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BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए
हेलो. उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और सकरात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे होंगे.
हम जानते हैं कि व्यस्तता की बीच आपके लिए सारी ख़बरों पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.
ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.
ये छह ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हो गए.
तो फिर इंतज़ार किस बात का? पढ़िए...
एकनाथ शिंदे: वो शख्स जिसने शिवसेना प्रमुख उद्धव की नाक में दम किया
महाराष्ट्र में हाल में हुए विधान परिषद चुनाव के बाद शिवसेना और महाविकास अघाड़ी के भीतर विवाद पैदा हो गया. इससे पहले कि इस विवाद की सही वजह पता चलती, शिवसेना के विधायकों ने बग़ावत कर दी.
शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे कई विधायकों को लेकर रातोंरात गुजरात के शहर सूरत पहुंच गए, जिससे पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में जैसे भूचाल आ गया. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, एकनाथ शिंदे के साथ अब तक शिवसेना के 35 विधायक हैं. एकनाथ शिंदे कई सालों से शिवसेना के सदस्य रहे हैं. ठाणे नगर निगम में विपक्ष के नेता के रूप में काम करने के बाद वे 2004 में पहली बार विधायक बने थे.
हालांकि उनके करियर की शुरुआत एक ऑटोरिक्शा चालक के रूप में हुई थी. लेकिन वह धीरे-धीरे कद्दावर नेता बन गए. पूरी स्टोरी यहां पढ़ें.
रूस-यूक्रेन युद्ध: ज़ेलेंस्की ने शक्तिशाली रूस को अब तक कामयाबी से कैसे रोके रखा?
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार महीनों से जारी युद्ध में यूक्रेनी सैनिक जहां अग्रिम मोर्चे पर रूसी सैन्य टुकड़ियों के साथ संघर्ष कर रहे हैं, वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की दुनिया का ध्यान इस युद्ध पर बनाए रखने में लगे हैं.
ज़ेलेंस्की इस अभियान के तहत यूक्रेनी राजधानी कीएव में वैश्विक नेताओं के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियों से मुलाक़ातें कर रहे हैं. और इसी दिशा में उन्होंने हाल ही में एक टेक इवेंट में होलोग्राम के ज़रिए हिस्सा लिया.
यूक्रेन इस युद्ध में अपने से कई गुना ज़्यादा ताकतवर दुश्मन का सामना कर रहा है. और उसे आगे बढ़ने से रोकने के लिए यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय मदद की ख़ासी ज़रूरत है.
ऐसे में इस वैश्विक समर्थन को जुटाने के लिए ज़ेलेंस्की की पीआर टीम चार तरीकों का इस्तेमाल कर रही है. इस बारे में जानन के लिए पढ़ें पूरी स्टोरी.
क्या दुनिया भर में मंदी आने वाली है?
दुनिया की अर्थव्यवस्था के हालचाल का संकेत देने वाले अमेरिकी 'डॉउ जोन्स' और 'एसएंडपी 500' सूचकांक, पिछले छह माह के दौरान रिकॉर्ड स्तर से क्रमश: 15 और 20 फ़ीसदी नीचे गिर चुके हैं.
पिछले शुक्रवार को ख़त्म हुआ हफ़्ता मार्च 2020 यानी कोरोना महामारी शुरू होने के समय से सबसे ख़राब साबित हुआ है.
हालांकि शेयर बाज़ार कभी-कभी कुछ वक़्त के लिए गिरता है, जिसे तकनीकी शब्दावली में 'सुधार होना' कहा जाता है. लेकिन कई जानकार बता रहे हैं कि शेयर बाज़ार में अब 'मंदी' का माहौल शुरू होने वाला है.
शेयर बाज़ार में 'मंदी' आ गई है, ऐसा तब माना जाता है जब शेयरों के दाम हाल के अधिकतम स्तर से 20 फ़ीसदी से भी अधिक गिर जाए.
दूसरे शब्दों में, जब किसी अवधि के दौरान निवेशकों ने जितने की ख़रीद की हो, यदि उससे ज़्यादा की बिक्री की हो और उस चलते बाज़ार की दिशा तय करने वाली कंपनियों का पूंजीकरण घट जाए, तब कहा जाता है कि बाज़ार में 'मंदी' हावी हो गई है.
