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बिहार में नीतीश की पार्टी के कार्यकर्ता की हत्या- क्या बीफ़ और मॉब लिंचिंग का है मामला?
- Author, नीरज सहाय
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, पटना से
बिहार में समस्तीपुर ज़िले में हाल ही में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड से जुड़े एक युवक की हत्या और युवक के एक वायरल वीडियो का मामला तूल पकड़ रहा है.
वायरल वीडियो में कुछ लोग युवक से सवाल करते, गाली देते हुए और पीटते हुए दिख रहे हैं जिसके आधार पर राजनीतिक दल इसे मॉब लिंचिंग क़रार दे रहे हैं.
लेकिन पुलिस इसे पैसे के लेनदेन का मामला बता रही है. उसने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है.
घरवाले क्या कह रहे हैं
मोहम्मद ख़लील आलम की उम्र लगभग 32 साल थी और वह समस्तीपुर ज़िले के मुसरीघरारी थाने के रुपौली गाँव के निवासी थे.
घटना के संबंध में मृतक के बड़े भाई मोहम्मद सितारे कहते हैं "बुधवार 16 फ़रवरी को मेरा भाई किसी काम से सुबह घर से निकला था. शाम को उसकी पत्नी ने उसे सब्ज़ी और दूध लेते हुए घर आने को कहा तब उधर से किसी और ने जवाब दिया कि अब यह घर कभी नहीं लौटेगा. मेरा पाँच लाख रुपया वापस करो वरना जान से मार देंगे."
मोहम्मद सितारे के अनुसार, "दोबारा फ़ोन आया तो पौने तीन लाख रुपये देने को कहा. फिर मोबाइल ऑफ़ हो गया. इस दौरान उनलोगों से जो भी बातचीत हुई वह ख़लील के नंबर से ही हुई. दूसरे दिन गुरुवार को इस संबंध में मैंने मुसरीघरारी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी."
मोहम्मद सितारे आगे कहते हैं, "इससे जुड़ा एक वीडियो इन्सटाग्राम पर वायरल हुआ जिसे हमलोगों ने पहली बार सोमवार 21 फ़रवरी की शाम को देखा. यही पूरी कहानी है. सोची-समझी साज़िश थी. किसी से रुपये-पैसे के लेनदेन की कोई बात नहीं थी. आप वीडियो देखिये सब कुछ समझ में आ जाएगा."
वायरल वीडियो
इस मामले के अभियुक्त ने हत्या के पहले एक वीडियो बनाया और इसे सोमवार 21 फ़रवरी को वायरल किया.
वीडियो में मोहम्मद ख़लील आलम को हाथ जोड़कर कहते हुए सुना जा सकता है कि ग़लती हो गई और अब नहीं खायेंगे (गोमांस).
वायरल वीडियो में जो बातचीत हो रही है वो इस प्रकार है -
अभियुक्त- क़ुरान (मुसलमानों के धार्मिक ग्रंथ) में लिखल (लिखा) है कि गाय का मांस खाना ज़रूरी है?
मृतक- किताब में नहीं लिखा है.
अभियुक्त- गाली देते हुए....गोमाता के अलावा और कुछ खाने को नहीं मिलता है? खाने के लिए मुर्ग़ा है खस्सी है. वो क्यों नहीं खाते हो?
मृतक- अब से नहीं खाएंगे.
अभियुक्त- बच्चा को भी घर में खिलाया होगा?
मृतक- अभी तक बच्चे को नहीं खिलाया है.
क्या कह रही है पुलिस
पुलिस इस मामले को रुपये के लेनदेन से जुड़ा बता रही है. समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक हृदयकांत इस मामले को लिंचिंग की घटना मानने से साफ़ इंकार करते हैं.
वो कहते हैं, "मोबाइल के लोकेशन के आधार पर हमलोगों ने पहले एक अभियुक्त को पकड़ा और आरोपी के बयान पर शुक्रवार 18 फ़रवरी की शाम को पुलिस टीम ने मृतक की अधजली लाश को अपने क़ब्ज़े में ले लिया.
