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आयकर विभाग के छापों के बाद शिव सेना हुई हमलावर
आयकर विभाग के शिवसेना नेताओं से जुड़ी जगहों पर छापे के बाद शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में केंद्रीय जांच एजेंसियों पर तीखा हमला किया.
इस दौरान राउत ने कहा कि "ईडी और उसके कुछ अधिकारी बीजेपी की एटीएम मशीन बन गए हैं."
संजय राउत ने कहा, "मुंबई में बहुत हलचल है. छापे के ऊपर छापे. आज मैं देख रहा था सुबह से हमारे कुछ कार्यकर्ता हमारे कुछ लोगों पर ईडी के बाद अब आईटी की रेड चल रही है."
साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब तक मुंबई में बीएमसी चुनाव ख़त्म नहीं हो जाते, तब तक हर वार्ड में ये आईटी छापे जारी रहेंगे.
वे बोले, "मुझे लगता है कि जब तक बीएमसी चुनाव नहीं होते तब तक हर वार्ड में होते रहेंगे."
ईडी को बीजेपी का एटीएम मशीन बताने पर राउत ने कहा कि उन्होंने इसके डिटेल्स प्रधानमंत्री को भेजे हैं.
"मैंने प्रधानमंत्री जी को 28 फ़रवरी को 13 पन्ने का लेटर लिखा. ऐसे मैं दस पार्ट दूंगा. ये उन दस भागों की पहली किस्त है. इसमें मैंने उन्हें बताया है कि बीते कुछ वर्षों से ईडी के कुछ अधिकारी और एजेंट्स उनका एक नेटवर्क बिल्डर्स, डेवलपर्स और कॉरपोरेट्स को डराने का काम वो कर रहे हैं. ईडी के एजेंट्स का एक नेटवर्क ज़बरदस्ती वसूली में लगा है और करोड़ों वसूल रहा है."
"उसकी विस्तृत जानकारी मैंने प्रधानमंत्री को दी है. मैं डॉक्यूमेंट के साथ ये बोल रहा हूं."
राउत ने आरोप लगाया कि, "100 से ज़्यादा बिल्डरों से वसूली की गई है. कैश भी है डिजिटल ट्रांसफर भी है."
बंगाल महाराष्ट्र में ही छापे क्यों?
इस दौरान राउत ने सवाल उठाया कि, "सभी के दिमाग में एक ही प्रश्न हैं, ये छापे केवल पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र तक ही क्यों सीमित हैं? क्यों केवल टीएमसी और शिवसेना? यह एमवीए सरकार को अस्थिर करने का प्रयास है. क्या इस देश के अन्य राज्यों में कोई नहीं मिलता जहां केंद्रीय एजेंसी जांच करे. ये तो सबको मालूम है कि ये महाराष्ट्र में जो सरकार है उसे दबाव में लाकर गिराने की साजिश है. हमने अब तक 50 नाम भेजे हैं और मैंने बार-बार अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज़िक्र भी किया है, लेकिन उनको क्यों नहीं ये लगता है कि एक सांसद, एक ज़िम्मेदार नेता कुछ बोल रहा है तो उस पर जांच होनी चाहिए?"
इसके बाद संजय राउत ने कहा कि "अब हमने हमारी एजेंसी के पास मामला दर्ज किया है. हमने आधिकारिक शिकायत दर्ज की है. हमने हज़ारों पन्ने की शिकायत केंद्रीय एजेंसियों को दी थी लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई."
"हमने मुंबई के पुलिस कमिश्नर के पास जबरन वसूली के मामले में चार ईडी अफसर के ख़िलाफ़ शिकायत दी है. जिसकी जांच मुंबई पुलिस आज से शुरू कर रही है. ईडी के कुछ अफ़सर जेल में जा सकते हैं."
वेंकैया नायडू को चिट्ठी लिख कर की थी शिकायत
संजय राउत ने कुछ दिनों पहले राज्यसभा सभापति उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को चिट्ठी लिखकर केंद्रीय जांच एजेंसियों के छापे को लेकर शिकायत की थी. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि केंद्रीय जांच एजेंसियां उन्हें सिर्फ़ इसलिए परेशान कर रही हैं क्योंकि उन्होंने महाराष्ट्र की गठबंधन वाली सरकार को गिराने में मदद करने से इनकार कर दिया था.
बीजेपी पर हमलावर
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाने के मुद्दे पर बीजेपी से संबंध तोड़ लिए थे. इसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई थी.
संजय राउत महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की सरकार बनने के बाद से बीजेपी पर हमलावर रहे हैं.
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