ग़ाज़ियाबाद में महिला को अग़वा कर गैंगरेप की बात बिल्कुल झूठ थी: पुलिस

ग़ाज़ियाबाद

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इमेज कैप्शन, महिला के तीनों दोस्त आज़ाद, गौरव और अफ़ज़ल को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है
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मुख़्य बातें

  • 18 अक्टूबर को ग़ाज़ियाबाद में एक महिला को अगवा कर गैंग-रेप की ख़बर आग की तरह फैली
  • दो दिन बाद पुलिस ने जाँच के बाद बताया कि गैंग रेप का ड्रामा जानबूझकर रचा गया था
  • पुलिस के अनुसार, महिला मेडिकल परीक्षण के लिए तैयार नहीं हो रही थी
  • पुलिस का कहना है कि महिला के तीनों दोस्तों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने सुनियोजित तरीक़े से गैंग रेप का पूरा नाटक रचा था
  • पुलिस के अनुसार, महिला ने एक संपत्ति विवाद में अपने फ़ायदे के लिए ऐसा किया
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ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली की 38 साल की महिला को अगवा कर कथित गैंग-रेप की बात पूरी तरह से झूठी थी.

पुलिस ने महिला के तीन दोस्तों को गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि ये तीनों से इस साज़िश के हिस्सा थे. महिला की शिकायत पर इससे पहले पुलिस ने पाँच संदिग्धों को ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था.

पुलिस ने कहा कि महिला के तीनों दोस्तों ने फ़र्ज़ी मामला बनाने का गुनाह स्वीकार कर लिया है. महिला के ये तीनों दोस्त हैं- दिल्ली में वेलकम के आज़ाद तहसीन, गौतमबुद्ध नगर में बादलपुर के गौरव शरण और ग़ाज़ियाबाद में कालिया भट्टा के मोहम्मद अफ़ज़ल.

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मेरठ रेंज के आईजी प्रवीण कुमार ने गुरुवार शाम प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ''हमने महिला के तीनों दोस्तों को गिरफ़्तार कर लिया है. इन तीनों ने इसे स्वीकार किया है कि पूरा मामला झूठ था. हमने सबूतों के आधार पर इनकी पुष्टि भी की है. रेप का नाटक पाँच व्यक्तियों के ख़िलाफ़ संपत्ति विवाद में रचा गया था. इन्हीं पाँचों को पहले संदिग्ध माना गया था.''

प्रवीण कुमार ने कहा, ''महिला शुरुआत में मेडिकल जाँच के लिए तैयार नहीं हो रही थी. काफ़ी कोशिश करने के बाद वह मेडिकल जाँच के लिए तैयार हुई. हमने सबूतों की पड़ताल शुरू की तो हक़ीक़त एक के बाद एक सामने आने लगी. आज़ाद के मोबाइल से कई चीज़ें पता चलीं. आज़ाद के मोबाइल से पेटीएम पेमेंट किया गया ताकि इस ख़बर को सनसनी की तरह पेश किया जाए. इससे पहले भी उन पाँच व्यक्तियों को फँसाने की दो कोशिश की गई थी. यह तीसरी कोशिश थी.''

पुलिस ने बताया कि महिला के तीनों दोस्तों के ख़िलाफ़ आईपीसी के सेक्शन 195 (फ़र्ज़ी सबूत देने), 467 (धोखाधड़ी) और आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.

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महिला पर भी कार्रवाई

महिला को लेकर पुलिस ने कहा है कि जाँच अभी जारी है और उसके ख़िलाफ़ भी उचित कार्रवाई की जाएगी. भाई के बारे में पुलिस ने कहा है कि वह साज़िश में शामिल था, ऐसा प्रतीत नहीं होता है.

पुलिस ने 18 अक्तूबर को गैंग-रेप की शिकायत दर्ज की थी. महिला के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पाँच लोगों को संदिग्ध बनाया था. महिला का भाई ग़ाज़ियाबाद में रहता है.

पहले दावा किया गया था कि महिला को उसके भाई के घर के पास से 16 अक्टूबर की रात एक एसयूवी में सवार कुछ लोगों ने अगवा कर लिया था.

कहा गया कि महिला तब दिल्ली लौटने के लिए ऑटो का इंतज़ार कर रही थी. दावा किया गया था कि महिला अपने भाई के घर के पास 18 अक्तूबर को तड़के चार बजे जूट के बोरे में बांधकर फेंकी हुई मिली थी.

उसके हाथ पैर बंधे थे. दावा किया गया था कि अज्ञात जगह पर लगातार दो दिनों तक गैंग-रेप किया गया था.

पुलिस ने गुरुवार को इन दावों को सिरे से ख़ारिज कर दिया. पुलिस ने कहा कि महिला को उसके दोस्तों ने गौरव की अल्टो कार से ग़ाज़ियाबाद में उस जगह पर लेकर आए थे.

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ज़मीन का विवाद

पुलिस का कहना है कि गाड़ी की जीपीएस लोकेशन से भी इस बात की पुष्टि हुई है. पुलिस ने बताया कि शुरु में जिन दो संदिग्धों शाहरुख़ और मोहम्मद जावेद को नामित किया गया था, उनकी दिल्ली के नंद नगरी में पैतृक संपत्ति है. महिला के दोस्त आज़ाद ने इस संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम से ले ली थी और उसने किसी तीसरे व्यक्ति से प्रॉपर्टी बेच दी थी. अनुमान के मुताबिक़ 53 लाख की यह संपत्ति उस महिला के नाम कर दी गई.

