RRB NTPC: अनियमितता का आरोप, बिहार-यूपी में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई

    • Author, विष्णु नारायण और अनंत झणाणे
    • पदनाम, पटना और लखनऊ से बीबीसी हिंदी के लिए

बिहार की राजधानी पटना और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मंगलवार को पुलिस ने रेलवे भर्ती परीक्षा में हुई कथित अनियमितता के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई की.

दोनों जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की ख़बर है. रिपोर्टों के मुताबिक झड़पों में कुछ लोग घायल भी हुए हैं. घायल होने वालों में पुलिसकर्मी शामिल हैं.

बिहार और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बीते कुछ दिनों से रेलवे परीक्षा में शामिल हुए लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन की वजह से रेल यातायात पर असर भी हुआ.

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रेलवे भर्ती बोर्ड ने गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों की (आरआरबी एनटीपीसी) परीक्षा को दो स्तरीय करने का 'मनमाना फ़ैसला' लिया है. उनका ये भी आरोप है कि परीक्षा के नतीजों में भारी गड़बड़ी की गई है.

इस बीच, रेलवे बोर्ड की ओर से जारी एक बयान में प्रदर्शनकारियों को आगाह किया है कि जो अभ्यार्थी हिंसा में शामिल पाएंगे, उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी. रेलवे ने ये भी कहा है कि रेल भर्ती बोर्ड (आरआरबी) 'सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस की कथित कार्रवाई का एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा है कि वो इस 'लड़ाई में छात्रों के साथ हैं.'

प्रदर्शन के दौरान झड़प

बिहार की राजधानी पटना के भिखना पहाड़ी इलाके में रेलवे की परीक्षा देने वाले छात्र प्रदर्शन कर रहे थे. ये पटना का वो इलाका है जहां कई तरह के कोचिंग संस्थान मौजूद हैं और इस इलाके में बिहार भर के प्रतियोगी छात्र विभिन्न छात्रावासों और लॉज में रहते हैं.

इन छात्रों पर शाम पांच से छह बजे के बीच स्थानीय पुलिस ने बल प्रयोग किया. रिपोर्टों के मुताबिक छात्रों की ओर से भी पत्थरबाज़ी हुई है.

रिपोर्टों के मुताबिक झड़प के दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी दोनों घायल हुए हैं. इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने इलाके की दुकानों की जांच की. कुछ वक़्त बाद बाज़ार बंद हो गए.

पुलिस कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे मजिस्ट्रेट रैंक के अधिकारी एमएस ख़ान ने बताया, "छात्रों को इस तरह सार्वजनिक जगह पर रास्तों को रोककर प्रदर्शन नहीं करना चाहिए."

एमएस ख़ान ने कहा, "छात्रों को प्रतिनिधिमंडल बनाकर पटना स्थिति रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड में जाकर अपनी बात रखनी चाहिए."

प्रयागराज में प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इसी मुद्दे पर छात्रों और पुलिस के बीच जबरदस्त झड़प हुई.

पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया और दर्जनों छात्रों को उनके हॉस्टलों और घरों से हिरासत में ले लिया.

प्रयागराज स्टेशन पर छात्रों के रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन करने से कुछ समय के लिए ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई.

पुलिस अधिकारियों मुताबिक रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पहले हटाने की कोशिश की गई लेकिन जब आंदोलनकारी छात्र वहां से नहीं हटे तो पुलिस ने कार्रवाई की.

लाठी चार्ज होने पर प्रदर्शनकारी छात्र आसपास के हॉस्टलों और घरों में छुप गए. बाद में पुलिस ने छात्रों के हॉस्टल पर छापा मारा और कथित तौर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हिरासत में ले लिया. प्रयागराज के एसपी सिटी के मुताबिक, "गैरकानूनी तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कई दिनों तक जारी रह सकती है."

वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. प्रियंका गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है.

प्रियंका ने लिखा है, "प्रयागराज में पुलिस द्वारा छात्रों के लॉज में और हॉस्टलों में जाकर तोड़-फोड़ करना एवं उनको पीटना बेहद निंदनीय है. प्रशासन इस दमनकारी कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाए. युवाओं को रोजगार की बात कहने का पूरा हक है और मैं इस लड़ाई में पूरी तरह से उनके साथ हूं."

छात्रों की क्या है शिकायत

प्रदर्शनकारी छात्र पिछले तीन दिन से रेलवे की भर्ती परीक्षा (आरआरबी एनटीपीसी) के रिजल्ट में भारी गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं.

छात्रों का कहना है कि आरआरबी ने 2019 में ग्रुप डी (एनटीपीसी) के 35000 पदों पर बहाली की वैकेंसी निकाली थी, जिसकी परीक्षा दो साल के इंतज़ार के बाद सितंबर, 2021 में हुई और इस रिजल्ट में कई तरह की धांधली हुई है. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा को दो स्तरीय बना दिया गया है.

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक रेलवे भर्ती बोर्ड का परीक्षा को दो स्तरीय करने का 'फ़ैसला मनमाना है.'

छात्रों की मांग है कि ग्रुप डी की बहाली की प्रक्रिया को पहले की तरह एक ही चरण में ली जाए. मंगलवार को अभ्यर्थियों ने राज्य भर के विभिन्न शहरों में जमकर हंगामा किया.

पटना के अलावा नालंदा, जमुई, नवादा, सीतामढ़ी, बक्सर, आरा और मुजफ्फरपुर में रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन हुए.

रेलवे ने क्या कहा?

रेल मंत्रालय ने भी इस मामले में एक बयान जारी किया है.

रेलवे ने छात्रों के तमाम आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है, "रेल भर्ती बोर्ड (आरआरबी) सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. रेलवे की नौकरी के आकांक्षी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे गुमराह न हों या ऐसे तत्वों के प्रभाव में न आएं, जो अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए उनका इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं."

बयान में प्रदर्शनकारियों को चेतवानी भी दी गई है.

बयान में कहा गया है, "संज्ञान में ये बात आई है कि रेलवे की नौकरी के आकांक्षी उम्मीदवार गैरकानूनी गतिविधियों जैसे कि रेल की पटरी पर विरोध प्रदर्शन, ट्रेन संचालन में व्यवधान उत्पन्न करने और रेल की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने आदि गतिविधियों में शामिल हैं. ऐसी गतिविधियां अनुशासनहीनता का उच्चतम स्तर है."

बयान में आगे कहा गया है, "विशेष एजेंसियों की सहायता से ऐसी गतिविधियों से संबंधित वीडियो की जांच की जाएगी. गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल उम्मीदवारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी, साथ ही उन्हें रेलवे की नौकरी प्राप्त करने के संबंध में आजीवन प्रतिबंधित भी किया जा सकता है."

यातायात पर असर

इससे पहले रविवार को राजेंद्र नगर टर्मिनल पर प्रदर्शनकारियों ने पांच से छह घंटे तक रेलगाड़ियों का आवागमन रोक दिया था. बाद में देर रात पुलिस ने लाठी चार्ज कर प्रदर्शनकारियों को तितर बितर कर दिया था.

पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए थे.

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