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भारत के बिजली संयंत्रों पर कितनी बार हुआ चीनी हैकर्स का हमला- प्रेस रिव्यू
बिजली मंत्री आरके सिंह ने जानकारी दी है कि चीनी हैकर्स ने दो बार लद्दाख के पास भारत के बिजली संयंत्रों पर हमला करने की कोशिश की है. हालांकि, हैकर्स इसमें कामयाब नहीं हो पाए.
अमेरिका आधारित साइबर सिक्योरिटी फर्म रिकॉर्डेड फ्यूचर ने ये दावा किया है. उसने छह अप्रैल को जारी एक रिपोर्ट में कहा था कि चीनी हैकर्स सितंबर 2021 से 7 स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर्स (एसएलडीसी) पर हमला कर चुके हैं.
ये सेंटर्स लद्दाख में भारत-चीन की विवादित सीमा के पास हैं. इन सेंटर्स पर ग्रिड कंट्रोल और बिजली वितरण का काम होता है. अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने इस ख़बर को प्रमुखता से दिया है.
केंद्र सरकार ने इस रिपोर्ट की पुष्टि की है कि चीनी हैकर्स भारतीय बिजली संयंत्रों को लगातार निशाना बन रहे हैं.
अख़बार के मुताबिक मंत्री आरके सिंह ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि चीनी हैकर्स ने लद्दाख के पास बिजली वितरण केंद्रों पर कम से कम दो बार हमले की कोशिश की है.
उन्होंने कहा, ''हमने ऐसे साइबर हमलों से बचने के लिए पहले ही अपनी बचाव प्रणाली को मजबूत कर लिया है." हालांकि, बिजली मंत्री ने हैकर्स के चीन की सरकार से संबंध को लेकर कुछ नहीं कहा.
विदेश मंत्रालय से पूछा गया कि क्या इन हमलों का मुद्दा चीन के सामने उठाया गया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि मंत्रालय को फिलहाल इसकी कोई जानकारी नहीं है. लेकिन, उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि भारत के अहम बुनियादी ढांचे पर्याप्त सुरक्षा में हैं.
'लोगों को अंग्रेज़ी की जगह हिंदी बोलनी चाहिए'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि अलग-अलग राज्यों के लोगों को एक-दूसरे से अंग्रेज़ी के बजाए हिंदी में बात करनी चाहिए.
अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक गृह मंत्री ने संसदीय आधिकारिक भाषा समिति की 37वीं बैठक के दौरान ये बातें कहीं.
उन्होंने कहा, ''पीएम मोदी ने फ़ैसला किया है कि सरकार चलाने का माध्यम आधिकारिक भाषा होनी चाहिए और इससे वाकई हिंदी का महत्व बढ़ेगा. अब समय आ गया है कि आधिकारिक भाषा को देश की एकता का अहम हिस्सा बनाया जाए. जब अलग-अलग भाषा बोलने वाले दो राज्यों के लोग बात करते हैं तो बातचीत भारतीय भाषा में होनी चाहिए.''
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि हिंदी को स्थानीय भाषा के नहीं बल्कि अंग्रेज़ी के विकल्प के तौर पर स्वीकार करना चाहिए. गृह मंत्री इस संसदीय समिति के अध्यक्ष हैं और बीजेडी के बी महताब इसके उपाध्यक्ष हैं.
गृह मंत्री ने बताया कि कैबिनेट का 70 प्रतिशत एजेंडा हिंदी में तैयार होता है. पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों में 22 हज़ार हिंदी के शिक्षक नियुक्त किए गए हैं. इलाक़े के नौ आदिवासी समुदायों ने अपनी बोलियों की लिपियों को देवनागरी में बदला है.
अमीर किसान पर टैक्स को लेकर कड़ी जांच
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार सरकार अमीर किसानों पर टैक्स का शिकंजा कसने वाली है. जिन किसानों की सलाना कृषि आय 10 लाख से ज़्यादा है उनकी आय की और कड़ी जांच की जाएगी.
वित्त मंत्रालय ने संसदीय समिति में एक सवाल के जवाब में ये जानकारी दी.
कृषि आय कर मुक्त है. लेकिन, सरकार का कहना है कि जो किसान अपनी आय को कृषि आय दिखाकर टैक्स से बचना चाहते हैं उनके लिए जांच और कड़ी की जाएगी.
समिति ने कहा कि लगभग 22.5% मामलों में, अधिकारियों ने दस्तावेजों की सही जांच और सत्यापन के बिना कर से छूट के दावों को मंजूरी दे दी, जिससे करों की चोरी की गुंजाइश बनी है.
पैनल ने मंगलवार को अपनी 49वीं रिपोर्ट, "कृषि आय से संबंधित आकलन" जारी की थी. यह भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की एक रिपोर्ट पर आधारित है.
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