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गुजरात में केजरीवाल ने जिस ऑटो वाले के घर खाना खाया वो असल में किसके फ़ैन हैं?
- Author, तेजस वैद्य
- पदनाम, बीबीसी गुजराती संवाददाता
जनता के मन की बात को परखना, समझना राजनेताओं के लिए बेहद मुश्किल है. इसकी बानगी हम चुनावों में तो देखते ही हैं, गुजरात से भी एक ऐसा बड़ा उदाहरण सामने आया है.
दरअसल, 12 सितंबर को गुजरात के एक ऑटो चालक विक्रम दंताणी के घर पर अरविंद केजरीवाल खाना खाने पहुंचे थे और ड्राइवर ने खुद को अरविंद केजरीवाल का 'बड़ा फैन बताया था'.
30 सितंबर को वो ही ऑटो चालक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में भी देखे गए और खुद को बीजेपी का वोटर बताया.
बीबीसी से बातचीत में विक्रम दंताणी कहते हैं कि उन्होंने तो सिर्फ अरविंद केजरीवाल को न्योता दिया था उन्हें भरोसा नहीं था कि वो उनके घर खाने पर आ जाएंगे. इसी के साथ वो ये भी कहते हैं कि वो हमेशा से बीजेपी के साथ थे और आगे भी रहेंगे.
विक्रम कहते हैं, ''मैं पहले से ही बीजेपी के साथ हूं. पहले से ही बीजेपी को समर्थन देता हूं आगे भी देता रहूंगा. केजरीवाल जी को न्योता इसलिए दिया था क्योंकि वीडियो देखा था, मुझे लगा नहीं था कि वो आएं.गे लेकिन वो आए. गुजरात का कोई भी नागरिक हो उसके घर अगर कोई मेहमान आता है तो हम आदर सत्कार करते हैं, खाना खिलाकर भेजते हैं.''
विक्रम ने बताया कि केजरीवाल ने उपहार में उनकी पत्नी के लिए साड़ी और बच्ची के लिए ड्रेस दिया था.
12 सितंबर को विक्रम के घर डिनर पर पहुंचे थे केजरीवाल
इस साल के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होना है और सभी पार्टियां अपना पूरा जोर लगा रही हैं. आम आदमी पार्टी की तरफ़ से भी अरविंद केजरीवाल समेत कई नेता गुजरात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. इसी क्रम में 12 सितंबर को भी अरविंद केजरीवाल गुजरात पहुंचे थे. यहां पर एक कार्यक्रम में ऑटो चालक विक्रम दंताणी ने ख़ुद को अरविंद केजरीवाल का 'बहुत बड़ा फैन' बताते हुए उन्हें अपने घर खाना खाने के लिए आमंत्रित किया.
इसके जवाब में अरविंद केजरीवाल कहते दिखे, ''ज़रूर आएंगे, पंजाब में ऑटो वाले के घर गए थे, पंजाब के ऑटो वाले प्यार करते हैं, गुजरात के ऑटो वाले भी प्यार करते हैं, तो आज शाम को मुझे लेने आओगे मेरे होटल पर.''
ये ख़बर सुर्खियों में रही और 12 सितंबर की रात को ही अरविंद केजरीवाल ऑटो में बैठकर विक्रम दंताणी के घर पहुंचे. ऑटो में यात्रा करने को लेकर उनकी गुजरात पुलिस से बहस भी हुई थी. तब आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि गुजरात पुलिस ने उन्हें ऑटो चालक के घर खाने पर जाने से रोकने की कोशिश की है.
आम आदमी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया.
'रोका तो देखो लाख दुनिया ने, बंदा तैयार नहीं रुकने को. बीजेपी की गुजरात पुलिस के घंटों रोकने के बाद भी अरविंद केजरीवाल जी ऑटो ड्राइवर के साथ उनके घर डिनर करने के लिए रवाना हुए.'
अरविंद केजरीवाल जब विक्रम के घर पहुंचे तो ये वाकया खूब सुर्खियों में रहा. विक्रम के घर खाना खाने की कुछ तस्वीरें भी अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर शेयर की थीं.
इसी क्रम में अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के एक सफाई कर्मचारी और उनके पूरे परिवार को अपने घर दिल्ली भी बुलाया और खाना खिलाया.
किसके 'फैन' हैं विक्रम दंताणी?
अब एक और सवाल है कि आख़िर किसके फैन हैं विक्रम दंताणी? वो खुद कह चुके हैं कि वो अरविंद केजरीवाल के 'बहुत बड़े' फैन हैं और एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में कह चुके हैं कि बीजेपी के समर्थक हैं. जब बीबीसी ने उनसे पूछा कि आख़िर वो किसके फैन हैं? इस सवाल पर विक्रम कहते हैं कि वो सब के फैन हैं. विक्रम का कहना है, ''फैन तो हम सबके हैं. हम नरेंद्र मोदी के भी फैन हैं और सबके फैन हैं.''
केजरीवाल और ऑटो रिक्शा
कुल मिलाकर स्थिति ये है कि गुजरात में अरविंद केजरीवाल का ऑटो ड्राइवर से जुड़ा मामला हर तरफ चर्चा में है और ये पहली बार नहीं है जब आम आदमी पार्टी कहीं चुनाव लड़ रही हो और ऑटो चालक सुर्खियों में हैं.
दिल्ली, पंजाब और अब गुजरात इन तीनों ही जगहों पर ऑटो चालकों और उनके मुद्दों को चुनाव प्रचार में अरविंद केजरीवाल ले ही आते हैं. इसकी शुरुआत साल 2014 से होती है जब अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी चुनावी राजनीति में नई-नई थी. एक रोड शो के दौरान एक ऑटो चालक ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था. इसके बाद केजरीवाल उस ऑटो चालक के घर पहुंच थे और तब ऑटो चालक लाली ने पैर छूकर केजरीवाल से माफ़ी मांगी थी,
केजरीवाल और ऑटो चालक के बीच का ये वाकया कई दिनों तक तब सुर्खियों में रहा था.
बाद में दिल्ली चुनाव में केजरीवाल ने ऑटो चालकों से कई वादे भी किए थे. प्रचार-प्रसार में भी आम आदमी पार्टी ने ऑटो रिक्शा चालकों का ख़ासा इस्तेमाल किया था.
इसी साल हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में भी अरविंद केजरीवाल ऑटो चालकों के घर खाने पर जाते दिखे थे. इसके बाद दूसरी पार्टियां भी ऑटो चालकों के मुद्दों के लेकर सक्रिय दिखी थीं.
विक्रम दंताणी की ही तरह दिलीप तिवारी नाम के एक ऑटो चालक ने भी एक सभा में ही अरविंद केजरीवाल को घर पर खाने का आमंत्रण दिया था जिसे केजरीवाल ने स्वीकार भी कर लिया थी.
इसी क्रम में अब बारी है गुजरात की जहां पर एक बार फिर राजनीतिक पार्टियों, ऑटो चालकों पर रणनीति अपनाती दिख रही हैं. वैसे बता दें कि अहमदाबाद रिक्शा चालक एकता यूनियन के मुताबिक़, राज्य में क़रीब 15 लाख रिक्शा चालक हैं, इसमें से क़रीब 2.5 लाख अहमदाबाद में हैं.
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