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त्रिपुरा: सीपीआइएम ऑफ़िस, मीडिया कार्यालय पर हमले, अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं
- Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए
अगरतला में सत्ताधारी बीजेपी और प्रमुख विपक्षी दल सीपीआइएम के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा की वारदातें हुई हैं जिसमें दस लोग घायल हो गए हैं और सीपीआईएम के दो कार्यालयों में आग लगा दी गई है.
आगजनी और वाहनों को आग के हवाले करने की घटनाओं की वजह से शहर ठप्प पड़ गया है.
हालांकि सीसीटीवी फुटेज तथा मीडिया के द्वारा की गई रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं, लेकिन अब तक एक भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है.
दो मीडिया संस्थानों - प्रतिवादी कलम नामक दैनिक अखबार और एक स्थानीय टीवी चैनल पीबी 24 पर भी हमला किया गया जिसमें चार पत्रकार बुरी तरह घायल हो गए है.
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
प्रतिवादी कलम एक बांगला अख़बार है जिसका दफ्तर सीपीआईएम कार्यालय के पास है. हिंसा के दौरान कुछ लोगों ने दफ्तर के अंदर घुसकर तोड़फोड़ की तथा संपादक की गाड़ी को आग लगा दी.
प्रतिवादी कलम के न्यूज एडिटर विराट रॉय चौधरी ने बीबीसी को बताया," त्रिपुरा प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य, पार्टी महासचिव पापीया दत्ता और टिंकू रॉय के नेतृत्व में रैली निकाली गई थी. उनके कार्यकर्ता बाहर से तोड़फोड़ करते हुए हमारे दफ्तर में घुस आए. उन लोगों ने आफिस फर्नीचर को पूरी तरह तोड़ दिया तथा कई जरूरी कागजात फाड़ दिए. उस हिंसा के दौरान अगरतला वेस्ट पुलिस थाने के प्रभारी करीब सौ जवानों के साथ मौजूद थे."
उनका कहना है कि पुलिस ने किसी को रोकने की कोशिश नहीं की.
उनके मुतबिक़, "सीसीटीवी में सब कुछ रिकॉर्ड हुआ है. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने ऑफिस में मौजूद हमारे पत्रकारों पर भी हमला किया, एक के सिर पर चार टांके लगाने पड़े. हमने जो एफआईआर दर्ज की है उसमें बीजेपी के इन तीनों नेताओं का नाम शामिल किया है. हमने पुलिस को पर्याप्त सबूत दिए है लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है."
विराट कहते है कि बीते सोमवार से ही प्रदेश में कई जगह बीजेपी और सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो रही है. इससे पहले सोमवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष माणिक सरकार के विधानसभा क्षेत्र धानपुर में बीजेपी और सीपीआईएम समर्थकों के बीच जोरदार हिंसक संघर्ष हुआ था.
त्रिपुरा वाम मोर्चा के संयोजक बिजन धर ने इस घटना के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,"बीजेपी के लोग हमारे प्रदेश पार्टी मुख्यालय के अंदर जबरन घुस आए. मैं उस समय वहां मौजूद था. मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन उन्होंने मेरी अवहेलना की और पार्टी के दस्तावेजों को क्षतिग्रस्त कर दिया. वे बहुत हिंसक थे और हमारे नेताओं के फोटो फ्रेम तोड़ दिए, टेलीविजन सेट नष्ट कर दिए और हमें हमारी राजनीतिक गतिविधियों को रोकने की धमकी दी. हमारे कार्यालय के सामने भी कुछ कारों और मोटरसाइकिलों में आग लगा दी गई."
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बीजेपी ने सीपीआईएम पर आरोप लगाया
लेकिन बीजेपी आरोप लगाती है कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता बुधवार की शाम अगरतला में शांतिपूर्ण ढंग से सीपीआईएम की गुंडागर्दी के ख़िलाफ़ 'धिक्कार रैली' निकाली थी लेकिन सीपीआईएम के लोगों ने कार्यालय की छत से उन पर पथराव किया जिसके बाद यह सारी हिंसा हुई.
