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पश्चिम बंगाल नगर निगम चुनाव में बीजेपी की बुरी हार की वजह क्या - प्रेस रिव्यू
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने चार नगर निगमों के चुनाव में विपक्ष का सूपड़ा साफ़ कर दिया है.
टीएमसी ने सिलीगुड़ी नगर निगम में वामपंथी पार्टियों को हराकर अपना परचम लहरा दिया है जबकि बिधाननगर, आसनसोल और चंदननगर की कमान फिर से उसके पास ही रही.
टीएमसी ने इन चार नगर निगमों के 88 फ़ीसदी वॉर्डों में जीत दर्ज की है. कुल 226 वॉर्डों में 198 पर टीएमसी की जीत हुई है. दो महीने पहले ही टीएमसी ने कोलकाता नगर निगम में भी इसी तरह से जीत दर्ज की थी. इसके अलावा 108 नगर निकाय में भी टीएमसी को भारी जीत मिली थी.
कोलकाता के प्रकाशित होने वाले अंग्रेज़ी दैनिक टेलीग्राफ़ ने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है. अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि टीएमसी ने चार अहम शहरों में जीत दर्ज कर अपनी ताक़त का एहसास फिर से करा दिया है. टीमएमसी की इस जीत में वोट शेयर 47 से 74 फ़ीसदी के बीच रहा है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस जीत के बाद कहा, ''मैं और मेरी पार्टी एक बार फिर से यहाँ की जनता के प्रति कृतज्ञ हैं. हर जीत हमें और विनम्र बनाती है. मैं सभी से अपील करती हूँ कि इस जीत का जश्न शांति से मनाएं और किसी उकसावे में ना आएं.''
टेलीग्राफ़ की रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी की जीत का यह समय काफ़ी अहम है क्योंकि पार्टी आंतरिक संकट से जूझ रही है. ममता बनर्जी और उनके भतीजे के बीच व्यापक मतभेद उभरकर सामने आया है.
चार नगर निगमों के 226 वॉर्डों में वोटिंग हुई और इनमें टीएमसी को 198 पर जीत मिली है जबकि वहाँ की मुख्य विपक्षी बीजेपी को महज़ 12 सीटों पर ही जीत मिली है. वामपंथी पार्टियों को सात, कांग्रेस को पाँच और चार निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली है.
शहरी इलाक़ों में बीजेपी को भारी झटका लगा है जबकि पिछले साल विधानसभा चुनाव में यहाँ उसे अच्छी ख़ासी बढ़त मिली थी. सिलीगुड़ी में बीजेपी को पिछले साल 36 वॉर्डों में बढ़त मिली थी, लेकिन अभी महज पाँच वॉर्डों में ही जीत मिली. बीजेपी के स्थानीय विधायक शंकर घोष वॉर्ड नंबर 24 में तीसरे नंबर पर रहे. बीजेपी का आरोप है कि चुनाव में धांधली हुई है. बीजेपी ने चुनावी नतीजों को कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की है.
वामपंथी पार्टियों के लिए ख़ुश होने की एक वजह है. विधाननगर और चंदननगर में वामपंथी पाार्टियां वोट शेयर के मामले में दूसरे नंबर पर रहीं. कोलकाता में भी वाम पार्टियां वोट शेयर के मामले में दूसरे नंबर पर रही थीं.
सीपीएम के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा ने भी टीएमसी पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है. वाम मोर्चा का कहना है कि बिधाननगर और आसनसोल के चार वॉर्डों में टीएमसी का वोट शेयर 90 फ़ीसदी से ज़्यादा है और इससे साबित होता है कि चुनाव में धांधली हुई है. हालांकि ममता बनर्जी ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया है.
टेलीग्राफ़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि सभी चार नगर निगमों के चुनावी नतीजे अप्रत्याशित नहीं हैं. तृणमूल कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जो चुनावी जम़ीन खोई थी, उसे पिछले साल विधानसभा चुनाव में हासिल कर लिया था. ख़ासकर बिधाननगर, आसनसोल और सिलीगुड़ी अहम हैं. सिलीगुड़ी में ममता ने मेयर के लिए गौतम देब के नाम की घोषणा कर दी है.
