You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
स्पाइस जेट को भेजे गए नोटिस में हैं सुरक्षा के अलावा और भी कई सवाल
- Author, फ़ैसल मोहम्मद अली
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
स्पाइस जेट की उड़ान में तकनीकी ख़ामी की ताज़ा घटना के बाद नियामक संस्था ने विमान कंपनी को जो कारण बताओ नोटिस जारी किया है उसमें एयरलाइंस द्वारा 'सुरक्षा की अनदेखी' और 'रख-रखाव की कमी' के अलावा ये बात भी सामने आती है कि कंपनी की आर्थिक स्थिति तंग है.
नागरिक उड्डन पर निगरानी रखनेवाली संस्था डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन ने एयरलाइन कंपनी को जारी नोटिस में कहा है कि तंग आर्थिक हालात की वजह से स्पेयर पार्ट्स की कमी पड़ जाती है.
डीजीसीए ने कंपनी को जारी कारण बताओ नोटिस में MEL की ज़िक्र भी किया है, ये वो उपकरण हैं जिनका चालू होना विमान के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक है.
नियामक संस्था ने पिछले साल कंपनी का जो आर्थिक लेखा-जोखा लिया था उसमें ये बात सामने आई थी कि कंपनी माल सप्लाई करने वालों को नियमित तौर पर पेमेंट नहीं कर पा रही है.
स्पाइस जेट में हुई ताज़ा घटना के बाद नागरिक विमानन मंत्रालय ने एक ट्वीट किया था जिसमें पिछले 18 दिनों में सबसे ताज़ा घटना का ज़िक्र है जो तकनीकी कारणों से हुआ.
18 दिनों में आठ घटनाएं
मीडिया में छपी ख़बरों के मुताबिक़ स्पाइस जेट में पिछले 18 दिनों में इस तरह की आठ घटनाएं हुई हैं.
ताज़ा घटनाक्रम में एक मालवाहक विमान का ज़िक्र हो रहा है जो चीन के लिए उड़ान भर रहा था लेकिन उसे कोलकाता वापिस आना पड़ा क्योंकि उसके मौसम से संबंधित रडार ने काम करना बंद कर दिया था.
इसके ठीक होने के बाद विमान फिर से अपने उड़ान के लिए वापिस जा पाया.
मंगलवार को ही एक घटना में दुबई जा रहे एक पैसेंजर विमान को पाकिस्तान के कराची में लैंड करना पड़ा. विमान में तेल की मौजूदगी का जो रडार था उसने काम करना बंद कर दिया था.
यात्रियों को 11 घंटे का लंबा समय कराची में गुज़ारना पड़ा जिसे लेकर उनके रिश्तेदारों और कई हलकों में चिंता व्यक्त की गई थी.
नागरिक उड्डयन मंत्री का बयान
स्पाइस जेट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय सिंह ने टेलीवीज़न चैनल एनडीटीवी को दिए गए एक साक्षात्कार में कराची में लैंडिग और उसके बाद की घटनाओं को तनावपूर्ण बताया है.
अजय सिंह ने इंटरव्यू में कहा है कि भारत से विमान भेजने और इन सारी प्रक्रियाओं के लिए पाकिस्तान हुकूमत से आज्ञा लेने में काफी समय लग गया जिसकी वजह से यात्रियों को दिक्क़तों का सामना करना पड़ा जिसका हमें खेद है.
लेकिन दुबई की उड़ान के दौरान तेल से जुड़े रडार में आई ख़राबी की घटना स्पाइस जेट को लेकर पहली ऐसी घटना नहीं थी.
पटना एयरपोर्ट की घटना जिसमें प्लेन के विंग की तरफ़ से धुंआ निकलता देखा गया था, वो लोगों के ज़हन में अबतक साफ़ है.
इन घटनाओं के क्रम में नागरिक उड्डयन मंत्री मंत्री ज्योतिराजे सिंधिया ने बयान देकर कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम है और सुरक्षा में रुकावट पैदा करनेवाली छोटी से छोटी घटना की सघन जांच की जाएगी और उसमें सुधार लाया जाएगा.
