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क्या कोई 'छुपा रुस्तम' होगा कांग्रेस का अध्यक्ष, नामांकन का आख़िरी दिन - प्रेस रिव्यू
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए आज नामांकन का आख़िरी दिन है. बृहस्पतिवार को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने पार्टी चीफ सोनिया गांधी से मुलाकात की और खुद को अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर कर लिया.
शशि थरूर के बाद अब अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए दिग्विजय सिंह भी मैदान में उतर पड़े हैं. लेकिन चर्चा है कि आखिरी वक्त में कोई तीसरा उम्मीदवार कांग्रेस का अध्यक्ष चुना जा सकता है.
इस बात की भी चर्चा है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व अपने किसी कैंडिडेट के लिए बाकी उम्मीदवारों को बैठने के लिए कहेगा या मुकाबला होने देगा. शुक्रवार के अख़बारों में चुनाव को लेकर कांग्रेस नेतृत्व के संभावित रुख और नए उभरते दावेदारों की चर्चा की गई है.
तीसरे कैंडिडेट की चर्चा
'इंडियन एक्सप्रेस' की ख़बर में कहा गया गया है कि अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को सोनिया गांधी से 90 मिनट की अपनी मुलाकात में राजस्थान में मचे सियासी तूफान के लिए माफी मांगी. इसके बाद उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा देने की पेशकश की और अध्यक्ष पद की दौड़ से खुद को बाहर कर लिया.
इसके बाद से ही शशि थरूर और दिग्विजय सिंह के बजाय पार्टी नेतृत्व के 'आशीर्वाद' से किसी तीसरे कैंडिडेट को अध्यक्ष बनाए जाने की ख़बरें आने लगीं.
'इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक मल्लिकार्जुन खड़गे अध्यक्ष पद की दौड़ में नए चेहरे के तौर पर सामने आए हैं. खड़गे के नजदीकी सूत्रों ने कहा है कि वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन सोनिया गांधी के निर्देश के बाद ही वो रेस में उतरेंगे.
प्रियंका गांधी भी दावेदार?
अखबार के मुताबिक कांग्रेस के अंदर इस बात की चर्चा है कि प्रियंका गांधी पर भी अध्यक्ष पद की कमान संभालने का दबाव है. बृहस्पतिवार को सोनिया गांधी प्रियंका गांधी के घर पहुंचीं और वहां लगभग एक घंटा बिताया.
इस बीच पार्टी के अंदर G-23 समूह के नेताओं ने आनंद शर्मा के घर मीटिंग की. बैठक में पृथ्वीराज चह्वाण, मनीष तिवारी और भूपिंदर सिंह हुड्डा शामिल थे. G-23 के किसी भी नेता ने थरूर के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए इसलिए माना जा रहा है कि इस गुट का भी कोई नेता चुनाव लड़ सकता है.
'छुपा रुस्तम'
'इकोनॉमिक टाइम्स' ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि कांग्रेस के अंदर इस बात की चर्चा गर्म है कि पार्टी नेतृत्व कोई ऐसा अध्यक्ष चुनना चाहता है जो 'लाइटवेट' हो और गांधी परिवार पर पूरी तरह आश्रित हो. लिहाजा थरूर और दिग्विजय के अलावा किसी तीसरे उम्मीदवार की तलाश है, जिसे 'छुपा रुस्तम' कहा जा रहा है.
तीसरा उम्मीदवार नहीं मिला तो सोनिया-राहुल के वफादार कहेंगे कि आखिरी वक्त पर गांधी परिवार का ही कोई सदस्य फिर अध्यक्ष बन जाए. बहरहाल तीसरे उम्मीदवार को तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे, मुकुल वासनिक, अंबिका सोनी, पवन बंसल और मीरा कुमार के नाम चल रहे हैं.
दिग्विजय और मल्लिकार्जुन खड़गे
शशि थरूर और दिग्विजय सिंह के शुक्रवार को अपना पर्चा दाखिल करने की खबरें हैं.
'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने भी मल्लिकार्जुन खड़गे के तीसरे उम्मीदवार के तौर पर उभरने की खबर दी है. लेकिन अखबार ने कहा है कि अध्यक्ष पद की रेस में दिग्वजिय की एंट्री ने इसे दिलचस्प बना दिया है.
अख़बार लिखता है कि दिग्विजय की प्रोफाइल शशि थरूर से बड़ी है. अगर खुला मुकाबला हुआ और कांग्रेस प्रमुख ने अपनी ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा तो दिग्विजय भारी पड़ सकते हैं. देखना ये है कि पार्टी प्रमुख अपने किसी उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव में उतरे उम्मीदवारों को बैठने के लिए कहती हैं या फिर मुकाबला होने देती हैं.
दिग्विजय सिंह के खिलाफ उनके बयान जा सकते हैं. अगर दिग्विजय चुने जाते हैं तो बीजेपी कांग्रेस को निशाना बना सकती है. उन पर पर मुस्लिम तुष्टीकरण को बढ़ावा देने वाले बयान देने के आरोप लगते रहे हैं. खुला मुकाबला की इजाजत देते वक्त सोनिया को इस पहलू का ध्यान रखना होगा.
पवन बंसल भी मैदान में उतरेंगे?
'द हिंदू' ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि पार्टी नेतृत्व के समर्थन से कोषाध्यक्ष पवन बंसल तीसरे उम्मीदवार के तौर पर सामने आ सकते हैं.
मंगलवार को उन्होंने दो नामांकन पत्र लिए थे. अख़बार लिखता है कि इस बीच पार्टी में सुधार की मांग करने वाले G-23 गुट के नेता मुकुल वासनिक भी मज़बूत उम्मीदवार के तौर पर उभरे हैं. कुमारी शैलजा और मल्लिकार्जुन खड़गे भी पार्टी नेतृत्व की ओर से उतारे जा सकते हैं.
हिंदुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से कहा है बृहस्पतिवार को सोनिया गांधी से मल्लिकार्जुन खड़गे की मुलाकात के बाद पार्टी अध्यक्ष के लिए मुकाबला खत्म होने की संभावना बढ़ गई है.
सोनिया गांधी ने उन्हें कहा है कि जरूरत पड़ने पर शुक्रवार को उन्हें अपना नामांकन दाखिल करने के लिए तैयार रहना चाहिए.
80 साल के खड़गे हालांकि मुकाबले में उतरने को तैयार नहीं दिखते लेकिन ये फैसला उन्होंने सोनिया गांधी पर छोड़ दिया है. चुनाव 17 अक्टूबर को होंगे और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित कर कर दिए जाएंगे.
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