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मॉनसून सत्र कल से, कई मोर्चों पर मोदी सरकार को घेरेगा विपक्ष
ऐसा माना जा रहा है कि सोमवार 19 जुलाई से शुरू होने वाले संसद का मॉनसून सत्र काफ़ी हंगामे वाला होगा.
जहाँ एक ओर नरेंद्र मोदी सरकार एक दर्जन से अधिक नए विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्षी दल सरकार को कोविड की दूसरी लहर के दौरान सरकार के कथित कुप्रबंधन, किसान आंदोलन, महँगाई और सीमा पर चीन की कार्रवाई जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेंगे.
भारतीय किसान यूनियन पहले ही कह चुकी है कि तीन विवादित कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसान मॉनसून सत्र के दौरान संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे. इस प्रदर्शन की वजह से संसद में कृषि कानूनों पर होने वाली गहमागहमी बढ़ सकती है.
कोविड-19 महामारी के प्रबंधन से जुड़े मसले, खास तौर पर राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों पर भी विपक्ष सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा. हालाँकि सरकार ने टीकाकरण का रिकॉर्ड बनाने का दावा किया लेकिन उसके पहले और उसके बाद देश भर में टीकाकरण की धीमी गति का मुद्दा भी उठ सकता है.
सरकार ने पीयूष गोयल को राज्यसभा में सदन का नया नेता बनाया है. गोयल थावरचंद गहलोत का स्थान लेंगे जिन्हें कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. गोयल की नियुक्ति को उनकी संगठनात्मक क्षमताओं और विभिन्न दलों के नेताओं के साथ अच्छे सम्बन्ध से जोड़कर देखा जा रहा है.
गोयल सदन के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा और एनसीपी नेता शरद पवार सहित कई विपक्षी नेताओं से मुलाक़ात कर चुके हैं.
दूसरी तरफ़, कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में पार्टी के नेता बने रहने देना का फ़ैसला किया है. चौधरी को पद से हटाए जाने की अटकलें कई दिनों से चल रही थीं.
राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने भी विपक्ष और ट्रेजरी बेंच के नेताओं से एक सुचारू और सार्थक सत्र सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.
कोविड का साया
कोविड-19 महामारी के प्रकोप से भारत का संसद भी अछूता नहीं रह पाया है. संसद के पिछले तीन सत्रों को बीच में ही समाप्त करना पड़ा जबकि इस महामारी के कारण 2020 का पूरा शीतकालीन सत्र रद्द कर देना पड़ा था.
चूंकि कोविड-19 से बना खतरा अभी ख़त्म नहीं हुआ है इसीलिए यह फैसला लिया गया है कि मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा के 280 सदस्य लोकसभा कक्ष में और 259 सदस्य सभा की दीर्घाओं में बैठेंगे. इसी तरह का इंतज़ाम राज्यसभा में भी किया गया है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा है कि संसद सदस्यों, अधिकारियों, मीडिया और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं. वैक्सीन की एक डोज़ ले चुके सदस्यों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य नहीं होगा. साथ ही, आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा संसद भवन परिसर में उपलब्ध रहेगी.
बिड़ला के अनुसार 441 लोकसभा सदस्यों को टीका लगाया जा चुका है और बाकी सदस्यों को टीका मेडिकल आधार पर नहीं लगाया जा सका है. कोविड के कारण लगाए गए प्रतिबंधों के कारण संसद के मॉनसून सत्र के दौरान आगंतुकों को संसद भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.
पहले दिन क्या होगा?
मॉनसून सत्र की शुरुआत चार नए सांसदों के शपथ ग्रहण से होगी. ये सांसद हैं वाईएसआर कांग्रेस के तिरुपति से नवनिर्वाचित सांसद मदीला गुरुमूर्ति, बेलगाम से बीजेपी की नवनिर्वाचित सांसद मंगल सुरेश अंगादि, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के मलप्पुरम से नवनिर्वाचित सांसद एमपी अब्दुस्समद समादनी और कांग्रेस के कन्याकुमारी से नवनिर्वाचित सांसद विजयकुमार.
नए सांसदों के शपथ ग्रहण के बाद उन 40 पूर्व लोकसभा सांसदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी जिनका बजट सत्र और मॉनसून सत्र के बीच निधन हो गया.
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए कैबिनेट और राज्य मंत्रियों का परिचय कराएँगे.
मॉनसून सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फैक्टरिंग रेगुलेशन एक्ट, 2011 में संशोधन करने के लिए लिए फैक्टरिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2020 पेश करेंगी. ये संशोधन उन संस्थाओं के दायरे को बढ़ाने के लिए है जो फैक्टरिंग व्यवसाय में शामिल हो सकते हैं.
साथ ही, नव-निर्वाचित कैबिनेट मंत्री पशुपति कुमार पारस राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान, उद्यमिता और प्रबंधन विधेयक, 2021 पेश करेंगे. ये विधेयक खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन के कुछ संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित करने से संबंधित है.
लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद पशुपति कुमार पारस हाल ही सुर्ख़ियों में थे जब उन्होंने अपने भतीजे चिराग पासवान के ख़िलाफ़ बग़ावत का बिगुल फूंक दिया था. कई दिन चली खींचतान के बाद उन्हें चिराग पासवान के स्थान पर एलजेपी के लोकसभा ने नेता के रूप में मान्यता दे दी गई थी और हाल ही में हुए केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विस्तार में उन्हें खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नियुक्ति किया गया.
कौन से विधेयक पारित करवाने की कोशिश?
मॉनसून सत्र में सरकार आधा दर्जन अध्यादेश, नौ लंबित बिल और कम से कम 15 नए बिल लाने की तैयारी कर रही है. सरकार डीएनए प्रौद्योगिकी, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए प्रस्तावित कानून, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान और न्यायाधिकरण सुधार से जुड़े विधेयक पारित करवाने की कोशिश करेगी. साथ ही, समुद्री सहायता और नेविगेशन विधेयक, बाल संरक्षण प्रणाली को मजबूत करने के लिए विधेयक पारित करने का प्रयास भी किया जाएगा.
नए विधेयकों में से एक विवादास्पद आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक है जो उस अध्यादेश की जगह लेगा जिसमें रक्षा उत्पादन इकाइयों में हड़ताल पर प्रतिबंध लगाया गया है.
सरकार इस सत्र में एक नया सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) विधेयक लाने की कोशिश भी कर सकती है. इस प्रस्तावित विधेयक के एक नए विवादस्पद प्रावधान के अनुसार केंद्र सरकार को अब उन फिल्मों की फिर से जांच करने का निर्देश देने का अधिकार होगा जिन्हें पहले ही मंजूरी दी जा चुकी हो. इस नए विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी के बाद सूचना-प्रसारण मंत्रालय संसद में पेश कर सकता है.
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