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'राजपूतों की पॉलिटिक्स', '80 बनाम 20' के सवाल पर अब क्या बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'राजपूतों की पॉलिटिक्स' करते हैं? योगी आदित्यनाथ के '80 बनाम 20' वाले उनके बयान का मतलब क्या था?
ऐसे ही कई सवालों के जवाब योगी आदित्यनाथ ने अंग्रेजी अख़बार 'हिंदुस्तान टाइम्स' की सीनियर रेज़िडेंट एडिटर सुनीता एरोन के साथ इंटरव्यू में दिए हैं.
मुख्यमंत्री से जब ये पूछा गया कि जब उनपर ये आरोप लगते हैं कि वो सिर्फ़ राजपूतों की पॉलिटिक्स करते हैं, तो क्या उन्हें दुख होता है? इस सवाल के जवाब में योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि क्षत्रिय जाति में पैदा होना कोई अपराध नहीं है और उन्हें कोई दुख नहीं होता.
उन्होंने कहा, "क्षत्रिय जाति में पैदा होना कोई अपराध थोड़े न है. इस देश की ऐसी जाति है जिसमें भगवान जन्म लिए हैं और बार-बार जन्म लिए हैं. तो अपनी जाति पर स्वाभिमान हर व्यक्ति को होना चाहिए."
योगी आदित्यनाथ ये भी कहते हैं कि उनकी सरकार ने प्रदेश में किसी शख्स की जाति, मत और मज़हब को देखे बिना काम किया है. सवाल के जवाब में वो विपक्ष पर निशाना भी साधते नजर आए, उनका कहना है कि प्रदेश में जो लोग जाति की बात करते आए हैं उन्होंने सिर्फ़ अपने परिवार के लिए काम किया है.
उन्होंने कहा, "हमने 43 लाख आवास जो बनाए हैं, मुझे तो लगता है कि क्षत्रिय तो इसमें 1 फीसदी भी नहीं होंगे. 1 हजार भी नहीं होंगे. 43 लाख आवास किसी गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक के लिए ही बने हैं."
'80 बनाम 20' वाले बयान पर क्या बोले योगी आदित्यनाथ?
योगी आदित्यनाथ का '80 बनाम 20' वाला बयान ख़ूब सुर्ख़ियों में था. बीजेपी की तरफ़ से ट्वीट किए गए एक वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान है.
वो कह रहे हैं, "मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं जो ग़लतफहमी के शिकार हैं और अंकगणतीय आंकड़ों को प्रदेश में थोपने का प्रयास कर रहे हैं, मुझे लगता है किसी ग़लतफ़हमी के शिकार होंगे, ये चुनाव 80 बनाम 20 का होगा. 80 फ़ीसदी समर्थन एक तरफ़ होगा, 20 फ़ीसदी दूसरी तरफ होगा. "
कई राजनीतिक विश्लेषक और नेता इस बयान में '20 प्रतिशत' को मुसलमानों से जोड़कर देख रहे हैं.
इस बयान के बारे में जब सुनीता एरोन ने मुख्यमंत्री से सवाल किया तो उनका कहना था कि 80 फ़ीसदी से मतलब हर जाति, मज़हब के लोगों से हैं, जो राष्ट्रहित, विकास और सुशासन के मुद्दे पर सोचते हैं. उन्होंने कहा, "20 फ़ीसदी वो लोग हैं जो विध्वंसात्मक राजनीति में, विघटनकारी राजनीति में, अराजकता में, दंगों में, भ्रष्टाचार पर विश्वास करते हैं."
पिछड़ी जाति के नेताओं के बीजेपी से जाने के असर के सवाल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीजेपी में भी लोग आ रहे हैं.
वो कहते हैं, "हमारे पास भी तो कई लोग आए हैं, आरपीएन सिंह ने भी ज्वॉइन किया है. हरिओम यादव मुलायम सिंह के समधी आए हैं, अपर्णा यादव आईं हैं. क्या ये बैकवर्ड चेहरे नहीं हैं?"
विपक्ष कर रहा है विभाजनकारी राजनीति- योगी आदित्यनाथ
इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ, पार्टी पर विभाजनकारी राजनीति के आरोपों को ख़ारिज करते हैं. उनका कहना है कि बीजेपी विकास, सुरक्षा, राष्ट्रवाद और सुशासन की राजनीति करती है.
इसी के साथ वो एसपी, बीएसपी, कांग्रेस पर बंटवारे की राजनीति करने का आरोप लगाते हैं.
योगी आदित्यनाथ का कहना है, "पेशेवर दंगाई, पेशेवर अपराधी और शातिर माफ़िया को सत्ता का संरक्षण देकर और दल से टिकट लड़ाना ये बंटवारे की राजनीति का हिस्सा है और समाजवादी पार्टी इस बंटवारे की राजनीति को कर रही है. सपा और बसपा दोनों इस राजनीति को कर रही हैं. एक होड़ लगी है दोनों में."
रालोद को साथ लेने पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
'हिंदुस्तान टाइम्स' की सीनियर रेज़िडेंट एडिटर ने जब ये पूछा कि अमित शाह, रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को बीजेपी के साथ आने के संकेत दे चुके हैं. इस पर योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि ये गृहमंत्री की तरफ़ से सकारात्मक बात है.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि राजनीति में किसी संभावना को आप ख़ारिज़ भी नहीं कर सकते हैं और स्पष्ट रूप से हां भी नहीं कह सकते हैं."
साथ ही वो आरोप लगाते हैं कि एसपी, बीएसपी और कांग्रेस पर पेशेवर दंगाई और माफियाओं को टिकट देकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को दंगे की आग में झोंकना चाहती हैं. उनका तर्क है कि ऐसे में कोई भी पश्चिमी यूपी का शख्स ऐसी पार्टियों के साथ नहीं रहना चाहता.
इंटरव्यू में आगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैराना की बात करते हैं. उनका कहना है कि कैराना से जिन लोगों ने पलायन किया था वो अब बीजेपी की सरकार में वापस आए हैं.
इंटरव्यू के आख़िर में मुख्यमंत्री ये दावा करते हैं कि यूपी में एक बार फ़िर पूर्ण बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनने जा रही है.
(कॉपी-अभय कुमार सिंह)
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