त्रिपुरा प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता नबेंदु भट्टाचार्य कहते है," माकपा की इस हिंसा के खिलाफ हमारे कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से धिक्कार रैली निकाली थी. माकपा के शीर्ष नेता कुछ दिनों से अपने कैडरों को बीजेपी समर्थकों पर हथियार-लाठी से हमला करने के लिए उकसा रहे थे. सामाजिक माध्यम में वे लोग यह सारी बातें अपने कैडरों से बोल रहे थे. हमने हमेशा कहा कि इस शांत राज्य त्रिपुरा को अशांत करने की कोशिश ना करें. इसके नतीजे ठीक नहीं होंगे. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार खुद खड़े रहकर यह संत्रास फैलाया है. इसी के ख़िलाफ़ हमने धिक्कार रैली निकाली थी."
"माकपा के लोगों ने उदयपुर में हमारे एक कार्यकर्ता की बुरी तरह पिटाई की थी. उनका सिर फोड़ दिया गया और बाद में माकपा के लोगों ने पिटाई का पूरा वीडियो बनाकर चारों तरफ फैला दिया ताकि प्रदेश में उत्तेजना पैदा कर माहौल खराब किया जा सके. इसके विरोध में हमारे युवा और महिला कार्यकर्ताओं ने बुधवार को अगरतला में एक विरोध रैली निकाली थी. लेकिन हमारी रैली जब मैलार माठ कालीबाड़ी की तरफ से गुजर रही थी उस दौरान माकपा के ज़िला कार्यालय से हमारी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए पत्थर फेंके गए. जब हमारी महिलाओं पर हमला किया गया तो युवा मोर्चा के सदस्य को माकपा के समाज विरोधियों को पकड़ने के लिए पार्टी के ऑफिस में घुसना पड़ा. माकपा कार्यालय की छत से जिस तरह पथराव किया गया उसमें हमारे सात लोगों को गहरी चोटें आई है."
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इस हिंसक संघर्ष की जांच में जुटे अनुमंडल पुलिस अधिकारी रमेश यादव ने मीडिया से कहा है कि वे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और सभी दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी.
लेकिन मीडिया संस्थान पर हमले को लेकर नाराज विभिन्न मीडिया आउटलेट्स के संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों ने गुरुवार की सुबह राज्य पुलिस के आईजी (कानून-व्यवस्था) अरिंदम नाथ से मुलाकात की है.
पुलिस अधिकारी से मिलने के बाद संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे विरोध में एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे. वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों ने पश्चिम अगरतला थाने में घटना की एक शिकायत दर्ज कराई है.
प्रकाश करात ने अमित शाह से कार्रवाई की अपील की
सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता प्रकाश करात ने बीजेपी पर त्रिपुरा में अपनी पार्टी के दफ़्तरों पर हमला करने और तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "बीजेपी के गुंडों ने आठ सीपीआई दफ़्तरों पर हमला किया और दो-तीन दफ्तरों को आग लगाकर पूरी तरह से बर्बाद कर दिया. इस हमले में हमारे 10 कॉमरेड घायल हुए हैं."
सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने भी एक ट्वीट में लिखा है, "राज्य सरकार की शह पर बीजेपी की बर्बर फ़ासीवादी हिंसा से लोगों का प्रतिरोध और मज़बूत हुआ है."
बुधवार को बीजेपी और सीपीआई के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों की ख़बरें आई थीं.
सीपीआईएम के ट्विटर हैंडल से कई वीडियो ट्वीट किए गए जिसमें दावा किया गया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सीपीआईएम के दफ़्तरों पर हमला किया है. कुछ वीडियो में ऑफ़िस में आग लगी हुई दिखाई दे रही है.
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