अफ़ग़ानिस्तान पर भारत की बुलाई बैठक में पाकिस्तान के बाद अब चीन ने भी किया इनकार: प्रेस रिव्यू

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

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भारत में अफ़ग़ानिस्तान को लेकर होने जा रही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के बाद अब चीन ने भी शामिल होने से इनकार कर दिया है.

चीन ने बैठक में शामिल ना होने के पीछे बैठक के समय को कारण बताया है. 10 नवंबर को होने वाली इस बैठक में अलग-अलग देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हिस्सा लेंगे. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

रूस, ईरान, तजाकिस्तान, उज़बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कज़ाकस्तान और किर्गिस्तान इस बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं.

चीन ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार किया है लेकिन ये भी कहा है कि वह द्विपक्षीय राजनयिक रास्तों से संपर्क और चर्चा के लिए तैयार है.

सूत्रों के मुताबिक बैठक में अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के कब्ज़े से पैदा हुई चुनौतियों से, देश के अंदर और बाहर आतंकवाद और कट्टरता से, ड्रग उत्पादन, तस्करी, अमेरिका और उसके सहयोगियों के छोड़े गए हथियारों के संभावित इस्तेमाल से निपटने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा पर विचार किया जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस की हाल ही में आई अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा था कि इसी तरह की दो बैठकें सितंबर 2018 और दिसंबर 2019 में ईरान में हो चुकी हैं. तीसरी बैठक भारत में होनी थी लेकिन कोरोना महामारी के कारण पहले नहीं हो पाई.

वीडियो कैप्शन, पड़ोसी देशों के लिए क्या हैं अफ़ग़ानिस्तान में चुनौतियां और क्या हैं मौके ?

ऐसा पहली बार है जब ना सिर्फ़ अफ़ग़ानिस्तान के पड़ोसी बल्कि मध्य एशियाई देश भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं.

पाकिस्तान पहले ही इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर चुका है. पाकिस्तान के एनएसए मोईद युसूफ ने मंगलवार को कहा था कि वो अफ़ग़ानिस्तान पर भारत में होने वाली बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. उन्होंने कहा, "मैं नहीं जाऊंगा, स्थितियां बिगाड़ने वाला शांति स्थापित नहीं कर सकता."

रफ़ाल विमान

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फ्रांस के न्यूज़ पोर्टल का दावा, रफ़ाल सौदे में बिचौलिए को दिए 75 लाख यूरो

फ्रांस के एक न्यूज़ पोर्टल 'मीडियापार्ट' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दसॉ एविएशन ने भारत में रफ़ाल सौदे को प्रभावित करने के लिए बिचौलिए सुशेन गुप्ता को कथित तौर पर रिश्वत दी थी.

मीडियापार्ट की रिपोर्ट में ये भी दावा है कि सुशेन गुप्ता ने रफ़ाल बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन के नाम पर नकली बिल जारी किए थे. इन बिलों पर उन्हें साल 2007 से 2012 के बीच 75 लाख यूरो यानी लगभग 65 करोड़ रुपये दिए गए हैं.

भारत सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन से 36 रफ़ाल लड़ाकू विमान खरीदे थे. इस सौदे में अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं लेकिन भारत सरकार ने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है.

इस ताज़ा रिपोर्ट में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में लिए गए 36 रफ़ाल विमानों का ज़िक्र है लेकिन इस जिस अवधि में नकली बिल के बदले पैसे मिलने की बात है उस समय भारत में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी.

मीडियापार्ट के मुताबिक सुशेन गुप्ता को मॉरिशियस में उनकी कंपनी इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजिज़ लिमिटेड के ज़रिए पैसों का भुगतान किया गया था. दसॉ एविएशन और इंटरस्टेलर के बीच सूचना तकनीक से जुड़े कुछ संदेहास्पद अनुबंध हुए थे.

सुशेन गुप्ता अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर सौदे में 423 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के मामले में प्रमुख अभियुक्त हैं. इस मामले में भी उनकी कंपनी इंटरस्टेलर के ज़रिए कथित तौर पर भुगतान लेने की बात सामने आई थी. सुशेन गुप्ता को 2019 में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ़्तार किया था.

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दिल्ली में रेप और छेड़छाड़ के मामलों में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने राजधानी दिल्ली में बढ़ते रेप और छेड़छाड़ के मामलों को लेकर भी ख़बर दी है.

दिल्ली में पिछले साल रेप और छेड़छाड़ के मामलों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. ये आंकड़ा साल 2021 में 31 अक्टूबर तक का है.

दिल्ली पुलिस ने पिछले साल 31 अक्टूबर तक रेप के 1429 मामले दर्ज किए थे जबकि इस साल ये आंकड़ा 1725 है.

छेड़छाड़ के मामलों में 20.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. पिछले साल जहां 1791 मामले दर्ज हुए थे वहीं, इस साल 2157 मामले सामने आए हैं.

दिल्ली में इस साल मामले बढ़ने की वजह पिछले साल लगे लॉकडाउन को भी बताया जा रह है. साल 2020 में कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के चलते अपराध के मामलों में कमी आई थी.

अख़बार ने पुलिस सूत्रों के हवाले से लिखा है कि मौजूदा आंकड़े साल 2019 के आंकड़ों से मेल खाते हैं. पिछले साल जनवरी से अक्टूबर के बीच दिल्ली में रेप के मामले में 2019 के मुक़ाबले 28 प्रतिशत की कमी देखी गई थी.

इसी तरह 2019 की तुलना में छेड़छाड़ के मामलों में साल 2020 में 32.19 प्रतिशत की कमी आई थी.

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जम्मू-कश्मीर में एक और आम नागरिक की हत्या

जम्मू-कश्मीर में लक्ष्य बनाकर हत्या करने का सिलसिला अब भी जारी है. अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक पिछले 24 घंटे में राजधानी श्रीनगर में दो लोगों की हत्या कर दी गई है.

श्रीनगर के पुराना शहर इलाक़े में सोमवार को एक कश्मीरी सेल्समैन मोहम्मद इब्राहिम ख़ान की चरमपंथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी.

पुलिस का कहना है कि मोहम्मद इब्राहिम ख़ान को सोमवार रात करीब आठ बजे अज्ञात हमलावरों ने श्रीनगर के बोहरी कदाल इलाक़े में गोली मार दी.

श्रीनगर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि हत्यारों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने पूरे इलाक़े की घेराबंदी कर दी है.

मोहम्मद इब्राहिम बांदीपोर के रहने वाले थे. वो एक कश्मीरी पंडित व्यापारी रोशन लाल मावा की मेवो की दुकान में काम करते थे. रोशन लाल मावा 2018 में घाटी में वापस लौट आए थे और अपना कारोबार शुरू किया था.

इससे पहले बाटामालू इलाक़े में रविवार रात को एक 29 साल के कांस्टेबल तौसीफ़ अहमद वानी की चरमपंथियों ने हत्या कर दी थी.

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