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प्रयागराज हिंसा: जावेद मोहम्मद का घर ढहाए जाने पर देश-विदेश से आ रही प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जुमे की नमाज़ के बाद हिंसा और पथराव हुआ. इस मामले में पुलिस ने 70 लोगों को नामज़द किया है और जावेद मोहम्मद को 'मुख्य अभियुक्त' बताया है.
रविवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने जावेद मोहम्मद का घर बुलडोज़र से ढहाया. प्राधिकरण का कहना था कि ये घर अवैध तरीके से बनाया गया था और मई के महीने में ही जावेद मोहम्मद उर्फ़ जावेद पंप को इस संबंध में नोटिस जारी किया था.
जावेद मोहम्मद के घर को ढहाए जाने और पैग़ंबर विवाद पर भारत सरकार के रुख़ पर अब देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी प्रतिक्रिया आ रही है.
अब तक क्या-क्या हुआ है?
- पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी के विरोध में जुमे की नमाज़ के बाद कई शहरों, रांची, हावड़ा समेत कई शहरों में प्रदर्शन और हिंसा
- उत्तर प्रदेश के कानपर, सहारनपुर और प्रयागराज में प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, अब तक 306 लोग को गिरफ्तार
- हाल ही में एकटीवी चैनल पर चर्चा के दौरान बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की
- टिप्पणी पर भारत में कड़ी प्रतिक्रिया. वीडियो वायरल होने के बाद क़तर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों ने तल्ख़ शब्दों में अपनी आपत्ति जताई
- कई खाड़ी देशों ने भारतीय राजदूतों को भी तलब कर आपत्ति ज़ाहिर की
- विरोध बढ़ने के बाद बीजेपी ने नूपूर शर्मा को पार्टी से सस्पेंड कर दिया
- साथ ही दिल्ली बीजेपी की मीडिया सेल के प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को भी इससे जुड़ा सोशल मीडिया पोस्ट करने पर किए गए निष्कासित
किसने क्या कहा?
क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने विरोध प्रदर्शन में हुई हिंसा को लेकर ट्वीट किया, "उकसावा चाहे कैसा भी हो हिंसा उसका जवाब नहीं हो सकती."
हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद थाने में पिटाई मामले से जुड़े एक वीडियो को लेकर इतिहासकार इरफ़ान हबीब ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा को जवाब देते हुए लिखा है, "नये भारत में बहुत कुछ बदला बदला है."
अरुण बोथरा ने लिखा था, "मैंने ड्यूटी पर पत्थर खाए हैं, फायरिंग झेली है. आज ताली बजाते ज़्यादातर लोग पीटने वाले को नहीं, पिटने वाले को देख रहे हैं. कल अपनों की पिटाई हुई तो गाली देंगे. मैं कह रहा हूं कि पुलिस को थाने में किसी को भी पीटने का हक नहीं है. पिटने वाला कोई भी हो."
पूर्व वित्त मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा ने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करता हूं कि यूपी सरकार द्वारा लोगों के घरों पर बुलडोज़र चलाना 'उचित प्रक्रिया' का खुले तौर पर उल्लंघन है, इसका स्वत:संज्ञान लिया जाए. कार्यपालिका को एक साथ पुलिस, अभियोजक और न्यायाधीश बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती."
कांग्रेस नेता सलमान निज़ामी ने जावेद मोहम्मद के घर पर बुलडोज़र चलने का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत में नूपुर शर्मा को पैग़ंबर मोहम्मद का अपमान करने पर पुलिस सुरक्षा मिलती है जबकि जो लोग नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं उनके घर पर बुलडोज़र चल रहे हैं. सत्ता और प्रशासन का अविश्वसनीय दुरुपयोग हो रहा है."
वहीं वरिष्ठ पत्रकार कमर वहीद नक़वी ने पैग़ंबर मोहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर भारतीय मुसलमानों के ग़ुस्से को बेतुका और राजनीतिक नासमझी का सबूत बताया है.
उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए दावा किया कि जुमे की नमाज़ के बाद कई हिस्सों में हिंसा हुई, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय ने उस व्यापक भारतीय जनमत की अवहेलना की है, जो इस मामले में पूरी एकजुटता से उनके साथ खड़े थे.
पैग़ंबर पर टिप्पणी का विदेशों में भी विरोध
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने ट्वीट किया, "मैंने ओआईसी सेक्रेटरी जनरल हुसैन ब्राहिम ताहा से भारत की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के अधिकारियों के पैग़ंबर मोहम्मद के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य और निंदाजनक बयानों को लेकर चर्चा की है. भारत में बढ़ते इस्लामोफ़ोबिया और मुसलमानों के उत्पीड़न और इससे निपटने के लिए सामूहिक कोशिशों की ज़रूरत को लेकर चिंता जाहिर की."
यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद के बाहर भी इस पूरे विवाद को लेकर रैली की गई. इस दौरान एक फ़लस्तीनी इस्लामिक स्कॉलर निधल सियम ने कहा, "गाय को पूजने वाले हिंदुओं ने पैग़ंबर मोहम्मद का जो अपमान किया है, उसका एक ही जवाब हो जिहाद सकता है."
शिकागो में रह रहे इस्लामिक स्कॉलर डॉक्टर यासिर नदीम ने ट्वीट किया, "भारत में उत्तर प्रदेश की पुलिस ने आफ़रीन फ़ातिमा का घर ढहा दिया. उनके पिता जावेद मोहम्मद का विरोध प्रदर्शनों से कोई लेनादेना ना होने के बावजूद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. ये बुनियादी मानवाधिकारों का हनन है. मानवाधिकार संगठन कहां हैं?"
बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा की ओर से पैग़ंबर मोहम्मद पर की गई विवादित टिप्पणी के विरोध में बीते शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे. कई जगहों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे. यूपी में सबसे ज़्यादा हिंसा प्रयागराज और सहारनपुर में हुई थी.
इसके बाद पुलिस ने वेलफ़ेयर पार्टी के नेता जावेद मोहम्मद को प्रयागराज हिंसा का मास्टरमाइंड बताया और 12 जून को उनका घर ढहाया गया. इससे पहले प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने जावेद मोहम्मद को रविवार सुबह 11 बजे तक घर खाली करने का नोटिस जारी किया था. इस नोटिस के अनुसार जावेद का घर ग़ैर-क़ानूनी तरीके से बनाया गया है.
पीडीए का कहना है कि 10 मई को अवैध निर्माण के सिलसिले में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसके मुताबिक़ उन्हें 25 मई तक प्राधिकरण के सामने पेश होना था. किन प्राधिकरण के सामने उनकी अनुपस्थिति और इसका कारण नहीं बताने के बाद उनके घर को ढहाने का आदेश पारित किया गया.
हालांकि जावेद मोहम्मद के वकीलों का कहना है कि जिस घर को पीडीए ने गिराया है उसके मालिक जावेद मोहम्मद नहीं बल्कि उनकी पत्नी परवीन फ़ातिमा हैं और यह घर उन्हें उनके माता-पिता से शादी के पहले तोहफ़े के रूप में मिला था.
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