You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
राज ठाकरे: किस 'जाल में फंसने' के डर से नहीं जा रहे हैं अयोध्या
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि उन्होंने अपना अयोध्या दौरा टालने का फैसला 'मजबूर होकर' लिया है.
दो दिन पहले राज ठाकरे ने अयोध्या दौरा टालने की जानकारी दी थी.
राज ठाकरे ने रविवार को कहा कि "महाराष्ट्र में चुनावों के मौसम में उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को फंसाने की साज़िश रची जा रही है और इसी वजह से उन्हें अपना दौरा टालने के लिए मजबूर होना पड़ा."
पुणे में रविवार सुबह एक रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा, "मेरे अयोध्या जाने की घोषणा से परेशान लोग जाल बिछाने की योजना बना रहे हैं…"
महाराष्ट्र में जल्द ही 14 नगर निगमों, 25 ज़िला परिषदों और हज़ारों ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव होना है.
राज ठाकरे ने कहा, "जिस दिन मैंने मस्जिदों से लाउड स्पीकर उतारने की घोषणा की थी उसी दिन मैंने अयोध्या जाने का एलान भी किया था. उसके बाद से बहुत कुछ हो चुका है. ये कहा गया कि मुझे अयोध्या में घुसने की अनुमति नहीं दी जाएगी. मैं ये सब देख रहा था. मुझे मुंबई, दिल्ली और यहां तक की उत्तर प्रदेश से जानकारियां मिल रहीं थीं.. लोग मुझे बता रहे थे कि क्या हो रहा है. फिर मुझे अहसास हुआ कि ये एक जाल है. मुझे इस जाल में नहीं फंसना है."
अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने की घटना को याद करते हुए राज ठाकरे ने कहा, "मैं उस स्थान पर जाकर भी दर्शन करना चाहता था जहां कारसेवकों को मारा गया था."
राज ठाकरे ने ये भी कहा कि उनकी प्रस्तावित अयोध्या यात्रा के दौरान अगर कुछ होता तो उनके कार्यकर्ता आक्रोश में आकर जवाबी प्रतिक्रिया देते.
बीजेपी सांसद को जवाब
राज ठाकरे ने कहा, "ये चुनावों का समय है. मैं नहीं चाहता था कि मेरे कार्यकर्ता इस समय क़ानूनी पचड़ों में फंसें."
उत्तर प्रदेश के सांसद बृज भूषण सिंह ने भी राज ठाकरे को अयोध्या में ना घुसने देने की चेतावनी दी थी.
राज ठाकरे ने कहा, "एक सांसद उठता है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को चुनौती दे देता है. ये कैसे संभव है? इसके कई पहलू हैं."
बृज भूषण सिंह ने कहा, "जब तक राज ठाकरे मुंबई में उत्तर भारतीयों पर हमलों के लिए माफ़ी नहीं मांगेगे, उन्हें अयोध्या में नहीं घुसने दिया जाएगा."
2008 में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने मुंबई में उत्तर भारतीयों पर हमले किए थे.
ठाकरे ने कहा, "आप अब जाग रहे हो… 14 साल बाद? आप बुरा उदाहरण बना रहे है. अगर मुझे माफ़ी मांगनी है तो फिर गुजरात में 2017 में जो हुआ उसके लिए कौन माफ़ी मांगेगा. वहां बलात्कार की घटना के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के हज़ारों उत्तर-भारतीयों को जाने के लिए कह दिया गया था. वो पहले मुंबई आए और फिर अपने घर गए. इसके लिए मांफ़ी कौन मांगेगा."
उद्धव ठाकरे पर निशाना
वहीं शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए राज ठाकरे ने कहा, "ये कैसे बचकाना व्यवहार है कि मेरा हिंदुत्व असली है और तुम्हारा नकली… ये ऐसा कहने जैसा है कि तुम्हारी कमीज़ हमारी कमीज़ से सफ़ेद कैसे? क्या हिंदुत्व कोई वाशिंग पाउडर है? हिंदुओं को नतीजे चाहिए, और हम उन्हें नतीजे दे रहे हैं. हम मराठी मानुष हैं, हम नतीजों में यक़ीन रखते हैं."
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे पर आरोप लगाया था कि वो एक मुद्दे पर विरोध शुरू करते हैं और बीच में ही छोड़ देते हैं.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज ठाकरे ने कहा, "लाउडस्पीकर के खिलाफ हमारा विरोध 92-94 प्रतिशत तक कामयाब रहा है. बॉलीवुड में पाकिस्तानी कलाकारों के ख़िलाफ़ हमने प्रदर्शन किया तो उन्हें देश से निकाल दिया गया. मुंबई में रज़ा अकादमी के प्रदर्शन के दौरान जब हमारे पुलिसवालों को मारा गया तब नव-निर्माण सेना ही उन्हें बचाने आगे आई थी."
औरंगाबाद का नाम बदल कर संभाजीनगर करने के मुद्दे पर राज ठाकरे ने कहा, "मुख्यमंत्री कहते हैं कि नाम पहले ही बदला जा चुका है… तुम हो कौन? तुम वल्लभ भाई पंत या महात्मा गांधी हो."
ठाकरे ने कहा, "औरंगाबाद और जालना जैसी जगहों पर दस दिन तक पानी नहीं आता है, लेकिन ऐसे मुद्दों पर कभी बहस नहीं होती है."
राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री से औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने और जनसंख्या नियंत्रण क़ानून और समान नागरिक संहिता लागू करने की अपील भी की.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)