पैग़ंबर मोहम्मद टिप्पणी मामला: बंगाल, दिल्ली, रांची समेत कई जगहों पर प्रदर्शन, यूपी में 109 लोग गिरफ्तार

पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में शुक्रवार को देश के अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं. कहीं पर नारेबाजी हुई और नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को गिरफ़्तार करने की मांग की गई.

देशभर में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, महाराष्ट्र, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

बीते महीने नूपुर शर्मा ने टाइम्स नाउ के एक पैनल में हिस्सा लिया था, जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर हो रहे विवाद पर चर्चा की जा रही थी. इस चर्चा के दौरान नूपुर शर्मा ने जब अपनी बात रखी तो उसमें उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया जहां से ये पूरा विवाद शुरू हुआ. उन पर आरोप लगा कि उन्होंने पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है.

उस दौरान बीजेपी दिल्ली के प्रवक्ता नवीन कुमार जिंदल ने भी अल्पसंख्यक समुदाय के ख़िलाफ़ एक ट्वीट कर के विवाद खड़ा किया था.

इन दोनों पर बीजेपी ने कार्रवाई करते हुए बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित और नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया है लेकिन मुस्लिम समाज इस कार्रवाई से खुश नहीं है.

रांची में विरोध प्रदर्शन हुए हिंसक

रांची से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार रवि प्रकाश ने जानकारी दी है कि यहां शुक्रवार की नमाज़ के बाद हो रहे प्रदर्शनों हिंसक ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया. यहां दुकानें बंद करायी गईं, प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.

रांची के मुस्लिम बहुल डेली मार्केट के दुकानदारों ने नूपुर शर्मा की गिरफ़्तारी की माँग को लेकर शुक्रवार की सुबह से ही अपनी दुकानें बंद रखी थी. जुमे की नमाज़ के बाद लोग महात्मा गाँधी मार्ग (मेन रोड) स्थित मस्जिद के सामने भी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. तभी अचानक उमड़ी सैकड़ों लोगों की भीड़ सड़क पर आगे बढ़ने लगी. इनमें से कुछ लोगों के हाथों में काले झंडे भी थे.

भीड़ को रोकने की पुलिस की कोशिशें प्रारंभिक तौर पर नाकामयाब हो गईं. इस दौरान मची भगदड़ के बाद स्थिति बिगड़नी शुरू हुई.

मेन रोड पर स्थित हनुमान मंदिर के पास हुई पत्थरबाज़ी में कई लोगों को चोटें लगीं. कुछ पुलिसकर्मी और पत्रकारों को भी पत्थर लगे. इसके बाद पुलिस ने पहले तो लाठीचार्ज किया फिर फ़ायरिंग कर दी. इसमें डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. कुछ लोगों को गोलियाँ भी लगीं.

इनका इलाज कर रहे अस्पतालों ने कुछ लोगों को गोलियाँ लगे होने की पुष्टि की है. फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए रांची में कुछ जगहों पर धारा 144 लगा दी गई है.

डीआईजी रांची अनीश गुप्ता ने कहा, "स्थिति अब भी तनावपूर्ण है लेकिन नियंत्रण में है. हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं. भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. वरिष्ठ अधिकारी भी मौक़े पर मौजूद हैं."

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने लोगों से शांति की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा, "कहीं न कहीं हम लोग सुनियोजित तरीक़े से कुछ ऐसी शक्तियों का शिकार हो रहे हैं, जिसका परिणाम हम सभी को भुगतना पड़ेगा. वर्तमान हालात में हम सब परीक्षा की घड़ी से गुजर रहे हैं. हो सकता है आगे और कठिन परीक्षाएं भी हों. हमें धैर्य नहीं खोना है. जो जुर्म करता है, उसे सज़ा भी मिलती है. इसलिए कोई भी हिंसक घटना को अंजाम ना दें, जिससे वे जुर्म का भागीदार हो जाए."

इस बीच कुछ लोगों ने हनुमान मंदिर के सामने की सड़क पर ढोलक के साथ हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया. शाम होने पर बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री सी पी सिंह भी वहाँ पहुँचे और इस हिंसा के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया.

इस बीच सोशल मीडिया पर इस संबंधित कई वीडियो वायरल होने लगे और तरह-तरह की अफ़वाहें तैरने लगीं. इसके बाद रांची के उपायुक्त (डीसी) छविरंजन ने एक अपील जारी कर लोगों से अफ़वाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की. उन्होंने कहा "लोग बग़ैर आधिकारिक पुष्टि के किसी भी बात पर यक़ीन नहीं करें. एक ज़िम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना नज़दीकी थाने को दें."

पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के एक दफ्तर में लगाई आग

पश्चिम बंगाल के कोलकाता और हावड़ा में भी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुआ है. कोलकाता के पार्क सर्कस में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और नारेबाजी की. यहां सैंकड़ों लोग सड़कों पर निकले और आगज़नी भी हुई.

कोलकाता से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी बताते हैं कि भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की मांग कर रहे लोगों ने डोमजूड़ थाने पर हमला किया जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए. जिले के पांचला ग्रामीण इलाक़े में भाजपा के एक दफ्तर के अलावा कुछ वाहनों में भी आग लगा दी गई. पुलिस के एक अधिकारी ने यहां इसकी जानकारी दी.

इससे पहले बृहस्पतिवार को भी इसी मुद्दे पर यहां सैकड़ों लोगों ने हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप कर दी थी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील पर करीब 10 घंटे बाद धरना ख़त्म हो सका. उसके बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज़ ख़त्म होने के बाद तमाम लोग दोबारा सड़कों पर उतर आए और नारेबाज़ी करने लगे. यह लोग नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल को फौरन गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे.

हावड़ा जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने उलूबेड़िया इलाक़े में भाजपा के एक दफ्तर में भी आग लगा दी. जिले के विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी ठप कर दी गई. कुछ अन्य जगहों पर भी आगज़नी की छिटपुट घटनाएं हुईं.

जिले के चेंगाइल इलाक़े में रेल की पटरियों पर धरना-प्रदर्शन की वजह से हावड़ा-खड़गपुर सेक्शन में करीब सात घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही. पूर्व रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस वजह से सात लोकल ट्रेनें रद्द करनी पड़ी.

इस बीच, राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्य सचिव से कानून और व्यवस्था की स्थिति पर रात दस बजे तक रिपोर्ट मांगी है.

हावड़ा-खड़गपुर रेल रूट पर दासनगर रेलवे स्टेशन पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. इसके चलते आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार हावड़ा ज़िले में 13 जून सुबह 6 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.

प्रशासन का कहना है कि तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अफवाहें न फैले इसलिए इंटरनेट सेवाएं बंद करने का फ़ैसला लिया गया है. इस दौरान वॉयस कॉल और एसएमएस पर कोई पाबंदी नहीं होगी.

दिल्ली में विरोध

दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाज़ी कर रहे थे. प्रदर्शनकारी नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे.

प्रदर्शन को लेकर जामा मस्जिद के शाही इमाम का कहना है कि मस्जिद कमेटी की ओर से प्रदर्शन के लिए किसी तरह की कोई अपील नहीं की गई थी.

दिल्ली में डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट श्वेता चौहान ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "शुक्रवार की नमाज़ के लिए लगभग 1,500 लोग जामा मस्जिद में इकट्ठा हुए थे. नमाज़ के बाद क़रीब तीन सौ लोग बाहर आकर नूपर शर्मा और नवीन जिंदल के विवादित बयानों के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करने लगे. लगभग 10 से 15 मिनट में हमने स्थिति पर काबू पा लिया. ये लोग बिना अनुमति के सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किए गए थे इसलिए क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी."

यूपी के शहरों में पत्थरबाजी और आगज़नी

उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, प्रशांत कुमार ने एक बयान जारी कर कहा है कि पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ विवादित टिप्पणी को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 109 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.

उन्होंने कहा, "कुछ लोगों ने जानबूझकर शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की है. जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग जगहों से शाम के साढ़े सात बजे तक 109 लोगों की गिरफ्तारी की है. ये गिरफ्तारियां मुरादाबाद, सहारनपुर, अंबेडकरनगर, प्रयागराज और फिरोज़ाबाद में हुई हैं."

साथ ही उन्होंने कहा, "तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर ली गई है और उनके ख़िलाफ़ गंभीर धाराओं में अभियोग दर्ज किया जा रहा है. जो भी सरकारी और प्राइवेट संपत्ति की क्षति हुई है उसकी दंगाइयों से वसूली की जाएगी."

"इन लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा और उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी."

उत्तर प्रदेश के लखनऊ, सहारनपुर और मुरादाबाद में भी मस्जिदों के बाहर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं. सहारनपुर में लोग धार्मिक झंडों के साथ तिरंगा लेकर भी पहुंचे थे.

