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जयपुर: सेल्फ़ी लेने के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, 11 लोगों की मौत
राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत राज्य के कई ज़िलों में रविवार को तेज़ बारिश हुई. आकाशीय बिजली गिरने से राज्य में कम से कम बीस लोगों की मौत हो गई है.
जयपुर के उत्तर में 11 लोगों की मौत तो उस समय हुई जब वो सेल्फ़ी ले रहे थे. जिस समय ये हादसा हुआ ये लोग आमेर क़िले के वॉच टावर के ऊपर बारिश में सेल्फ़ी ले रहे थे. जब यह दुर्घटना हुई तब क़रीब 27 लोग क़िले की मीनार और दीवार पर थे. जब आकाशीय बिजली गिरी तो उनमें से कुछ ने कथित तौर पर नीचे छलांग लगा दी.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, मरने वालों में ज़्यादातर युवा थे.
बीबीसी के सहयोगी मोहर सिंह मीणा ने जयपुर कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने जयपुर में बारिश से जन-जीवन पर पड़े असर के संबंध में बात की.
अंतर सिंह नेहरा ने बीबीसी को बताया, "11 लोगों की मौत हो गई है और 11 लोग घायल हैं जिनका इलाज सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जारी है. संबंधित अधिकारियों को घायलों के इलाज के निर्देश दिए गए हैं."वहीं राज्य के दूसरे हिस्से झालावाड़ में एक, बारां में एक और कोटा में चार बच्चों की मौत हुई है. कोटा में आठ बच्चे घायल भी हैं, जिनका इलाज जारी है.
धौलपुर में भी तीन बच्चों की मौत की पुष्टि प्रशासन ने की है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलौत ने राज्य में हुए इन हादसों पर दुख जताया है.
यूपी: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 42 लोगों की मौत
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश में रविवार को हुई भारी बारिश के दौरान बिजली गिरने से अलग-अलग जगहों पर 42 लोगों की मौत हो गई है.
मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है.
राहत आयुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम के मुताबिक़, पूरे प्रदेश में आकाशीय बिजली से मरने वालों की संख्या 42 है. 23 लोग गंभीर रूप से घायल भी हैं. इसके अलावा 249 पशुओं की भी मौत हुई है जबकि 20 पशु घायल हैं.
अकेले प्रयागराज में ही रविवार को 13 लोगों के मरने की पुष्टि की गई थी.
मुख्यमंत्री ने ज़िला प्रशासन को मृतकों के परिवार वालों को सहायता प्रदान करने और घायलों के समुचित इलाज के लिए आदेश जारी किया है.
बिजली गिरने से क्यों मरते हैं भारतीय लोग?
भारत में आधिकारिक तौर पर 12 आपदाओं को प्राकृतिक आपदा माना गया है, लेकिन आसमानी बिजली गिरना उनमें शामिल नहीं है.
भारत में हर साल बिजली गिरने से कई लोगों की मौत हो जाती है. ये मौतें ख़ासकर उत्तर भारतीय राज्यों में होती है.
भारत में एक साल में बिजली गिरने से दो हज़ार लोगों की मौत की ख़बर तक सामने आई हैं.
भारत में ज़्यादा मौतें क्यों?
ज़ाहिर है दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी बिजली गिरती है, ऐसे में भारत में सबसे ज़्यादा मौतें क्यों होती हैं?
इसकी सबसे बड़ी वजह तो यही है कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में चेतावनी देने की व्यवस्था बेहतर है, समय से पहले लोगों को ये बताया जाता है कि इन इलाकों में मौसम ख़राब हो सकता है, बिजली गिर सकती है. ये स्थिति भारत में नहीं है.
इसके अलावा जून से सितंबर के महीने में जो मानसूनी हवाएं चलती हैं, वो बड़ी मात्रा में भारत तक पहुंचती हैं, इसकी वजह भारत की भौगोलिक स्थिति है. अरब महासागर में भारत का आधा हिस्सा किसी प्रायद्वीप की तरह है. इसलिए ये मानसूनी हवाएं भारत के बहुत बड़े हिस्से को प्रभावित करती हैं.
यानी भारत में ख़ूब बरसात होती है. उत्तर पूर्वी राज्यों में मानसूनी हवाएं बड़ी रफ़्तार में पहुंचती हैं, ऐसी जगहों पर बिजली गिरने की आशंका बनी रहती है.
इसके अलावा दुनिया भर की तुलना में भारत में बहुत सारे लोग खेती किसानी के कामों के लिए अपने अपने घरों से बाहर निकलते हैं और बिजली गिरने पर उनके चपेट में आने की आशंका ज़्यादा बनी रहती है.
बिजली गिरने पर इन बातों का रखें ध्यान
बिजली गिरने की स्थिति में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ये जानना आपके लिए अहम जानकारी है.
- अगर किसी पर बिजली गिर जाए, तो फ़ौरन डॉक्टर की मदद माँगे. ऐसे लोगों को छूने से आपको कोई नुक़सान नहीं पहुँचेगा.
- अगर किसी पर बिजली गिरी है तो फ़ौरन उनकी नब्ज़ जाँचे और अगर आप प्रथम उपचार देना जानते हैं तो ज़रूर दें. बिजली गिरने से अकसर दो जगहों पर जलने की आशंका रहती है- वो जगह जहाँ से बिजली का झटका शरीर में प्रवेश किया और जिस जगह से उसका निकास हुआ जैसे पैर के तलवे.
- ऐसा भी हो सकता है कि बिजली गिरने से व्यक्ति की हड्डियाँ टूट गई हों या उसे सुनना या दिखाई देना बंद हो गया हो. इसकी जाँच करें.
- बिजली गिरने के बाद तुरंत बाहर न निकलें. अधिकाशं मौतें तुफ़ान गुज़र जाने के 30 मिनट बाद तक बिजली गिरने से होती हैं.
- अगर बादल गरज रहे हों, और आपके रोंगटे खड़े हो रहे हैं तो ये इस बात का संकेत है कि बिजली गिर सकती है. ऐसे में नीचे दुबक कर पैरों के बल बैठ जाएँ, अपने हाथ घुटने पर रख लें और सर दोनों घुटनों के बीच. इस मुद्रा के कारण आपका ज़मीन से कम से कम संपर्क होगा.
- छतरी या मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल न करें- धातु के ज़रिए बिजली आपके शरीर में घुस सकती है. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपा है कि कैसे 15 साल की एक किशोरी पर बिजली गिर गई थी जब वो मोबाइल इस्तेमाल कर रही थीं. उसे दिल का दौरा पड़ा था.
- ये मिथक है कि बिजली एक ही जगह पर दो बार नहीं गिर सकती.
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