You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
भगवंत मान को जर्मनी में विमान से क्यों 'उतारा'? विपक्ष ने पूछा सवाल
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के जर्मनी से वापस लौटने की फ्लाइट को आखिरी पलों में रिशेड्यूल यानी उसका समय बदलने को लेकर विवाद हो गया है.
राज्य के विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने केंद्र सरकार से इस मामले की जाँच कराए जाने की मांग की है. हालाँकि विमान संचालन कंपनी लुफ्थांसा ने कहा है कि विमान बदलने की वजह से फ्लाइट में देरी हुई.
विवाद शुरु कैसे हुआ?
दरअसल, मुख्यमंत्री भगवंत मान 11 से 18 सितंबर तक जर्मनी दौरे पर गए थे, जहां से वह रविवार देर रात लौटे हैं. लेकिन उनकी वापसी से पहले ही एक विवाद छिड़ गया है.
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि फ्रैंकफर्ट से उन्हें जिस विमान से दिल्ली आना था, उससे उन्हें उतार दिया गया था. इसके बाद उन्होंने रविवार को दूसरी फ्लाइट ली.
हालांकि पंजाब सरकार के अधिकारियों ने इन दावों को ख़ारिज किया है और कहा है कि भगवंत मान का स्वास्थ्य ठीक नहीं था और यही वजह थी कि उन्होंने खुद ही फ्लाइट नहीं ली और बाद में आने का फ़ैसला लिया.
आम आदमी पार्टी के मीडिया कॉम्युनिकेशन डिपार्टमेंट की प्रमुख चंदर सुता डोगरा ने कहा, "चीफ़ मिनिस्टर की तबीयत थोड़ी ठीक नहीं थी. इसलिए उन्होंने भारत लौटने के लिए फ्रैंकफर्ट से दूसरी फ्लाइट ली."
भगवंत मान को जिस विमान से दिल्ली लौटना था उसकी संचालक कंपनी लुफ्थांसा ने भी ट्वीट कर कहा कि विमान बदलने की वजह से उड़ान में देरी हुई.
लुफ्थांसा ने ट्वीट किया, "हमारी फ्रैंकफर्ट से दिल्ली के लिए फ्लाइट समय पर नहीं बल्कि देरी से उड़ी, ऐसा इनबाउंड फ्लाइट और विमान परिवर्तन की वजह से हुआ."
अकाली ने की केंद्र से जांच की मांग
शिरोमणि अकाली दल ने भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल से इस मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की है.
कांग्रेस नेता बाजवा ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर इस मामले की जाँच कराने की मांग की है.
बाजवा ने लिखा- "सोशल मीडिया पर चर्चा है कि फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर 17 सितंबर को भगवंत मान को लुफ्थांसा विमान से उतार दिया गया. वह सही हालत में नहीं थे और हवाई यात्रा के लिए अनफिट थे. अगर ये सच है तो जिस पद पर भगवंत मान बैठे हैं यह उसकी गरिमा के विरुद्ध है. इसलिए इस मामले की जाँच की जानी चाहिए."
क्या है विवाद
- विपक्ष का आरोप फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर 17 सितंबर को भगवंत मान को लुफ्थांसा विमान से उतारा
- आरोप है कि भगवंत मान शराब नशे में थे इसलिए उन्हें उतारा गया
- लुफ्थांसा एयरलाइन ने कहा- फ्लाइट में देरी एयरक्राफ्ट बदलने के कारण हुई
- आम आदमी पार्टी ने आरोपों को बताया झूठा और आधारहीन
- कांग्रेस नेता बाजवा ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जाँच की मांग की
सोशल मीडिया पर चर्चा
पंजाब की विपक्षी पार्टी शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट किया, "पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को लेकर एक परेशान करने वाली रिपोर्ट सामने आ रही है. उनके सहयोगी यात्री के हवाले से कहा गया है कि लुफ़्थांसा की फ्लाइट से इसलिए नीचे उतार दिया गया क्योंकि वो इतने नशे में थे कि चल भी नहीं पा रहे थे. वो आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल नहीं हो सके. इस रिपोर्ट ने पंजाबियों को दुनियाभर मे बदनाम और शर्मिंदा किया है."
एक अन्य ट्विट करते हुए उन्होंने लिखा- "हैरानी की बात है कि आम आदमी पार्टी ने भगवंत मान को लेकर आ रही इस रिपोर्ट पर चुप्पी बनाए हुई है. अरविंद केजरीवाल को आगे आकर इस मामले पर सफ़ाई देनी चाहिए. भारत सरकार को मामले में दख़ल देना चाहिए क्योंकि ये पंजाबियों और देश के सम्मान का मुद्दा है."
दिल्ली कांग्रेस ने भी इस मामले पर ट्वीट करते हुए पंजाब के सीएम पर आरोप लगाया कि उन्हें नशे में धुत होने के कारण प्लेन से उतारा गया.
इन आरोपों का जवाब देते हुए आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ये आरोप आधारहीन और झूठे हैं.
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत मान पर लग रहे आरोप झूठे और निराधार हैं. लोग ये बात पचा नहीं पा रहे हैं कि मुख्यमंत्री राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं."
शराब के नशे में होने के इस आरोप से पहले भी भगवंत मान विपक्षियों के निशाने पर रहे हैं.
जब मान ने किया था शराब छोड़ने का ऐलान
साल 2016 में आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता हरिंदर सिंह ने लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन से अपनी सीट बदलने की गुजारिश की थी. उन्होंने मान पर शराब पीकर संसद के सत्र में शामिल होने का आरोप लगाया था.
उन्होंने स्पीकर को लिखे ख़त में कहा था कि ''वह भगवंत मान के बगल में नहीं बैठ सकते क्योंकि उनसे शराब की बू आती है.''
जनवरी साल 2019 में बरनाला में एक रैली के दौरान भगवंत मान ने शराब छोड़ने का ऐलान किया था. उनके इस ऐलान के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस फ़ैसले की तारीफ़ भी की थी.
रैली में भगवंत मान ने कहा था, "मेरे राजनीतिक विरोधी मुझपर अक्सर आरोप लगाते हैं कि भगवंत मान दिन-रात खूब शराब पीता है. मैं मानता हूं कि मैं थोड़ी शराब पीता था लेकिन अब मैं सार्वजनिक ऐलान कर रहा हूं कि मैंने शराब छोड़ दी है तो मुझ पर अब कोई आरोप नहीं लगा सकता ."
इस ऐलान के बाद अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान की तारीफ़ करते हुए कहा था, "दोस्त भगवंत मान ने मेरा दिल जीत लिया है. मेरा ही नहीं उन्होंने पूरे पंजाब का दिल जीत लिया है. हर नेता को उनकी तरह होना चाहिए और जनता के लिए हर तरह के त्याग करने को तैयार रहना चाहिए."
(कॉपीः कीर्ति दुबे)
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)