स्पाइस जेट की आर्थिक स्थिति
विमान कंपनी ने कहा है कि उसे नियामक संस्था का नोटिस मिला है और वो उसका जवाब देगी. कंपनी का कहना है कि वो यात्रियों और अपने चालक दल की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है.
लेकिन इसके बावजूद स्पाइस जेट की आर्थिक स्थिति और उसकी वजह से सुरक्षा को लेकर जो चिंताएं हैं, वो कई तरह के सवाल खड़े करते हैं क्योंकि बाज़ार की जो स्थिति फ़िलहाल है वो बहुत बदलती नज़र नहीं आती.
16 जून को दिए गए एक बयान में अजय सिंह ने कहा था कि विमान में इस्तेमाल होने वाले तेल की क़ीमत साल भर के दौरान 120 फ़ीसद बढ़ गई है जो जिसका भार विमान कंपनियों के लिए उठा पाना बहुत मुश्किल है.
अजय सिंह ने कहा था कि विमान में प्रयोग किए जानेवाले तेल, जिसे तकनीकी भाषा में एटीएफ या एविएशन टर्बाइन फयूल कहते हैं, की क़ीमत भारत में दुनियां भर में सबसे अधिक है और राज्य और केंद्र सरकार को इस मामले में जल्द क़दम उठाने चाहिए.
विमान कंपनी के चेयरमैन के अनुसार एटीएफ़ विमान को उड़ाने की क़ीमत का पचास फ़ीसद होता है, और जिस तरह से रुपये की क़ीमत डॉलर के मुक़ाबले गिर रही है, उसका असर इस क्षेत्र पर बहुत पड़ेगा.
रुपये के मूल्य में गिरावट
जून से लेकर जुलाई तक रुपये का मूल्य गिरकर 80 को छूने की ओर है जिसका असर तेल की क़ीमतों पर भी पड़ेगा.
1990 के दशक से लेकर, जब नागरिक विमानन क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोला गया थ, विमान कंपनियां लगातार मांग करती रही हैं कि सरकार विमान में इस्तेमाल होनेवाले तेल की क़ीमत कम करे जिससे एविएशन सेक्टर का बोझ कम होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है.
डीजीसीए ने नोटिस में कहा है कि नियामक संस्था ने पहली अप्रैल से लेकर अबतक की घटनाओं पर निगाह डाली है और पाया है कि कई मौक़ों पर या तो उड़ान को, जिस स्टेशन से उड़ान भरी गई थी, वहां वापिस लौटना पड़ा है या जोखिम के साथ लैंडिग करनी पड़ी.
नोटिस में कहा गया है कि सामने आईं अधिकतर घटनाएं या तो कल पुर्जों या सिस्टम की नाकामी के कारण हुई है. कहा गया है कि कंपनी एक सुरक्षित, सक्षम और भरोसेमंद उड़ान सेवा देने में नाकाम रही है.
विस्तारा एयरलाइंस के साथ घटना
डीजीसीए ने जवाब के लिए स्पाइस जेट को तीन हफ्तों का समय दिया है और कहा है कि ऐसा न होने पाने पर नियामक इन मामले में कार्रवाई करेगा.
अभी स्पाइस जेट को लेकर हलचल जारी ही है कि बीच में टाटा-सिंगापुर एयरलाइंस द्वारा चलित विमान कंपनी विस्तारा की दिल्ली की एक उड़ान में ख़राबी की ख़बर सामने आई.
कंपनी ने बयान जारी करके कहा है कि उड़ान में इलेक्ट्रिकल ख़राबी सामने आई थी जिसके बाद पालयट उसे बे एरिया में ले गए.
इंडिगो एयरलाइंस रायपुर से इंदौर की उड़ान के दौरान केबिन में धुएं की बात को ग़लत बताया है जिसको लेकर कुछ जगहों पर ख़बरें आई थीं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)