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सोनू सूद का केजरीवाल के साथ आना राजनीति में सॉफ़्ट लॉन्च है?
सोनू सूद हाल के समय में सामाजिक कार्यों के लिए सुर्खियों में रहे हैं, अरविंद केजरीवाल के साथ एक मंच से दिल्ली सरकार के एक कार्यक्रम का ब्रैंड एम्बैसडर बनने की घोषणा के क्या मायने हैं?
फ़िल्म अभिनेता और कोरोना महामारी के दौरान सामाजिक कार्यों की वजह से चर्चा में रहे सोनू सूद आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे या नहीं, यह अभी नहीं कहा जा सकता, लेकिन वे एक मंच पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ नज़र आए.
इस कार्यक्रम में घोषणा की गई कि वे 'देश के मेंटोर' नाम के उस कार्यक्रम के ब्रैंड एंबेसडर होंगे जिसके ज़रिए स्कूली बच्चों को भविष्य के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा, आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार इस कार्यक्रम की शुरुआत सितंबर महीने के मध्य में करेगी.
सोनू सूद ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है और उनके ब्रैंड एम्बैसेडर बनने का राजनीति से कोई संबंध नहीं है, लेकिन वे ज़रूर जानते होंगे कि यह अरविंद केजरीवाल के लिए राजनीतिक तौर पर फ़ायदे का ही सौदा है.
'कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई'
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा गया कि क्या सोनू सूद से राजनीतिक चर्चा भी हुई. इस पर उन्होंने कहा, "नहीं-नहीं हमारे बीच कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई."
वहीं सोनू सूद ने भी कहा, "बच्चों के भविष्य का मुद्दा पॉलिटिक्स से भी बड़ा मुद्दा है. मुझे लंबे समय से पॉलिटिक्स से जुड़ने का मौका मिलता आया है, लेकिन मेरी रुचि नहीं है. मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है, जिसकी सोच अच्छी है, उसे दिशा ज़रूर मिल जाती है."
सोनू सूद कोरोना महामारी के दौरान ज़रूरतमंद लोगों तक सामान पहुँचाने के लिए, अलग-अलग जगहों पर फँसे मज़दूरों को उनके घर तक पहुँचाने के लिए देश भर में और ख़ास तौर पर सोशल मीडिया में चर्चा में रहे.
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान उनके कई वीडियो सामने आए जिनमें वे ऑक्सीजन सिलेंडरों की डिलिवरी ख़ुद करते दिखे, इसके अलावा उनकी अपील से कोरोना प्रभावित लोगों की मदद के लिए अच्छी ख़ासी रकम भी जुटाई गई.
आम आदमी पार्टी की उम्मीदें
इस तरह उनकी छवि एक मददगार मसीहा के तौर पर बनी और साथ ही ऐसी अटकलें भी तेज़ हो गईं कि वे राजनीति में आ सकते हैं, उनसे कई बार ऐसे सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.
कई बार ऐसे कयास लगाए गए कि वे सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल के साथ एक मंच पर आकर उन्होंने लोगों को चौंका ज़रूर दिया है.
आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में ज़ोर-शोर से चुनाव लड़ने की तैयारी में है, पंजाब और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों पर भी पार्टी की नज़र है.
सोनू सूद पंजाब के मोगा ज़िले में पैदा हुए थे और माना जा रहा है कि उनके आम आदमी पार्टी के साथ आने से राज्य में अरविंद केजरीवाल की पार्टी की हालत दोबारा सुधर सकती है.
पिछले दो चुनावों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करने के बाद पार्टी भारी अंदरूनी कलह का शिकार हुई और एक तरह से बिखर गई, अब सोनू सूद की मौजूदगी कितनी होगी, उसका असर कैसा होगा, यह देखने वाली बात होगी.
सोनू सूद को 'जोधा अकबर' (2008) और 'दबंग' (2010) जैसी फ़िल्मों में काम करने की वजह से प्रसिद्धि मिली है.
वैसे 2010 के बाद से उनका फ़िल्मी करियर कोई बहुत अच्छा नहीं चल रहा था और वे हिंदी की छोटे बजट की फ़िल्मों के अलावा तमिल और तेलुगु फ़िल्मों में लगातार काम कर रहे थे. फ़िल्म 'दबंग' में वे छेदी सिंह की भूमिका में नज़र आए थे और इस किरदार ने उन्हें अच्छी प्रसिद्धि दी थी. उसके बाद वो तमाम फ़िल्मों में काम करते रहे हैं, लेकिन उनका करियर कोई ख़ास असर नहीं छोड़ सका है.
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