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सिद्धू मूसेवाला की हत्या, पंजाब पुलिस ने कहा- गाड़ी पर हुई थी तीस राउंड फायरिंग
पंजाब के मानसा में पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला पर गोलियां चली हैं जिसके बाद उनकी मौत हो गई है.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुरिंदर मान ने मानसा के एसएसपी गौरव तोरा के हवाले से सिद्धू मूसेवाला की हत्या की पुष्टि की है.
मानसा के सिविल सर्जन डॉ रंजीत सिंह ने बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा को बताया, "सिद्धू मूसेवाला समेत तीन लोगों को अस्पताल लाया गया था. सिद्धू मूसेवाला की अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो चुकी थी. बाकी घायल लोगों को पटियाला के राजिंद्र अस्पताल रेफर कर दिया गया है. सिद्धू मूसेवाला के शरीर पर चार से पांच गोलियों के निशान दिखाई दे रहे हैं. उन्हें सीने और जांघ में गोली लगी है."
बठिंडा रेंज के आईजी शिव कुमार वर्मा ने बीबीसी पंजाबी सेवा के संवाददाता अरविंद छाबड़ा को बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है.
उन्होंने कहा, "फिलहाल घटना की जानकारी सामने आ रही है. एक चलती गाड़ी पर हमला किया गया और घटना जवाहरके गांव के पास हुई है."
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में डीजीपी वीके भावरा ने क्या कहा
- आज मानसा में शुभदीप सिंह सिद्धू अपने दो दोस्तों के साथ 4.30 बजे घर से निकले थे.
- शाम करीब साढ़े पांच बजे जवाहरके गांव के पास उन पर हमला किया गया.
- सिद्धू के मैनेजर शगनप्रीत का नाम मिठूखेड़ा हत्याकांड में आया था. वो फिलहाल बाहर है.
- इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हाथ है, जिसकी जिम्मेदारी कनाडा से लकी ने ली है.
- सिद्धू मूसेवाला के पास 4 सुरक्षा गार्ड थे, जिनमें से 2 घल्लूघारा दिवस के कारण वापस ले लिए गए थे.
- सिद्धू बिना सुरक्षाकर्मियों और बुलेट प्रूफ गाड़ी के घर से बाहर निकले थे.
- मुख्यमंत्री के आदेश पर एसआईटी गठित करने के आदेश जारी किए गए हैं.
- घटनास्थल से गोलियों के तीस खोल मिले हैं. ये तीन अलग-अलग हथियारों के हैं.
- हमले में 9 एमएम और 4 एमएम के खोल बरामद किए गए हैं.
सोशल मीडिया पर पंजाब की आप सरकार की हो रही आलोचना
इससे पहले पंजाब सरकार ने शनिवार को 424 धार्मिक, राजनीतिक और पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा वापस ले ली थी या कम कर दी थी. इसमें सिद्धू मूसेवाला का नाम भी शामिल था.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर सिद्धू मूसेवाला की मौत पर शोक जताया है और कहा कि मामले में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने लोगों से शांत रहने की भी अपील की है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा, "सिद्धू मूसेवाला का क़त्ल बेहद दुःखद और स्तब्ध करने वाला है. मैंने अभी पंजाब के CM मान साहिब से बात की. दोषियों को सख़्त से सख़्त सजा दिलवायी जाएगी."
वहीं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "सिद्धू मूसेवाला की बर्बर हत्या चौंकाने वाली है. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं. पंजाब में क़ानून व्यवस्था पूरी तरह से नाकाम हो गई है अपराधियों को क़ानून का कोई डर नहीं है. यहां की आम आदमी पार्टी सरकार नाकाम रही है. पंजाब में कोई सुरक्षित नहीं है."
सुखबीर सिंह बादल ने मांग की है कि इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को तुरंत पकड़ा जाए.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि "एक उभरते हुए कांग्रेस नेता और टैलेंटेड कलाकार की मौत से दुखी हूं. मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और दुनिया भर में फैले उनके फैन्स के साथ हैं."
प्रियंका गांधी ने भी सिद्धू मूसेवाला की मौत पर दुख जताया है और कहा है कि प्रदेश की आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था को राजनीतिक पसंद-नापसंद के हवाले कर दिया है.
एक और ट्वीट में उन्होंने लिखा, "कांग्रेस पार्टी अपने एक-एक नेता और कार्यकर्ता को यकीन दिलाना चाहती है कि हम अपनी पार्टी के निष्ठावान नेता की न्याय की लड़ाई की आवाज़ को पुरज़ोर तरीके से उठाएंगे."
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने सिद्धू मूसेवाला की मौत के लिए प्रदेश की आम आदमी पार्टी की सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है. एक ट्वीट कर उन्होंने कहा, "केजरीवाल और भगवंत मान सिद्धू मूसेवाला का खून आपके हाथों में लगा है. शर्म करें और इस्तीफ़ा दें."
राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक और नेता जिग्नेश मेवाणी ने लिखा "सिद्धू मूसेवाला की हत्या की ख़बर से स्तब्ध हूं, बिल्कुल सदमे में हूं. उनके परिवार और दोस्त को मेरी संवेदनाएं. ये घटना भगवंत मान सरकार के उनकी सुरक्षा हटाने के फ़ैसले के एक दिन बाद हुई है. कांग्रेस इस पर खामोश नहीं बैठेगी."
बीजेपी ने इस मामले में पंजाब की आप आदमी पार्टी सरकार को घेरा है.
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा का कहना है, "पंजाब की केजरीवाल सरकार ने पहले तो सिद्धू मूसेवाला की सिक्योरिटी हटाई और जिनकी भी सिक्योरिटी हटाई उनकी गोपनीय पूरी लिस्ट पब्लिक कर दी गई. एक तरह से ये हत्यारों को आमंत्रण था कि हमने इन लोगों की सिक्योरिटी वापस ली है अब आप अपना काम कर सकते हैं."
जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी शेष पाल वैद ने ट्वीट कर कहा है, "ये चौंकाने वाली घटना है. पंजाब की नई आम आदमी पार्टी सरकार का सुरक्षा वापस लेने का पहला बिना सोचे समझे लिया गया फ़ैसला है. सुरक्षा कवर से जुड़ा फ़ैसला राजनीतिक नहीं होना चाहिए बल्कि इसका आकलन इस आधार पर होना चाहिए कि व्यक्ति को कितना ख़तरा है."
सिद्धू मूसेवाला की मौत पर संगीतकार विशाल ददलानी ने लिखा, "मैं सिद्धू मूसेवाला को उनके संगीत के माध्यम से ही जानता था, फिर भी उनकी मौत की ख़बर ने मुझे भीतर तक दुखी कर दिया है. भारत में कुछ ही प्रामाणिक आधुनिक कलाकार हैं. इस सूची में वो सबसे ऊपर थे. मेरे पास शब्द नहीं हैं."
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