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'अग्निपथ' पर बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा में विरोध प्रदर्शन
बिहार, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं उत्तराखंड में सेना में भर्ती से जुड़ी 'अग्निपथ स्कीम' का विरोध जारी है.
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दो दिन पहले इस स्कीम को लॉन्च किया था. इसके तहत साढ़े सत्रह साल से लेकर 21 साल की उम्र वाले युवाओं को कम अवधि के लिए सेना में अपनी सेवाएं देने का मौका मिलेगा.
इस स्कीम के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं का सेवाकाल 4 वर्ष होगा. हालांकि, भर्ती होने वाले कुल युवाओं में से 25 फीसदी को नियमित सेवा में लिया जाएगा.
इस योजना के एलान के बाद से बिहार से लेकर हरियाणा और राजस्थान से लेकर उत्तराखंड में युवाओं की ओर से विरोध प्रदर्शन जारी है.
अग्निपथ योजना की ख़ास बातें
- भर्ती होने की उम्र 17.5 साल से 21 साल के बीच होनी चाहिए
- शैक्षणिक योग्यता 10वीं या 12वीं पास
- भर्ती चार सालों के लिए होगी
- पहले साल की सैलरी प्रति महीने 30 हज़ार रुपये होगी
- चौथे साल 40 हज़ार रुपये प्रति महीने मिलेंगे
- चार साल बाद सेवाकाल में प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन होगा और 25 प्रतिशत लोगों को नियमित किया जाएगा
हरियाणा के पलवल में धारा 144 लागू
हरियाणा के पलवल जिले में विरोध कर रहे युवाओं ने ज़िलाधिकारी आवास में तोड़फोड़ की और सड़क पर खड़े कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने ज़िलाधिकारी के आवास पर पत्थरबाजी भी की. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए फायरिंग की.
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पलवल में धारा 144 लगा दी है. इसके अनुसार एक जगह पर पांच लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है.
हरियाणा के सूचना विभाग ने जानकारी दी है कि क़ानून व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए पलवल ज़िले में मोबाइल इंटरनेट, डोंगल के ज़रिए इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं अस्थाई तौर पर अगले 24 घंटे तक बंद रखने का फ़ैसला लिया गया है.
इसके साथ ही प्रशासन ने फरीदाबाद में भी धारा 144 लागू कर दी है और कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
रोहतक में युवक ने की आत्महत्या
रोहतक में मौजूद बीबीसी हिंदी के सहयोगी सत सिंह के मुताबिक़, हरियाणा के पलवल, रेवाड़ी, रोहतक और चरखी दादरी समेत कई ज़िलों में युवाओं ने सरकार की इस योजना के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया है.
पलवल में इस स्कीम के ख़िलाफ़ विरोध करने उतरे युवा आंदोलित हो गए जिससे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी कमिश्नर ऑफिस और आवास पर पथराव करने के साथ ही चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया.
इसके बाद हरियाणा पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया.
इसी बीच रोहतक में एक युवा के अग्निपथ योजना के विरोध में आत्महत्या की भी ख़बर है.
रोहतक के डीएसपी महेश कुमार ने मीडिया को बताया, "सचिन नाम के युवक के पिता ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनका बेटा नौकरी की तलाश में था. डिप्रेशन में आकर उसने आत्महत्या कर ली है."
युवक के परिवार के एक व्यक्ति ने बताया "वो बीते देढ़-दो सालों से सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था. नई योजना के बारे में पता चलने के बाद उसे लगा कि उसकी मेहनत बेकार हो गई है."
पटना में मौजूद बीबीसी हिंदी की सहयोगी सीटू तिवारी के मुताबिक़, गुरुवार को बिहार के तमाम ज़िलों पर उग्र विरोध प्रदर्शन देखे गए हैं.
बक्सर
विरोध प्रदर्शनों की शुरूआत गुरुवार को राज्य के बक्सर और जहानाबाद से हुई. सेना में बहाली के नियमों में बदलाव को लेकर दूसरे दिन भी बक्सर में छात्रों का प्रदर्शन ना सिर्फ जारी रहा बल्कि ज़्यादा उग्र भी हो गया.
