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टीपू सुल्तान को लेकर अब मुंबई में विवाद क्यों हो रहा है
18वीं सदी में मैसूर के शासक रहे टीपू सुल्तान एक बार फिर से विवादों में हैं. इस बार विवाद मुंबई में हो रहा है. बीजेपी दावा कर रही है कि कांग्रेस नेता और मंत्री असलम शेख़ मुस्लिम बहुल मालवानी में एक मैदान का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर करने जा रहे हैं.
मालवानी एक मुस्लिम बहुल इलाक़ा है. कहा जा रहा है कि स्थानीय लोग पहले से ही इस मैदान को टीपू सुल्तान मैदान कहते हैं. असलम शेख़ मालवानी से ही विधायक हैं. पिछले साल दिसंबर में शेख़ ने ग्राउंड का नवीकरण कराया था. यह विधायक निधि फ़ंड से किया गया था.
काम पूरा होने के बाद शेख़ ने बुधवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया था. बीजेपी ने इस प्रोग्राम को लेकर यह कहना शुरू कर दिया कि यह मैदान का नाम बदलने के लिए था. बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता मलवानी विरोध-प्रदर्शन करने पहुँच गए.
महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह उस व्यक्ति के नाम पर मैदान का नाम नहीं होने देंगे, जो बड़ी संख्या में हिन्दुओं की मौत के लिए ज़िम्मेदार था. मैदान के बाहर बीजेपी, वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता विरोध करने जुट गए. सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस ने भी तैनाती बढ़ाई और कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार भी किया.
शिव सेना नेता और महाराष्ट्र में कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने मैदान का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने के किसी प्रस्ताव को मंज़ूर नहीं किया है. वहीं असलम शेख़ का कहना है कि मैदान को लोग सालों से टीपू सुल्तान के नाम से पुकारते हैं.
असलम शेख़ ने कहा, ''सालों से स्थानीय लोग इसे टीपू सुल्तान मैदान कहते हैं. इस मैदान में जो काम हुआ है, मैंने उसी का केवल उद्घाटन किया था. बीजेपी इस मुद्दे को सांप्रदायिक बना रही है. दिलचस्प यह है कि कई बीजेपी पार्षदों ने अपने पत्र में इस मैदान का नाम टीपू सुल्तान से संबोधित किया है. वे अचानक बदले हुए नज़र आ रहे हैं. मैं उन बीजेपी नेताओं से इस्तीफ़े की मांग करूंगा जिन्होंने पहले इसे टीपू सुल्तान मैदान कहा था. मुझे भी नहीं पता है कि इस मैदान को लोग टीपू सुल्तान के नाम से क्यों पुकारते हैं.''
शिवसेना सांसद संजय राउत कहना है कि बीजेपी को लगता है कि इतिहास की जानकारी उसे ही है. संजय राउत ने कहा, ''हमें टीपू सुल्तान के बारे में पता है. हमें बीजेपी से ये जानने की आवश्यकता नहीं. राज्य सरकार फ़ैसले लेने में सक्षम है. नया इतिहास मत लिखिए. आप दिल्ली में इतिहास बदलने की कोशिश करते रहिए, लेकिन आप सफल नहीं होंगे.''
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