जो वीडियो वायरल हुआ उसके बारे में एसपी कहते हैं, "कांड के उदबोधन के बाद इस कांड के एक अभियुक्त अनुराग झा ने सोमवार 21 फ़रवरी को अपने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर मृतक ख़लील की मारपीट और धार्मिक भावना को भड़काने से संबंधित बातचीत का वीडियो वायरल किया."
एसपी हृदयकांत आगे कहते हैं, "सब कुछ पुलिस का ध्यान भटकाने की नीयत से किया गया था. कुछ लोगों के द्वारा कांड को अंजाम दिया गया है. रुपये वसूलने के लिए पहले अपहरण फिर हत्या और अंत में जला कर गड्ढे में गाड़ दिया जाता है. इसमें भीड़ के द्वारा किसी को मारने की बात कहाँ हैं."
अभियुक्त का बयान
गिरफ़्तार लोगों में से एक का नाम किशन झा है. किशन झा पैसे के लेन-देन के कारण हत्या के दावे को ख़ारिज करते हैं.
बुधवार को एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है जिसमें किशन झा को हिंदुत्व और अखंड भारत का ज़िक्र करते हुए सुना जा सकता है.
उसी वीडियो में किशन झा यह भी कहते दिखते हैं कि यह मामला पैसे से जुड़ा नहीं था बल्कि एक एनजीओ से संबंधित है.
वो आरोप लगाते हैं कि मृत युवक फ़र्ज़ी आईडी बनाकर प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना की वेबसाइट चला रहे थे और एनजीओ के कारण ही दोनों एक दूसरे के संपर्क में आए.
किशन झा का कहना है कि आलम ने क़रीब 1400-1500 लोगों का पैसा ग़बन कर लिया था. किशन झा कहते हैं, "जनता के पैसे वापस करने के लिए उसकी पिटाई की. हत्या नहीं की, वह ख़ुद ही मर गया था."
उनके अनुसार वीडियो बनाने का मक़सद जनता को जागरूक करना था.
राजनीति तेज़
दोनों वीडियो को देखकर यह तय कर पाना मुश्किल है कि दरअसल मोहम्मद ख़लील आलम की हत्या कैसे हुई. इस बीच राज्य में इस मुद्दे पर सियासत तेज़ हो गई है.
समस्तीपुर ज़िला जदयू की अध्यक्ष और पूर्व सांसद अश्वमेध देवी ने स्वीकार किया कि मृत युवक मोहम्मद ख़लील आलम उनकी पार्टी के कार्यकर्ता थे लेकिन वो उनसे कभी मिली नहीं थीं.
वहीं जनाधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव बुधवार को मृतक के परिजनों से मिलने उनके घर पहुँचे.
इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल ने भी आक्रामक रुख़ अख़्तियार किया है. नेता प्रतिपक्ष राजद के तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला किया.
उन्होंने ट्वीट किया, "बिहार की एनडीए सरकार में क़ानून व्यवस्था पूर्णतः समाप्त हो चुकी है. गाय के नाम पर मुस्लिम युवक जो स्वयं जेडीयू नेता था उसे पीट कर, ज़िंदा जलाकर दफ़ना दिया गया. नीतीश जी बताएं, बिहार में लगातार ऐसी घटनाएँ क्यों हो रहीं हैं? लोग क़ानून को हाथ में क्यों ले रहे हैं?"
राजद ने भी कहा कि गाय के नाम पर बिहार में जबरन एक और इंसान की बलि चढ़ा दी गई है.
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इस घटना पर कहा कि "बिहार में पूरी तरह से अपराधी राज क़ायम है. मुख्यमंत्री समाज सुधार यात्रा पर हैं और उनके सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता मॉब लिंचिंग का शिकार हो रहे हैं."
तिवारी आगे कहते हैं, "सरकार शराब माफ़िया को पकड़ने के लिए हेलिकॉप्टर मंगवा रही है और जब नक्सलियों से हमारे जवान जूझ रहे थे तब इसकी ज़रुरत नहीं समझी गयी. समाज में कौन इस तनाव को फैला रहा है इसे पहचानना ज़रुरी है. हम सदन के आगामी सत्र में इस मुद्दा को ज़ोरशोर से उठाएंगे".
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