सुबह से ही बक्सर स्टेशन पर तिरंगा झंडा लेकर पहुंचे युवाओं ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. छात्रों ने डुमराव स्टेशन पर रेलवे ट्रैक को जामकर आगज़नी की.
वहीं ट्रेनों पर पथराव करके शीशे भी तोड़ दिए. छात्रों ने बक्सर शहर के ज्योति चौक, स्टेशन रोड को जाम करके 'केंद्र सरकार मुर्दाबाद' के नारे लगाए.
प्रदर्शन कर रहे छात्र चंदन कुमार का कहना था, "इतनी मेहनत करके चार साल की नौकरी देने का वायदा करके सरकार हम बेरोज]गारों को मूर्ख बना रही है. हमारी मांग है कि भर्ती प्रक्रिया जैसी पहले थी, वैसे ही किया जाए."
जहानाबाद
जहानाबाद में भी गुरुवार सुबह से ही छात्रों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. यहां छात्रों ने पटना-गया पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग 83 को जामकर आगज़नी की.
आक्रोशित छात्रों का कहना था, "जब नेता का कार्यकाल पांच साल का रहता है तो हम चार साल तक सेना में क्या करेंगें. बिहार में कौन-सी इंडस्ट्री है जिसमें हम वापस आकर काम करेंगे. हमें पुराना नियम चाहिए. सरकार रिटायर आर्मी के जवानों से सलाह करें, अगर वो कहते है कि ये फ़ैसला सही है तो हम स्वीकार कर लेंगें."
छपरा
बिहार के सारण ज़िले से सबसे ज़्यादा आगज़नी के वीडियो सामने आए है. यहां उग्र छात्रों ने प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ी छपरा-फुलवरिया पैसेंजर ट्रेन में आग लगा दी.
इसके अलावा बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस की भी एक डिब्बे को छात्रों ने फूंक दिया. सड़क मार्गों पर भी गुस्साए छात्रों ने टायर जलाकर अपना विरोध जाहिर किया.
कैमूर
कैमूर के भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर हंगामा तकरीबन सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुआ. आक्रोशित छात्रों ने यहां रेलवे ट्रैक पर आगज़नी की और पटना भभुआ इंटरसिटी की सीट पर आग लगा दी.
उस वक्त पटना-भभुआ इंटरसिटी, भभुआ पहुंची थी और साढ़े ग्यारह बजे इस ट्रेन को भभुआ से यात्रियों को लेकर निकलना था.
तक़रीबन तीन घंटे तक आक्रोशित छात्रों ने रेलवे स्टेशन को अपने कब्ज़े में रखा जिसके चलते अप-डाउन-रिवर्सेबल तीनों ही लाइनें प्रभावित हुईं.
स्थानीय पत्रकार विकास ने बीबीसी को बताया, "पुलिस ने जब छात्रों को खदेड़ने की कोशिश की तो छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया जिसके बाद पुलिस ने हवा में फायरिंग करके स्थिति को कंट्रोल किया."
नवादा
नवादा में भी रेलवे ट्रैक को जाम करके छात्रों ने आगज़नी की. यहां नवादा के वारिसलीगंज से बीजेपी विधायक अरूणा देवी पर प्रदर्शनकारियों ने हमला भी किया.
अरूणा देवी ने बीबीसी से फ़ोन पर बात की और कहा कि एक केस के सिलसिले मे वो कोर्ट जा रही थी जब उनपर कुछ लोगों ने हमला किया.
उन्होंने कहा, "रेलवे की गुमटी नंबर 3 के पास जब हमारी गाड़ी पहुंची तो गाड़ी पर लाठी और पत्थरों से हमला किया गया. गाड़ी पर मोदीजी का स्टिकर और बीजेपी का झंडा लगा हुआ है. मेरे ड्राइवर के साथ-साथ मुझे भी चोट आई है. गाड़ी को बहुत नुक़सान पहुंचा है."
समस्तीपुर
समस्तीपुर के दलसिंगसराय स्टेशन पर भी छात्रों ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया. यहां छात्रों ने अवध-असम ट्रेन को घंटों तक रोके रखा.
छात्रों ने ट्रेन की पैंट्री कार को निशाना बनाते हुए वहां तोड़-फोड़ की.
