बिहार के बेगूसराय में सरेराह 11 लोगों पर गोलीबारी- अब तक क्या पता है

    • Author, विष्णु नारायण
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

वारदात की अहम बातें

  • मंगलवार की शाम कुल 11 लोगों को गोली मारी गई, जिनमें से एक की मौत हुई
  • यह घटना बिहार में बेगूसराय ज़िले में एनएच 28 और 31 पर हुई है
  • पुलिस ने बताया कि अपराधी बाइक पर सवार थे और रास्ते पर लोगों को गोली मारते चले गए
  • अभी तक पुलिस दोनों को गिरफ़्तार नहीं कर पाई है
  • गश्ती दल के प्रमुख समेत 7 पुलिसकर्मी निलंबित
  • बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह धरने पर बैठे

बिहार के बेगूसराय ज़िले में मंगलवार को एक के बाद एक 11 लोगों पर गोलीबारी हुई है. बिहार की विपक्षी पार्टियों का कहना है कि यहाँ इस तरह की घटना पहली बार हुई है.

ज़िला पुलिस का कहना है कि दो अज्ञात अपराधी मोटसाइकिल पर सवार थे और उन्होंने 30 किलोमीटर के सफर में जो भी मिला उसे गोली मारते गए.

यह घटना नेशनल हाइवे 31 और 28 पर हुई है. फुलवरिया, बछवाड़ा, तेघड़ा और चकिया थाना क्षेत्र के ये इलाक़े हैं. गोलीबारी की यह घटना मंगलवार की शाम 5.30 बजे बछवाड़ा से शुरू हुई. दूसरी घटना फुलवरिया में हुई, जहाँ हाजीपुर पिपरा देवस निवासी चंदन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी. चंदन कुमार बरौनी के रहने वाले थे.

दोनों अज्ञात अभियुक्तों ने कुल 11 लोगों को गोली मारी है, जिनमें से एक की मौत हुई है. बीजेपी ने इस घटना के विरोध में बेगूसराय बंद का आह्वान किया है.

सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि मामले के हर पहलू की जांच की जाएगी. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होने कहा, "हमने एक मीटिंग बुलाई है. इस घटना के हर पहलू की जांच की जाएगी."

इस बीच कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने गश्ती दल के प्रमुख समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.

पुलिस का कहना है कि अपराधी समस्तीपुर की ओर से बेगूसराय ज़िले के बछवाड़ा में पहुँचे थे. इसके बाद ये मुज़फ़्फ़रपुर-बेगूसराय एनएच पर आगे बढ़ गए. लोगों को लगा कि आपसी दुश्मनी के कारण गोली मार रहे हैं, लेकिन शाम छह बजे तक ऐसा होता रहा.

इस पूरी फायरिंग पर सिमरिया ग्राम पंचायत दो के मुखिया प्रतिनिधि संजीव कुमार ने बीबीसी से कहा हैं, "घटना की जानकारी मिलते ही मैं वहाँ पहुँच गया था. घटनास्थल पर पहुँचने पर देखा कि तीन लोगों को गोली लगी है. जल्दी-जल्दी अस्पताल के लिए भागे. हाइवे पर पट्रोलिंग पुलिस क्या कर रही थी? अपराधी 30 किलोमीटर तक गोलियां चलाता रहा."

लोगों में दहशत फैल गई कि बाइक सवार दो व्यक्ति किसी को भी गोली मार रहे हैं. अपराधी 30 किलोमीटर तक बंदूक लहराते हुए गोलियां मारते रहे.

बेगूसराय के एसपी राजेंद्र कुमार ने बताया है कि ज़िले की सीमा सील कर दी गई है और छापेमारी जारी है. तेघड़ा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज निकाला है, जिसमें एक बाइक पर दो सवार दिख रहे हैं. एडीजी मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया है कि आसपास के ज़िलों को अलर्ट कर छापेमारी की जा रही है. राजेंद्र कुमार ने बताया है कि अभियुक्तों की उम्र क़रीब 30 साल है. उन्होंने अपराधियों को साइको बताया है.

अपराधियों ने सभी को पीछे से गोली मारी है. रिपोर्ट के मुताबिक़ बाइक सवार अपराधियों ने मुँह पर गमछा बांध रखा था.

इस घटना के विरोध में देर रात लोगों ने बरौनी-बीहट सड़क को जाम कर दिया. बीजेपी नेताओं ने गोलीबारी में ज़ख़्मी लोगों से अस्पताल में मुलाक़ात की है. बेगूसराय से बीजेपी के लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर लेते हुए क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.

गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर कहा है, ''बेगूसराय और बिहार में मौत के तांडव के बीच कुंभकर्ण की नींद में सो रही नीतीश सरकार को जगाने के लिए बेगूसराय बीजेपी और आम लोगों ने कल (बुधवार) बेगूसराय बंद का आह्वान किया है.आप सभी से सहयोग का अनुरोध है.''

इस घटना को लेकर गिरिराज सिंह धऱने पर भी बैठ गए हैं.

राज्यसभा सांसद प्रोफ़ेसर राकेश सिन्हा बेगूसराय के ही हैं. उन्होंने भी इस घटना के लिए बिहार की सरकार को निशाने पर लिया है.

राकेश सिन्हा ने ट्वीट कर कहा है, ''पुलिस प्रशासन को चेताया था कि राजनीति अपराध और ठेकेदारी का गठजोड़ फिर बेगूसराय को साठ के दशक में ले जा रहा है, जब हत्या आम बात थी. आज गोलियों की बौछार ने दर्जन भर लोगों को घायल किया और मौत भी हुई. सख़्त करवाई की ज़रूरत है.''

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