शुरुआत की एफ़आईआर में शाहरुख़ और उनके भाई जावेद का नाम था. शाहरुख़, जावेद के अलावा उनके चाचा औरंगज़ेब और दो अन्य व्यक्ति पर महिला की माँ ने आरोप लगाया है कि इन्होंने ज़मीन बेचने के लिए पैसे लिए थे.

मेरठ रेंज के आईजी प्रवीण कुमार
UP POLICE
महिला पहले मेडिकल जाँच के लिए तैयार नहीं हो रही थी. काफ़ी कोशिश के बाद जाँच के लिए तैयार हुई. सबूतों की पड़ताल शुरू की तो हक़ीक़त सामने आने लगी.
प्रवीण कुमार
मेरठ रेंज के आईजी

प्रवीण कुमार ने कहा, ''यह ज़मीन विवाद का मामला था और इससे जुड़ा केस दिल्ली के कड़कड़डूमा ज़िला अदालत में लंबित है. महिला ने इसी को लेकर अपने दोस्तों के साथ गैंग-रेप का नाटक रचा. हमलोग महिला के ख़िलाफ़ भी उचित कार्रवाई करेंगे. अब भी मामले की जांच चल रही है और इसमें अन्य संदिग्ध भी सामने आ सकते हैं. महिला अपनी योजना के मुताबिक़ दिल्ली में ख़ास लोकेशन पर रह रही थी.''

दिल्ली महिला आयोग ने बुधवार को ग़ाज़ियाबाद पुलिस को नोटिस दिया था. दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने भी कथित गैंग-रेप की से जुड़ा ट्वीट बहुत ही सनसनीखेज अंदाज़ में किया था.

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मीडिया में इसकी तुलना दिल्ली में चलती बस में निर्भया के साथ हुए गैंग रेप से की जाने लगी थी. प्रवीण कुमार ने कहा है कि इस मामले में ग़ाज़ियाबाद पुलिस की कम से कम आठ टीम काम कर रही थी.

ग़ाज़ियाबाद पुलिस के अधिकारियों की टीम ने कहा है कि जब यह सब नाटक रचा गया तब गौरव की अल्टो की कार का जीपीएस लोकेशन ग़ाज़िबाद के उसी इलाक़े का था जबकि शुरू में जिन पाँच लोगों को संदिग्ध बनाया गया था, उनके मोबाइल का लोकेशन ग़ाज़ियाबाद के आसपास भी नहीं था.

महिला के शरीर में बाहरी वस्तु?

हिन्दुस्तान टाइम्स से दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा है कि महिला में एक छोटा 'बाहरी वस्तु' बरामद किया गया है. उन्होंने कहा कि कोई भी आंतरिक ज़ख़्म या चोट नहीं है और केवल बाहरी खरोंच है. बुधवार को एसएसपी गाज़ियाबाद मुनिराज जी ने कहा था कि बाहरी वस्तु 5-6 सेंटीमीटर लंबा एक टंग क्लिनर था.

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हिन्दुस्तान टाइम्स से इस मामले के एक जांच अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, ''जाँच में यह बात सामने आई है कि वह महिला ग़ाज़ियाबाद में अपने भाई के जन्मदिन में शामिल होने के बाद दिल्ली अपने घर आई थी और अपने तीनों बच्चों को बहन के घर भेज दिया था. कथित गैंग-रेप के दौरान महिला दिल्ली में थी. 17 अक्टूबर को महिला के तीनों दोस्त ग़ाज़ियाबाद के विजयनगर के पास मिले थे. प्लान के तहत महिला को लाने के लिए आज़ाद ने गौरव को भेजा. गौरव की कार से महिला को ग़ाज़ियाबाद लाया गया. गौरव ने ऐसा ही किया और उसने महिला को वहीं लाकर छोड़ दिया. यहीं पर पूरा ड्रामा रचा गया.''

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जाँच अधिकारी ने बताया, ''आज़ाद यह देखने के लिए रुका रहा कि कौन महिला को देखता है और पुलिस में रिपोर्ट करता है. मंलवार को एक स्थानीय व्यक्ति ने कॉल किया और बताया कि एक एक महिला संदिग्ध हालत में पड़ी है. उस कॉलर ने एक वीडियो भी बनाया था. उस वीडियो को ध्यान से देखने पर आज़ाद भी उसमें दिखता है.''

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जाँचकर्ताओं ने यह भी बताया है कि वो टंग क्लिनर घटना के तीन दिन पहले ख़रीदा गया था.

हिन्दुस्तान टाइम्स ने महिला के भाई से संपर्क किया तो उन्होंने बताया, ''पुलिस ने हमें हालिया गिरफ़्तारी की कोई जानकारी नहीं दी है. अगर पुलिस गैंगरेप और अगवा की बात से इनकार कर रही है तो वह दबाव में ऐसा कर रही है. वह ज़मीन मेरी बहन की है और वह उसका बिजली बिल भी देती है. उन पाँचों व्यक्तियों ने उस पर जबरन क़ब्ज़ा कर रखा है और वे मेरी बहन को केस वापस लेने की धमकी देते हैं.''

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