका का कहना है कि उसे इसकी जानकारी नहीं दी गई है.
मोरबी नगर पालिका के मुख्य अधिकारी संदीप सिंह झाला ने बताया, "पुल मोरबी नगर पालिका की संपत्ति है, लेकिन हमने इसे कुछ महीने पहले 15 साल के लिए ओरेवा समूह को रख-रखाव और प्रबंधन के लिए सौंप दिया था. हालाँकि निजी फ़र्म ने हमें बिना सूचित किए लोगों के लिए खोला था. इसलिए हम पुल का सुरक्षा ऑडिट नहीं कर सके."
ओरेवा ग्रुप घड़ियों से लेकर ई-बाइक तक कई तरह के इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाती है. कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक़ कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी घड़ी निर्माता कंपनी है.
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