ट्रेन के पैंट्री कार मैनेजर राजकुमार के मुताबिक़, "प्रदर्शनकारी आए तो उन्होंने हमसे पानी मांगा. हमने उन्हें शांतिपूर्वक पानी दे दिया. लेकिन बाद में उन्होंने लूटपाट की और हमारा सामान लूट लिया. उन्होंने ट्रेन के शीशे भी तोड़े."
आरा
आरा रेलवे स्टेशन पर उग्र छात्रों ने रेलवे बुकिंग ऑफ़िस में जमकर तोड़-फोड़ की है.
ऐसी खबरें आ रही है कि छात्रों के बीच कुछ अराजक तत्व भी घुस आए थे जिन्होंने रेलवे स्टेशन के पास चिप्स, कुरकुरे, बिस्किट आदि की दुकानों पर भी लूटपाट की है. साथ ही पानी के लिए लगी वेंडिंग मशीन को भी तोड़ दिया गया है.
सुबह से ही आरा रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में छात्र जमा होने शुरू हो गए थे. ये छात्र हाथ में तिरंगा झंडा लिए 'केंद्र सरकार मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे थे.
उन्होंने पहले रेलवे ट्रैक को जाम किया और फिर उसके बाद उन्होंने तीन नंबर प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन पर पथराव भी किया.
छात्रों की मांग थी कि सरकार अग्निपथ योजना को वापस ले.
स्थानीय पत्रकार नेहा गुप्ता के मुताबिक़, "अभी रेलवे स्टेशन को खाली करा लिया गया है. यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है. उग्र छात्रों ने रेलवे ट्रैक की चाबी खोल दी है जिसके चलते रेल परिचालन बाधित हो रही है. रेलवे स्टेशन पर ज़िला प्रशासन, रेल प्रशासन और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले छोड़कर उग्र प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया है."
राज्य में इन जिलों के अलावा मुंगेर, मधुबनी, सहरसा, सीतामढ़ी, सिवान आदि शहरों में भी प्रदर्शन की लगातार खबरें आ रही है.
छात्र लगातार ये मांग कर रहे है कि केंद्र सरकार अग्निपथ योजना वापस ले और पहले जिस तरह से सेना में भर्तियां होती थी उसी व्यवस्था को बरकरार रखा जाए.
प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी लगातार अग्निपथ योजना की आलोचना कर रहे है.
उनका कहना है कि "सरकार ने हर साल दो करोड़ नियमित नौकरियां देने का वादा किया था लेकिन सत्ता में रहने के आठ साल बाद सरकार अब डेढ़ साल में केवल दस लाख नौकरियां देने की बात कर रही है."
राजस्थान में विरोध जारी
जयपुर से बीबीसी हिंदी के सहयोगी मोहर सिंह मीना बताते हैं कि राजस्थान में लगातार दूसरे दिन भी केंद्र सरकार की योजना अग्निपथ का विरोध जारी है.
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस योजना के विरोध में प्रदेश के सभी ज़िला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का आह्वान किया था.
इसके बाद जयपुर, बाड़मेर, सीकर, जोधपुर और अजमेर समेत कई ज़िलों में विरोध प्रदर्शन किए और ज्ञापन सौंपे गए हैं.
बाड़मेर में युवाओं की ओर से रेलवे ट्रेक पर टायर जलाकर रेल रोकने की कोशिश की गयी.
वहीं, जयपुर के ग्रामीण इलाके कोटपुतली में कुछ युवकों ने टंकी पर चढ़कर अपना विरोध प्रदर्शन किया.
मध्य प्रदेश में भी दिखा विरोध
बीबीसी हिंदी के सहयोगी शुरैह नियाज़ी के मुताबिक़, मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में भी तमाम युवाओं ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया.
युवाओं ने शहर के अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन करने के बाद बिरला नगर स्टेशन पहुंचकर तोड़फोड़ की.
ग्वालियर के कई वीडियो सोशल मीडिया में जारी हो रहे हैं जिनमें युवा रेलवे ट्रेक पर दौड़ते हुए नज़र आ रहे हैं.
मध्य प्रदेश की पुलिस ने युवाओं को काबू करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग किया.
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