शाहरुख़ और दीवाना: 30 साल पहले ऐसे मिला इंडस्ट्री को नया सुपरस्टार
बात तब की है, जब 1992 में बतौर हीरो अमिताभ बच्चन की फिल्म ख़ुदागवाह अपनी मौजूदगी दर्ज करवा रही थी, बच्चन बॉक्स ऑफ़िस पर जमे तो थे पर बतौर लीड हीरो उनका दौर ख़त्म होने को था.
आमिर और सलमान खान 'क़यामत से क़यामत तक' और 'मैंने प्यार किया' के ज़रिए दस्तक दे चुके थे लेकिन पूरी तरह जमे नहीं थे. यानी नई और पुरानी के बीच की जो जगह होती है, वो जगह ख़ाली सी थी.
तभी नए नवेले निर्देशक राज कंवर ने निर्माता गुड्डु धनोया के साथ मिलकर अपनी पहली फ़िल्म दीवाना बनाने की सोची. तब के रोमांटिक हीरो ऋषि कपूर और नई सनसनी दिव्या भारती के साथ. दूसरे हीरो थे अरमान कोहली. फ़िल्म रिलीज़ हुई 25 जून 1992 को.
दीवाना यूँ तो दिव्या भारती की कहानी है- एक लड़की जिसकी ज़िंदगी में हादसे पर हादसे होते हैं और कैसे ज़िंदगी उसे अलग दिशा में ले जाती है- कभी उसकी मर्ज़ी से और कभी उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़.
दीवाना ऋषि कपूर की भी कहानी है, जिनके ज़रिए कहानी आगे बढ़ती है. ये दोनों फ़िल्म के शुरुआती फ़्रेम से लेकर लगभग आख़िरी तक रहते हैं. दूसरे हीरो का रोल जो अरमान कोहली का था, वो किरदार कहानी का तीसरा कोण था. ख़ैर किस्मत से या बद्किस्मती से अरमान कोहली ने फ़िल्म छोड़ दी और रोल एक नए हीरो को मिल गया. उस हीरो की एक भी फ़िल्म अभी तक रिलीज़ नहीं हुई थी हालांकि टीवी पर उसने कई हिट सीरियल दिए थे. और यहीं से शुरू होती है शाहरुख़ की कहानी. पूरी स्टोरी यहां पढ़ें.
विश्वनाथन आनंद से जानिए उनके चेस की दुनिया में आने की कहानी
भारत पहली बार शतरंज की दुनिया की बहुप्रतीक्षित प्रतियोगिता 44वें 'चेस ओलंपियाड' को चेन्नई के निकट महाबलीपुरम में आयोजित करने जा रहा है.
आगामी 28 जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में 186 देशों के 2000 से ज़्यादा खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है.
इस साल चेस ओलंपियाड टॉर्च रिले की शुरुआत की गई है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते 19 जून को टॉर्च रिले को फ़्लैग ऑफ़ किया. इस कार्यक्रम के दौरान शतरंज के क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय संस्था एफ़आईडीई के अध्यक्ष आर्कडी द्वोरकोविक ने टॉर्च पीएम नरेंद्र मोदी को दी जिसके बाद उन्होंने ये टॉर्च भारतीय चेस ग्रांड मास्टर विश्वनाथन आनंद को थमाई.
भारत इस बार टूर्नामेंट में अपने शतरंज खिलाड़ियों का सबसे बड़ा जत्था भेजने जा रहा है. बीबीसी संवाददाता सरन्या नागार्जुन ने ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद से शतरंज की दुनिया में उनके सफर और इसके भविष्य पर बातचीत की है. पढ़ें पूरा इंटरव्यू
प्रेगनेंसी के दौरान डायबिटीज़ हो जाए तो क्या करें
ऐसा क्यों है कि प्रेग्नेंसी में डायबिटीज़ होने के बाद जीवनभर इस बीमारी के होने का ख़तरा बढ़ जाता है और इससे होने वाले बच्चे पर क्या असर पड़ता है, जानिए डॉ प्रियंवदा त्यागी से. जानिए इसके बारे में.
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