लखनऊ में टीले वाली मस्जिद के सामने भी मुसलमानों ने नारेबाज़ी की. यूपी के ही सहारनपुर में भी भीड़ मस्जिद के बाहर नारेबाज़ी करती दिखी. प्रयागराज में प्रदर्शन के दौरान कुछ ठेलों में आग लगा दी गई और पत्थरबाज़ी हुई.

इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव भी हुआ. पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े.

उत्तर प्रदेश के देवबंद में पुलिस ने सख्ती करते हुए प्रदर्शन नहीं करने दिया है. लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं. पुलिस ड्रोन से नज़र रख रही है.

डीके ठाकुर डीजीपी लखनऊ ने कहा, "जहां मुख्य मस्जिद है वहां भारी संख्या में लोग आते हैं. हमने वहां पर्याप्त प्रबंध किए हैं. साथ-साथ जो धर्मगुरु हैं, मौलवी और मौलाना हैं उनसे हमारी लगातार बात चल रही है. उन्होंने कहा है कि वो अपनी तकरीर में अमन चैन की बात करेंगे. जो भी मुद्दा है उस पर न्यायालय में विचार हो रहा है. किसी भी बात को लेकर लोगों को भड़काने की ज़रूरत नहीं है. संवेदनशील एरिया में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया है और ड्रोन से भी निगरानी रख रहे हैं."

प्रयागराज में पुलिस ने किया लाठीचार्ज

प्रयागराज के अटाला में जुमे की नमाज़ के बाद नारेबाज़ी हुई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की जिसके बाद यहां पथराव शुरू हो गया.

प्रयागराज से स्थानीय संवाददाता प्रभात वर्मा ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए तो आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हवाई फायरिंग भी की गई.

पथराव में कई पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों के घायल होने की ख़बर है. कई आरपीएफ़ जवान भी हिंसा में घायल हुए हैं. यहां प्रदर्शनकारियों ने एक गाड़ी में भी आग लगा दी.

पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर शहर में माहौल ख़राब की आशंका को लेकर शुक्रवार को पुलिस पहले से ही सतर्क थी.

जुमे की नमाज़ से जिलाधिकारी संजय खत्री और एसएसपी अजय कुमार चौक, अटाला और करेली इलाक़े में जाकर स्थानीय लोगों से बात की. यहां चौराहों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, साथ ही पुराने शहर में हर तरफ़ सुरक्षाबलों को तैनात किया गया.

इस दौरान सोशल मीडिया पर नज़र रखने के लिए पुलिस का साइबर सेल भी सक्रिय था. पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले 46 लोगों की पहचान की. व्हाट्सएप, फ़ेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर निगरानी के लिए 161 पुलिसकर्मियों की टीम को लगाया था.

इस बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई शहरों में पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज की घटनाओं को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुख्यमंत्री ने असमाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई के लिए अधिकारियों को छूट दी है और साफ दिशानिर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जो भी क़ानून अपने हाथों में लेगा उसे कड़ा सबक सिखाया जाएगा.

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा, "जो भी बेवजह शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करेगा उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. कुछ लोगों ने प्रयागराज में अशांति फ़ैलाने की कोशिश की थी. पुलिस ने पूरी सतर्कता से उन्हें तितर-बितर कर दिया. हम युवाओं से बेवजह सड़कों पर ना आने की अपील करते हैं."

महाराष्ट्र में प्रदर्शन

महाराष्ट्र के सोलापुर में एआईएमआईएम ने नूपुर शर्मा के बयान के ख़िलाफ़ मार्च बुलाया था.

यहां बड़ी संख्या में सड़कों पर मुसलमान इकट्ठा हुए. वहीं, नवी मुंबई में मुस्लिम महिलाओं ने विरोध में मार्च निकाला.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वाल्से पाटिल ने कहा कि मुसलमान समुदाय के लोगों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया है. पूरे महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और स्थिति नियंत्रण में है. सभी धर्मों के लोगों को सहयोग करना चाहिए. कल रात को ही पूरे राज्य में अर्ल्ट जारी कर दिया गया था और पुलिस सतर्क थी.

जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक में प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में भी नूपुर शर्मा के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शए हुए. उनके ख़िलाफ़ 'सर तन से जुदा' करने के नारे भी लगाए गए.

कर्नाटक के कलबुर्गी में रज़ा अकेडमी ने विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया और नारेबाजी हुई.

इसके अलावा पंजाब के लुधियाना, तेलंगाना के हैदराबाद और झारखंड के रांची में भी मुसलमान विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए.

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