टेलिग्राफ़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि बीजेपी के कुछ नेताओं ने नाम नहीं सार्वजनिक करने की शर्त पर बताया कि पिछले साल विधानसभा चुनाव में 2019 के लोकसभा चुनाव के मुक़ाबले पार्टी ने 20 से 26 फ़ीसदी वोट शेयर खो दिया था. तभी पता चल गया था कि आने वाले दिन ठीक नहीं है. हाल ही में आसनसोल से बीजेपी के लोकसभा सांसद रहे बाबुल सुप्रियो ने पार्टी छोड़ दी थी और सांसदी से भी इस्तीफ़ा दे दिया था.
बीजेपी के एक नेता ने अख़बार से कहा, ''27 फ़रवरी को 108 निकायों में चुनाव है और इन नतीजों से पता चल गया है कि स्थिति और बदतर होगी. इस बार तो हमारी किस्मत ठीक है कि कम से कम पाँच पर तो जीत मिली. इसीलिए हमने हाई कोर्ट जाने का फ़ैसला किया है.'' असहमतियों के कारण बीजेपी से निकाले गए जय प्रकाश मजूमदार और तथागत रॉय ने इस हार पर पार्टी से सफ़ाई मांगी है.
ममता से पूछा गया कि बीजपी जम़ीन खोती है तो क्या इसका फ़ायदा लेफ़्ट को मिलेगा? ममता बनर्जी ने इसे ख़ारिज कर दिया और कहा कि बंगाल में बीजेपी के साथ लेफ़्ट और कांग्रेस मिले हुए हैं.
लालू प्रसाद यादव के आख़िरी केस में फ़ैसला आज
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ करोड़ों रुपए के चारा घोटाले के आख़िरी केस में मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत फ़ैसला सुनाएगी. यह मामला क़रीब तीन दशक पुराना है. अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है.
अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि सीबीआई ने इस मामले में 64 केस दर्ज किए थे और लालू यादव का नाम इनमें से छह मुक़दमों में है. इनमें से पाँच केस बिहार विभाजन के बाद झारखंड में ट्रांसफ़र हो गए थे. एक केस की सुनवाई पटना में हुई. अभी तक लालू यादव झारखंड सीबीआई कोर्ट में सभी चार केसों में दोषी ठहराए जा चुके हैं. आज आख़िरी केस में सीबीआई अदालत फ़ैसला सुनाएगी.
RC/47A/96 पाँचवां केस है और इसे सबसे अहम माना जाता है. इसमें सबसे ज़्यादा 139.5 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई थी. डोरंडा ट्रेजरी से 1990-91 और 1995-96 के बीच अवैध निकासी हुई थी. इसमें लालू प्रसाद यादव समेत 99 लोग अभियुक्त हैं. यहाँ से पैसे चारा, दवाई और पशु-कृषि विभाग में उपकरणों की ख़रीद के नाम पर निकाले गए थे.
उत्तर प्रदेश में 62, उत्तराखंड में 65 और गोवा में 78.94 फ़ीसदी मतदान
हिन्दी अख़बार दैनिक जागरण ने पहले पन्ने पर ख़बर लगाई है- उत्तर प्रदेश में 62, उत्तराखंड में 65 और गोवा में 78.94 फ़ीसदी मतदान. विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के 9 ज़िलों की 55 सीटों पर सोमवार को 62.62 फ़ीसदी मत पड़े जबकि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में यह आँकड़ा 65.10 फ़ीसदी रहा.
वहीं गोवा 78.94 फ़ीसदी के साथ तीनों राज्यों में अव्वल रहा. उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण में कुल 586 प्रत्याशी मैदान में थे जबकि उत्तराखंड में 632 और गोवा में 301 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में क़ैद हुआ.
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