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चीन की बेल्ट एंड रोड मुहिम की टक्कर में भारत ने लॉन्च किया नया प्लेटफॉर्म - प्रेस रिव्यू
अंग्रेज़ी अख़बार इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, चीन के विकास मॉडल 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' की टक्कर में भारतीय विदेश मंत्रालय ने हाल ही में त्रिपक्षीय विकास निगम यानी टीडीसी फ़ंड नाम से एक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. इसके तहत भारत-प्रशांत क्षेत्र और अन्य भौगोलिक क्षेत्रों में बड़े निवेश के लिए निजी क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा जिसमें सरकार उनकी मदद करेगी.
ईटी के अनुसार, शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रितानी पीएम बोरिस जॉनसन के बीच हुई मुलाकात के बाद ब्रिटेन ने भारत के साथ ग्लोबल इनोवेशन पार्टनरशिप (जीआईपी) लॉन्च किया जो टीडीसी फ़ंड के लिए एक खाके का काम करेगा.
टीडीसी फंड त्रिपक्षीय विकास के लिए जापान, जर्मनी, फ्रांस और यूरोपीय संघ जैसे अन्य देश जो भारत के साथ विकास और इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी करना चाहते हैं उसके लिए इस्तेमाल होगा.
जीआईपी में भारत के योगदान को टीडीसी फ़ंड के ज़रिए चैनलाइज़ किया जाएगा.
ईटी अख़बार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि जीआईपी अफ्रीका, एशिया और इंडो-पैसिफिक में स्थित विकासशील देशों में भारतीय इंटरप्राइज़ की ओर से विकसित किए गए इनोवेशन को बढ़ाने की कोशिश करेगा.
इसके लिए सही बाज़ार की जानकारी, सही भागीदारों की जानकारी और लचीली फंडिंग की पहुंच होना महत्वपूर्ण है, और जीआईपी भारतीय इंटरप्राइज़ को फ़ंड, तकनीकी सहायता, हैंड-होल्डिंग और विकास पूंजी निवेश के रूप में ये सहायता देकर ये सारी बाधाएं दूर करेगा.
जीआईपी बाज़ार संचालित मॉडल को अपनाएगा और इसके लिए ब्रिटेन के साथ समान भागीदारी होगी. दोनों पक्षों ने जीआईपी के विभिन्न घटकों को लागू करने के लिए 14 सालों में 75 मिलियन पाउंड को-फ़ाइनैंस करने पर सहमति व्यक्त की है.
जीआईपी के तहत लॉन्ग-टर्म पूंजी निवेश के लिए एक नया जीआईपी फंड स्थापित किया जाएगा. भारतीय इनोवेशन का समर्थन करने के लिए बाज़ारों को अतिरिक्त 100 मिलियन पाउंड का भी लाभ दिया जाएगा.
अख़बार सूत्र के हवाले से लिखता है कि पीएम नरेंद्र मोदी बार-बार भारतीय स्टार्टअप के अंतरराष्ट्रीयकरण का समर्थन करने और भारतीय इनोवेशन को वैश्विक बनाने की बात करते रहे हैं. जीआईपी इस अंतर को भरेगा और भारत के इनोवेशन फुटप्रिंट का विस्तार करेगा.
मुसलमानों ने धर्म के नाम पर देश बनाया, वहां जाएं- प्रज्ञा ठाकुर
अंग्रेज़ी अख़बार द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के मुताबिक़, बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हिंदू धार्मिक जुलूसों पर पत्थर फेंकने वाले मुसलमान दूसरे देश में जा सकते हैं.
राम नवमी और हनुमान जयंती के दौरान देश के कई राज्यों में हुई हिंसा के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि उन्हें (मुसलमानों को) आज़ादी के बाद धर्म के आधार पर एक देश मिला था और वे वहां जा सकते हैं.
उन्होंने मुस्लिम समुदाय पर हिंदू लड़कियों को फंसाने और उनका धर्म परिवर्तन करने की कोशिशों का भी आरोप लगाया.
बढ़ती मांग के बावजूद पंजाब से 15 साल में सबसे कम गेहूं खरीदा गया
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में सरकार ने गेहूं की खरीद बीते 15 साल में सबसे निचले स्तर पर जा पहुंची है. वहीं निजी खरीद के मामले में 2007 के बाद पहली बार पांच लाख टन का आंकड़ा पार करने की संभावना है.
यह ऐसे वक़्त में हो रहा है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण निर्यात और घरेलू बाज़ार की मांग तेज़ है. साथ ही मार्च में अत्यधिक गर्मी के कारण फ़सल की पैदावार भी बहुत अच्छी नहीं हुई है.
भारतीय खाद्य निगम सहित सरकारी एजेंसियों ने वर्तनमान रबी सीज़न (अप्रैल-जून) में रविवार शाम तक 83.49 टन गेहूं खरीदा है.
पंजाब मंडी बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "दैनिक बाज़ार की आवक स्पष्ट रूप से धीमी हो गई है इसको देखते हुए, सरकार की ओर से कुल खरीद इस बार 100 टन तक भी नहीं पहुंच सकती है."
पंजाब से गेहूं की खरीद सबसे ज़्यादा है, केंद्रीय पूल में भी पंजाब सबसे बड़ा योगदानकर्ता है. साल 2021 के सीज़न में यहां से रिकॉर्ड 132.14 टन की खरीद हुई थी. लेकिन इस बार 100 टन भी मुश्किल लग रहा है.
पिछली बार 2007 और 2006 में 100 टन से कम खरीद की गई थी.
बिहार में राजनीतिक हवा बदलने वाली है- चिराग पासवान
हिंदी दैनिक अख़बार जनसत्ता में छपी एक ख़बर के मुताबिक़, चिराग पासवान ने भविष्यवाणी की है कि बिहार में राजनीतिक हवा बदलने वाली है.
गिले शिकवे मिटाकर नीतीश कुमार के पैर छूने वाले चिराग पासवान ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री जल्द ही एक नया निर्णय ले सकते हैं. लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने तेजस्वी यादव की इफ़्तार दावत में नीतीश कुमार के शामिल होने पर ये बात कही.
जब नीतीश कुमार लालू के आवास पर पहुंचे तो चिराग, जो हमेशा उन पर हमलावर रहे उन्होंने उनके पैर छुए. उसके बाद से ही बिहार की राजनीति में गहमागहमी तेज़ है.
अख़बार लिखता है कि बीजेपी लगातार नीतीश को कुर्सी से हटाने की मांग कर रही है. जदयू के नेता भी पलटवार करने से नहीं चूक रहे. दोनों के रिश्ते बेहद तल्ख़ हो चुके हैं.
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